Wednesday, July 19, 2017

गंगानगर जिले में निराश्रित पशुओं बाबत और पैंफलेट चिपकाने वालों पर सख्त कार्यवाही के निर्देश

श्रीगंगानगर, 19 जुलाई। आवारा पशुओं को लेकर कलक्टर ने कहा कि आवारा पशुओं की समस्या पूरे जिले की समस्या है इसको लेकर महीने भर में जिले भर के आवारा पशुओं को नंदी शाला या गौशाला में शिफ्ट कर दिया जाए।

शहर में सफाई और आवारा पशुओं को हटाने के लिए नगर परिषद सख्त कार्रवाई करे। इसमें किसी प्रकार की नरमी नहीं बरती जाए। शहर में जगह जगह पोस्टर लगाने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाएं। जिला कलक्टर श्री ज्ञानाराम ने बुधवार को बिजली पानी, मौसमी बिमारियों को लेकर आयोजित बैठक में ये निर्देश दिए। आवारा पशुओं को लेकर जिला कलक्टर ने कहा कि नगर परिषद ने पिछले दिनों पालतू पशुओं को पकड़ कर अच्छा कार्य किया। अगर इसको लेकर कहीं लॉ एंड आर्डर की स्थिति आए तो प्रशासनिक अधिकारियों को बताएं। लेकिन इसमें किसी प्रकार की कोताही न बरतें, पेनल्टी लगाएं और सख्त कार्रवाई करें। कलक्टर ने नगर परिषद अधिकारियों को कहा कि नंदीशाला में जब पानी, बिजली का कनेक्शन हो गया है, तो इसे अब जल्द शुरू करवाओ।  एडीएम विजीलेंस इसकी मॉनिटरिंग करेंगे। शहर की सफाई को लेकर जिला कलक्टर ने कहा कि शहर में सड़क पर डिवाइडरों के दोनों तरफ पोस्टर चिपका रखें हैं। पोस्टर भी जगह जगह चिपका रखे हैं। इनके खिलाफ संपत्ति विरूपण के तहत एफआईआर दर्ज करवाएं।आगामी 15 दिनों में पूरे शहर में डस्टबिन रख दें ताकि गंदगी ना फैले। 


                            राजस्थान संपर्क पोर्टल की समीक्षा करते हुए जिला कलक्टर ने जल संसाधन विभाग श्रीबिजयनगर के एसई को शिकायतों का निस्तारण नहीं करने पर नोटिस देने के निर्देश दिए। संपर्क पोर्टल पर 30 दिन से ज्यादा के पेंडिंग चल रहे केसेज की समीक्षा करते हुए जिला कलक्टर ने जल संसाधन विभाग, पीएचईडी और जोधपुर डिस्कॉम की प्रोग्रेस कमजोर देख कर कहा कि जब पंचायती राज विभाग 7 दिन में 74 केसेज से 21 केस पर आ सकता है तो आप क्यों नहीं। इन विभागों को अगली बैठक में संपर्क पोर्टल पर दर्ज केसेज की अच्छी प्रोग्रेस के साथ आने के निर्देश दिए। जिला कलक्टर ने आगामी 26 जुलाई को दोपहर साढ़े तीन बजे मुख्यमंत्री श्रीमती वसुंधरा राजे द्वारा ली जाने वाली ‘‘राजविकास‘‘ वीसी को लेकर विभिन्न विषयों की समीक्षा की। जिसमें मुख्यमंत्री निशुल्क जांच योजना, मुख्यमंत्री निशुल्क दवा योजना, मुख्यमंत्री निशुल्क जीवन रक्षा कोष , पट्टा वितरण अभियान, ग्रामीण गौरव पथ, अन्नपूर्णा योजना, भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना, राजश्री योजना, अमृत योजना, आरयूआईडीपी  इत्यादि को लेकर समीक्षा कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए। 


                            पीएचईडी की समीक्षा करते हुए जिला कलक्टर ने कहा कि मैं जहां भी रात्रि चौपाल में जाता हूं तो जनता जल योजना को लेकर कहा जाता है टेंडर करवा दिए हैं। टेंडर के अलावा कोई बात नहीं होती। लोगों को इसका आखिर लाभ कब मिलेगा। इसको लेकर संबंधित अधिकारी को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए. जोधपुर डिस्कॉम के अधिकारियों को 26 जीएसएस के प्रोपोजल जमीन चिह्नित कर जल्द भेजने के निर्देश दिए। प्रारंभिक और माध्यमिक की करीब 100 स्कूलों में विद्युत कनेक्शन जल्द करवाने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि बारिश का सीजन है इस समय बिजली, पानी, मेडिकल और जल संसाधन विभाग का दायित्व बढ़ जाता है।


                             शिक्षा विभाग की समीक्षा में जिला कलक्टर ने कहा कि पूरे जिले में जिन जिन स्कूलों ने जमीन ठेके पर दे रखी है वो किसके आदेश से दे रखी है कितनी जमीन है क्या उपयोग हो रहा है इसकी पूरी जानकारी डीईओ देंगे। जिला कलक्टर ने कहा कि जो भी करें सक्षम अधिकारी से स्वीकृति तो लें। पिछले चार साल से ये मामला चल रहा है  लोहारा में रात्रि चौपाल के दौरान पता चला कि वहां ठेका तो 30 से 40 हजार में छूटता है लेकिन सरकारी कोष में जमा 5 हजार ही करवाए गए। बाकि पैसा स्कूल विकास में कहां खर्च होता है। इसके अलावा जिला कलक्टर ने इस बात पर भी नाराजगी जताई कि जिन जिन स्कूलों में आंगनबाड़ी केन्द्र चलते हैं वहां से शिकायत आती है कि स्कूल का पानी आंगनबाड़ी केन्द्र के बच्चों को पीने नही दिया जाता। स्कूल का टॉयलेट यूज नहीं करने दिया जाता। प्रिंसीपल इस तरह की मानसिकता न रखें। इस मामले को लेकर जिला कलक्टर ने डीईओ को साफ निर्देश दिए कि सभी स्कूल प्रिंसीपल को निर्देश दे दें कि जो जो सुविधा स्कूल के बच्चों को मिलती है वो आंगनबाड़ी केन्द्र के बच्चों को भी मिलेगी। 


                         एमएलए लेड को लेकर जिला कलक्टर ने कहा कि आरयूआईडी, नगर परिषद और यूआईटी के अधिकारी साथ बैठकर इस बात की चर्चा कर लें कि जो कार्य आरयूआईडीपी में होना है वो विधायक मद से नहीं करवाएं। पार्क, नालों के कार्य करवाए जा सकते हैं। 


                     बैठक में जिला कलक्टर श्री ज्ञानाराम के अलावा जिला परिषद सीईओ श्री विश्राम मीणा, एडीएम विजीलेंस श्री वीरेन्द्र कुमार वर्मा, नगर परिषद कमीश्नर सुश्री सुनीता चौधरी, यूआईटी सचिव श्री कैलाश चंद्र शर्मा, डीवाईएसपी श्री चेतराम, सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल, पीएमओ डॉ. सुनीता सरदाना, पशुपालन के संयुक्त निदेशक डॉ. आरके मिढ्ढा, एसई सीएडी श्री गोपाल कृष्ण, एसई पीएचईडी श्री ताराचंद कुलदीप, एसई आरयूडीआईपी श्री दलीप कुमार गौड़, पीआरओ श्री सुरेश बिश्नोई, डीटीओ श्री हेतराम, एडीईओ माध्यमिक श्री मनोहरलाल, समेत अन्य विभाग के अधिकारी शामिल थे।

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