Thursday, August 24, 2017

2 साध्वियों ने यौन शोषण का आरोप लगाया था-अदालत में भी अपने बयानों पर डटी रही

चंडीगढ 24 अगस्त 2017.केवल गुमनाम पत्र पर ही मुकदमा नहीं चला है। यौन शोषण की शिकार दो साध्वियों ने सीबीआई जांच में आरोप लगाए  थे जो अदालत में अपने बयानों पर डटी रहीं।

साध्वी यौन शोषण मामले में डेरा मुखी पर सीबीआइ कोर्ट का फैसला शुक्रवार दोपहर 2.30 बजे आएगा। इसके चलते पंचकूला सीबीआइ कोर्ट के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और चप्पे-चप्पे पर पुलिस व अर्ध सैनिक बलों के जवान तैनात हैं। हाईकोर्ट ने भी हरियाणा सरकार को सुरक्षा व्यवस्था और पुख्ता करने के सख्त निर्देश दिए हैं।

डेरा सच्चा सौदा प्रमुख के खिलाफ साध्वी यौन शोषण मामले फैसला आने में चंद घंटे बाकी हैं। पंचकूला स्थित विशेष सीबीआइ कोर्ट के न्यायाधीश जगदीप सिंह शुक्रवार दोपहर 2.30 बजे 15 साल पुराने यौन शोषण मामले में फैसला सुनाएंगे। विशेष जज को कड़ी सुरक्षा के बीच कोर्ट परिसर तक पहुंचाया जाएगा। जबकि डेरा प्रमुख के कोर्ट में पहुंचने को लेकर संशय की स्थिति बरकरार है। हालांकि डेरा प्रमुख ने ट्वीट के जरिये कहा है कि वह कोर्ट में पहुंचेंगे। सीबीआई कोर्ट के बाहर सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किये गए हैं। हरियाणा और पंजाब बॉर्डर को पूरी तरह सील किया गया है। डेरा अनुयायियों की बढ़ती संख्या और प्रदेशभर के हालात देख पुलिस हर घंटे अपनी प्लानिंग बदल रही है। पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों में चर्चा है कि डेरा प्रमुख यदि सरकार के साथ तालमेल बैठाकर पंचकूला आते हैं तो प्रबल संभावना है कि उन्हें हेलीकॉप्टर से लेकर आया जाए। हालांकि इसपर अभी तक औपचारिक फैसला नहीं हो पाया है।

बता दें कि इस मामले में दो साध्वियों ने डेरा प्रमुख के खिलाफ यौन शोषण के आरोप लगाए थे और वे दोनों अदालत में अपने बयानों पर अड़ी रही थी। बचाव पक्ष की ओर से मामले में साध्वी यौन शोषण मामले में डेरा पक्ष की ओर से 98 गवाहों की सूची अदालत को सौंपी गई थी। इनमें से 37 गवाहों की गवाही अदालत में दर्ज करवाई गई थी। जबकि सीबीआइ ने 15 लोगों की गवाही करवाई थी।

तत्कालीन पीएम वाजपेयी को लिखा था पत्र


बता दें कि विशेष सीबीआइ कोर्ट में डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम पर दो साध्वियों से यौन शोषण समेत दो हत्या के मामले चल रहे हैं। तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को लिखे गुमनाम पत्र के माध्यम से एक साध्वी ने डेरा प्रमुख पर यौन शोषण के आरोप लगाए थे। उच्च न्यायालय ने पत्र का संज्ञान लेते हुए सितंबर 2002 को मामले की सीबीआइ जांच के आदेश दिए थे। सीबीआइ ने जांच में उक्त तथ्यों को सही पाया और डेरा प्रमुख के खिलाफ विशेष अदालत के समक्ष 30 जुलाई 2007 में आरोप पत्र दाखिल कर दिया था।


न्याय की जीत होगी : वर्मा


इस केस को फैसले की घड़ी तक  लाने वाले सीबीआइ के वकील एचपीएस वर्मा का कहना है कि हमें न्यायालय पर पूरा भरोसा है। डेरा प्रमुख के खिलाफ दोनों साध्वियों ने बिना किसी दबाव के आरोप लगाए और वह अदालत में भी अपने बयानों पर कायम रहीं। इन दोनों साध्वियों का बयान ही डेरा प्रमुख को सजा दिलवाने के लिए काफी है। वर्मा ने कहा कि शुक्रवार के दिन न्याय की जीत होगी।

पहली बार कोर्ट में फैसले की घड़ी पर आएंगे डेरा मुखी

डेरा प्रमुख को जान का खतरा होने के चलते सरकार से जेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त है और अदालत से इसी खतरे का हवाला देकर पर्सनल पेशी से छूट मिली थी। अदालत ने सिरसा अदालत से वीडियो कांफ्रेंसिंग द्वारा करवाए जाने की छूट दे रखी थी। पंचकूला में जब से सीबीआइ कोर्ट आई है, तब से एक बार भी डेरा प्रमुख कोर्ट नहीं आए, वह केवल वीडियो कांफे्रंसिंग से पेश होते थे। वीरवार को पहली बार उन्हें निजी तौर पर सीबीआइ कोर्ट में पेश होना है।

हाईकोर्ट ने सरकार को लगाई फटकार

इससे पहले वीरवार को एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार को जमकर फटकार लगाई। पंचकूला में डेरा प्रेमियो के बड़ी तादाद पर कोर्ट ने कहा कि सरकार की मर्जी से यह ही यह भीड़ इकट्ठी हुई है। सरकार ने मामले में आंख बंद रखी और जरूरी सक्रियता नहीं दिखाई। हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को भी  सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए और अधिक फोर्स तैनात करने को कहा। कोर्ट के मुताबिक हरियाणा के डीजीपी मामले से निपटने में पूरी तरह फेल साबित हो रहे हैं।

सेक्टर-5 में है हेलीपैड

डेरा मुखी को लाने के लिए सेक्टर-5 में जहां पर सीएम और केंद्रीय मंत्रियों के हेलीकॉप्टर उतरते हैं, वहीं पर प्रशासन हेलीपैड तैयार करवा सकता है। जहां से कोर्ट तक पहुंचने का रास्ता मात्र तीन से पांच मिनट का है। सेक्टर-5 से लेकर सेक्टर एक कोर्ट परिसर तक मार्ग पूरी तरह सुरक्षित है और यहां पर डेरा प्रेमियों का जमावड़ा भी नहीं है।


हमें तो बस दर्शन करवा देना


डेरा प्रेमी लगातार प्रशासन एवं पुलिस से गुहार लगा रहे हैं कि हमें एक ऐसी जगह बैठा दिया जाए जहां पर उनके सतगुरु आएं और उन्हें अपने दर्शन देकर वापस सिरसा चले जाएं। डेरा प्रेमी लगातार डेरा द्वारा किए जा 133 मानव भलाई कार्यों का हवाला देते रहे। उनके गुरु को झूठे मुकदमे में उलझाया गया है।


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