Thursday, July 6, 2017

SC ST की कृषि भूमि पर बनी कॉलोनियों का नियमन आदेश उच्च न्यायालय ने रद्द किया

राजस्थान हाईकोर्ट ने पृथ्वीराज नगर में भूमि अधिग्रहण से जुड़े मामले में आज सुनवाई की। कोर्ट ने मामले में सुनवाई करते हुए राज्य सरकार के उस सर्कुलर पर रोक लगा दी है जिसमें एससी—एसटी की कृषि भूमि पर बसी कॉलोनियों के नियमन का प्रावधान किया गया था।

न्यायाधीश एमएन भंडारी की कोर्ट ने आज ये आदेश दिए। कोर्ट ने अमरचंद की याचिका पर स्वप्रेरित प्रसंज्ञान लेते हुए स्वायत्त शासन विभाग के 24 मई 2017 को जारी सर्कुलर पर रोक लगा दी। सर्कुलर में एससी और एसटी की कृषि भूमि पर बसी कॉलोनियों के नियमन का प्रावधान किया गया था। इसमें बताया गया था कि 27 जून 1999 के बाद बसी कॉलोनियों का अब नियमन हो सकता है। इस सकुर्लर पर आज दि. 6-7-2017 को कोर्ट ने रोक लगा दी है। 


( विदित रहे कि राजस्थान में अनुसूचित जाति जनजाति की जमीन को इसी वर्ग के स्त्री पुरुषों  प्रभावशाली लोगों ने खरीद कर कालोनियों को बनाया। पैसे वाले लोगों ने सामान्य वर्ग के होते हुए भूखंड खरीद लिए। बहुत बड़ा लाभ उठाया। अनुसूचित जाति जनजाति की जमीन सामान्य वर्ग खरीद नहीं सकता। इस नियम की मूल भावना के विपरीत AC/ ST लोगों की जमीनों पर बनी कॉलोनियों के भूखंड सामान्य वर्ग के लोगों ने खरीदे। सच्चाई यह भी है कि कॉलोनियों का निर्माण होने से पहले ही यह कार्य लोगों ने योजनाबद्ध तरीके से किया। राजस्थान सरकार ने इनके नियमन का सर्कुलर भी जारी कर दिया। सर्कुलर की खास विशेषता यह रही थीकि जारी 24 मई 2017 को हुआ और 27 जून 1999 से लाभ दिया गया। इस प्रकार की कॉलोनियां पूरे राजस्थान में बनाई हुई है।सूरतगढ़ में भी बनी हुई हैं तथा भूखंड सामान्य जाति के लोगों ने लिए)


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