Monday, August 7, 2017

करणी प्रेस इंडिया के पाठक 8 लाख की संख्या पार: नया रूप नई सजा नया विस्तार


रक्षाबंधन के पावन दिवस पर देश विदेश के पाठकों ने दिया उपहार:
 सूरतगढ़,7अगस्त 2017़
देश में रक्षा बंधन पर्व मनाने की चल रही खुशियों में 7 अगस्त 2017 के  दिन करणी प्रेस इंडिया के पाठकों की संंख्या 8 लाख से पार कर गई।
सच्च को सामने लाने में और दबे हुए लोगों की आवाज को उठाने व समाज को जगाने का प्रयास करने में करणी प्रेस इंडिया का सदा सहयोग रहा है। यह ऊंचाई पार करना प्रसन्नता पैदा करने वाली तो है ही और आगे बढऩे की प्रेरणा देने वाली भी रहेगी। इस साइट को देखना या इसके लिंक को फेस बुक पर तथा ऑल वर्ड ब्लॉग संगठन की न्यूज में देख पढ़ कर तत्काल विचार प्रगट करना पाठकों का ऐसा कदम रहा है कि उससे निरंतर तेजी आई है। हमने विचारों को नया विस्तार दिया है जिसमें अनेक नए विषय शामिल किए हैं। व्यक्ति नहीं कानून को व तथ्यों को सर्वाेपरि मानते हुए आगे बढ़ें हैं। कई लोग कानूनों से परिचित नहीं होते इसलिए उनको लिखा हुआ अच्छा नहीं लगता,लेकिन उनकी टिप्पणियों पर भी गौर किया जाता है, लेकिन विशाल देश में नए नए समाचार तेजी से आते हैं इसलिए किसी विषय को पकड़ कर ही नहीं रखा जाता। नए विषय पर आगे बढऩा होता है।
बड़े अखबार जिन समाचारों को रोकने में दबाने में व अपनी ईच्छानुसार बदल कर छापने में समय के अनुसार लगे हुए हैं। ऐसे समय में निर्भीक स्वतंत्र लेखन व समाचार देने का प्रयास रहा है। यही एक महत्वपूर्ण प्रमाण है कि अनेक समाचार बड़े अखबारों में नहीं मिलते जो करणी प्रेस इंडिया में पढऩे को मिल जाते हैं। अखबारों में व चैनलों में आसपास के समाचार देने में आनाकानी होती है,लोग समाचार देखने को पढऩे को आतुर रहते हैं लेकिन मिलते नहीं हें। वे समाचार व बिंदु करणी प्रेस इंडिया में देने का प्रयास रहता है।
राजनैतिक आपराधिक सामाजिक धार्मिक आर्थिक विषय शहरी व ग्रामीण,सरकारी व गैर सरकारी सभी में आगे रहने का प्रयास सदा सफल रहा है।
हमारे समाचार,विचार,टिप्पणियां,लेख,कहानियां,कविताएं एवं फोटो कवरेज आसपास और देश प्रदेश में सभी वर्गों द्वारा सराहे जाते रहे हैं।
हमारे असंख्य पाठकों की आलोचनाओं समालोचनाओं ने ही इस ऊंचे शिखर पर पहुंचाया है। उनकी आलोचनाओं समालोचनाओं भरी राय से ही आगे और आगे बढऩे की प्रेरणा मिली है।
उच्च कोटि की टिप्पणियों व समाचारों के लिए लोग इस साइट पर भरोसा करते हुए देखते हैं।
पाठकों से आग्रह है कि करणी प्रेस इंडिया को देखते रहें व फोलोवर बनें।

www.karnipressindia.com

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