Thursday, August 17, 2017

नशे में रात को नाचते हुड़दंगी कोचिंग छात्र छात्राओं की खबर में भाटिया आश्रम सूरतगढ का नाम क्यों?

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सूरतगढ़ 17 अगस्त 2017.
 स्वतंत्रता दिवस की रात में पेइंग गेस्ट हॉस्टल में कोचिंग करने वाले छात्र-छात्राओं ने जमकर हुड़दंग मचाया जिनके शराब के अलावा कोई नशा किया हुआ था। पुलिस का यह बयान कई समाचार पत्रों में पूरी खबर के साथ छपा है जो चौंकाने वाला है। कोचिंग करने वाले लड़के और लड़कियां किधर भटक रहे हैं? सूरतगढ़ में शहर के अलावा दूर-दूर के छात्र-छात्राएं आते हैं लेकिन उन पर घर वालों की कोई निगाहें नहीं होती। पुलिस में अनेक बार लोगों ने शिकायत की कि पेइंग गेस्ट हॉस्टल में रहने वाले छात्र आदि रात्रि को हुड़दंग करते हैं जिससे शहर का वातावरण खराब होता है। स्वाधीनता दिवस पर यह कैसी स्वाधीनता सामने आई है?.

  लड़कों के एक  पेइंग गेस्ट हॉस्टल की छत पर पार्टी होती है और पास के लड़कियों के पेइंग गेस्ट हॉस्टल कीमत​ लड़कियां उस पार्टी में शामिल होती हैं।यह पूरी खबर चौंकाने वाली है और अभिभावकों को इस खबर के पढ़ने से कोई निर्णय लेना चाहिए।अभिभावक कोई निर्णय नहीं लेते हैं तो उनके भटके बच्चे किधर चले जाएंगे? खबर में शराब के अलावा किसी और नशे का छपा होना साफ संकेत कर रहा है। सूरतगढ़ के कोचिंग सेंटरों के नाम पर अभिभावक अपने बच्चों को भेजते हैं तथा पेइंग गेस्ट हॉस्टल का प्रबंध कर के जाते हैं या लड़के लड़कियां खुद ही प्रबंध करते हैं। सस्ते के नाम पर बच्चों को सूरतगढ़ में भेजना कोचिंग कराना अच्छा हो सकता है लेकिन पिछले कुछ महीनों से हालात खराब होने की ओर बढ़ रहे हैं।कोचिंग वालों के अपने हास्टल भी है और वे दिखावटी अच्छे प्रबंध व रात्रि की सरक्षा व्यवस्था का दावा करते हैं। लेकिन घटनाएं नामी संस्थाओं की सही तस्वीर सामने रख देती हैं।
 ऐसी हालत में अभिभावकों को ही निर्णय करना होगा कि अपने लड़के लड़कियों को बिगड़े माहौल में बिगड़ने को छोड़ दें या फिर वहां ले जाएं जहां निगरानी रख सकें।








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