Tuesday, July 18, 2017

आनंद पाल सिंह एनकाउंटर की जांच CBI से होगी

जयपुर 18 जुलाई 2017

आनंदपाल एनकाउंटर की जांच सीबीआई से करवाने की मांग सरकार द्वारा स्वीकार कर ली गई है। राजपूत समाज से वार्ता के बाद सरकार ने  एनकाउंटर की जांच सीबीआई से करवाए जाने पर विचार करने पर सहमति जताई है।  इसके साथ ही अन्य कुछ मांगों पर भी सरकार और समाज के बीच सहमति बनी है।  राजपूत समाज ने वार्ता के बाद आंदोलन स्थगित करने की घोषणा भी की।  

सचिवालय में सरकार और राजपूत समाज के प्रतिनिधियों के बीच कई घंटों की वार्ता के बाद मांगों पर सहमति बनी  है।  सरकार की ओर से​ वार्ता में गृहमंत्री गुलाब चंद कटारिया मौजूद रहे।  

वार्ता के बाद कटारिया और राजपूत सभा के अध्यक्ष गिर्राज सिंह लोटवाड़ा ने प्रेस कांफ्रेंस करते हुए सहमति बनी मांगों के बारे में जानकारी दी।  

गृहमंत्री कटारिया ने कहा कि राजपूत समाज की सभी मांगों पर सहमति बन गई है।  उन्होंने कहा कि दोनों एफआईआर के साथ सीबीआई जांच के लिए अनुशंसा की जायेगी।  किसी पर भी द्वेषता पूर्ण कार्रवाई नहीं होगी। 


इधर, वार्ता में सभी मागों पर सहमति बनने के बाद राजपूत सभा के अध्यक्ष गिर्राज सिंह लोटवाड़ा ने आंदोलन स्थगित करने की घोषणा की।  उन्होंने कहा कि सरकार से हुई वार्ता और मांगों पर सहमति से समाज संतुष्ट है।  जयपुर 18 जुलाई 2017

आनंदपाल एनकाउंटर की जांच सीबीआई से करवाने की मांग सरकार द्वारा स्वीकार कर ली गई है। राजपूत समाज से वार्ता के बाद सरकार ने  एनकाउंटर की जांच सीबीआई से करवाए जाने पर विचार करने पर सहमति जताई है।  इसके साथ ही अन्य कुछ मांगों पर भी सरकार और समाज के बीच सहमति बनी है।  राजपूत समाज ने वार्ता के बाद आंदोलन स्थगित करने की घोषणा भी की।  

सचिवालय में सरकार और राजपूत समाज के प्रतिनिधियों के बीच कई घंटों की वार्ता के बाद मांगों पर सहमति बनी  है।  सरकार की ओर से​ वार्ता में गृहमंत्री गुलाब चंद कटारिया मौजूद रहे।  

वार्ता के बाद कटारिया और राजपूत सभा के अध्यक्ष गिर्राज सिंह लोटवाड़ा ने प्रेस कांफ्रेंस करते हुए सहमति बनी मांगों के बारे में जानकारी दी।  


गृहमंत्री कटारिया ने कहा कि राजपूत समाज की सभी मांगों पर सहमति बन गई है।  उन्होंने कहा कि दोनों एफआईआर के साथ सीबीआई जांच के लिए अनुशंसा की जायेगी।  किसी पर भी द्वेषता पूर्ण कार्रवाई नहीं होगी। 

इधर, वार्ता में सभी मागों पर सहमति बनने के बाद राजपूत सभा के अध्यक्ष गिर्राज सिंह लोटवाड़ा ने आंदोलन स्थगित करने की घोषणा की।  उन्होंने कहा कि सरकार से हुई वार्ता और मांगों पर सहमति से समाज संतुष्ट है।  ्वह


श्री राजपूत सभा के अध्यक्ष गिरिराज सिंह लोटवाड़ा के मुताबिक सरकार से सौहार्दपूर्ण वातावरण के बीच वार्ता हुई। जिसमें गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया, केबिनेट मंत्री राजेंद्र सिंह राठौड़ के अलावा डीजी जेल अजीत सिंह शेखावत, एडीजी पीके सिंह समेत राजपूत नेता लोकेंद्र सिंह कालवी, महावीर सिंह सरावड़ी और अन्य नेता अधिकारी मौजूद रहे।

लोटवाड़ा के मुताबिक सरकार से वार्ता ​के बाद जिन मुद्दों पर चर्चा हुई उनमें आनंदपाल की दुबई में मौजूद बेटी चीनू के राजस्थान में लौटने पर गिरफ्तारी नहीं की जाएगी। उसे यहां आने में सरकार की ओर से कोई परेशानी नहीं उत्पन्न की जाएगी।


इन मांगों पर भी बनी सहमति 

 आनंदपाल की दम बेटी दंडको भारत आने में कोई कठिनाई नहीं आने दी जायेगी।  

 श्रवण सिंह और उसके परिवारजन नज़रबंद नहीं, कोई भी ज़िम्मेदार व्यक्ति उनके घर को संभाल सकता है।  

- आनंदपाल के परिजनों द्वारा आवेदन करने पर 24 घंटे में ही पहली पोस्टमॉर्टम की रिपोर्ट उपलब्ध करवा दी जायेगी। ( पहले गृह मंत्री गुलाबचंद कटारिया ने सीबीआई जांच की मांग को स्पष्ट रूप से इनकार कर दिया था। उन्होंने कहा था कि एनकाउंटर सही है और सीबीआई जांच करवाने का मतलब होगा मेरी पुलिस का मनोबल गिराना जो मैं गिराना नहीं चाहता। दोनों FIR में पहले FIR सरकार की पुलिस की ओर से दर्ज है और दूसरी सुरेन्दर मौत की  दर्ज की गई थी।आनंदपाल की पत्नी की FIR आवेदन को पूर्व FIR की फाइल में शामिल किया गया था। आनंदपाल की पत्नी ने रतनगढ़ चिकित्सालय से पोस्टमार्टम रिपोर्ट मांगी थी तब इंकार कर दिया गया था और कहा गया था कि पुलिस से लिखवाकर लाने पर दी जाएगी।

(समझा जा सकता है कि जयपुर में 22 जुलाई के  राजपूत समाज के आंदोलन और भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के जयपुर दौरे को ध्यान में रखते हुए सरकार की ओर से राजपूत समाज से वार्तालाप किया गया। जो भी हो इससे राजस्थान में एक बार उत्तेजित माहौल में शांति मिलेगी।

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