Thursday, July 13, 2017

पुलिस ने कराया आनंदपाल सिंह का अंतिम संस्कार


आखिर 20वें दिन गुरुवार शाम कुछ रिश्तेदारों  व कुछ लोगों की उपस्थिति में  आनंदपालसिंह के शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया।  एनकाउंटर को लेकर परिजनों और राजपूत समाज सीबीआई जांच की मांग पर अड़े थे, लेकिन एक दिन पहले राजपूत समाज ने सांवराद में हुंकार रैली निकाली, जिसमें देर रात उपद्रव हो गया। इसमें एक युवक की मौत हो गई और कई घायल हो गए।

सूत्रों के अनुसार आनंदपाल मां, पत्नी, बेटी योगिता सहित अन्य परिजनों ने उनकी मांगें माने बिना भी अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया। परिजनों ने आनंदपाल के बेटे को भी अंतिम संस्कार में नहीं भेजा। बताया जा रहा है कि आनंदपाल के मामा मोहनसिंह, अमरसिंह, मामा के बेटे रणजीतसिंह व मौसी के बेटे गजेन्द्रसिंह को समझाइश कर अंतिम संस्कार के लिए तैयार किया गया। इसके बाद गांव व रिश्तेदारी के करीब 40-50 लोगों की उपस्थिति में अंतिम संस्कार कर दिया। एपी के चाचा ने मुखाग्नि दी। पुलिस प्रशासन ने आनंदपाल सिंह के परिवार को एक नोटिस देकर कहा था कि अगर उन्होंने उसके शव का अंतिम संस्कार नहीं किया तो मजबूरी में यह काम पुलिस प्रशासन करेगा. इस चेतावनी के बाद गुरुवार को मुक्तिधाम में बीस दिनों बाद राजस्थान पुलिस ने आनंदपाल सिंह का जबरन अंतिम संस्कार कर दिया.

पुलिस ने शाम को पुलिस ने घरवालों को कहा कि अंतिम संस्कार करना होगा और आनंदपाल के बेटे को साथ चलने को कहा मगर बेटा नहीं माना। पुलिस ने गांव के पांच लोगों को भी साथ लिया और उन्हें अंतिम संस्कार में ले आई. इसके अंतिम संस्कार की कार्रवाई पूरी की गई.

सुबह से राजस्थान के जेल डीजी और राजपूत अधिकारी अजीत सिंह को परिवार को दाहसंस्कार करने के लिए राजी करने के लिए लगा रखा था. दिन में ढाई बजे पुलिस ने आनंदपाल के घर पर मानवाधिकार आयोग का नोटिस घर पर चस्पा किया गया था कि आप 24 घंटे के अंदर दाह संस्कार कीजिए. इसके लिए मानवाधिकार ने आनंदपाल के लाश के मानवाधिकार और उसकी प्रतिष्ठा का सवाल बनाया था. मगर चार घंटे बाद ही दाह संस्कार कर दिया गया.

राजस्थान पुलिस के अनुसार गांव में एक घंटे के लिए कर्फ्यू में ढील दी गई थी और दाह संस्कार के लिए एक जगह एकत्रित होने के लिए कहा गया था. आनंदपाल की मां इस बात पर अड़ी थी कि अगर बेटे के एनकाउंटर की जांच सीबीआई से नहीं कराई गई और जबरन दाह संस्कार कराया तो बेटे के साथ वो भी जलेंगी. इस वजह से पुलिस ने पूरे मामले को गुपचुप तरीके से अंजाम दिया.

तनाव को देखते हुए आनंदपाल की शव यात्रा में भारी सुरक्षा बल तैनात किया गया था.  नागौर में हालात अभी भी तनावपूर्ण बने हुए हैं. इससे पहले बुधवार की रात राजपूतों की गुस्साई भीड़ ने नागौर में पुलिस पर हमला कर दिया था. इस हमले में कई पुलिसकर्मी घायल हो गए जबकि पुलिस ने भीड़ को खदेड़ने के लिए कई राउंड फायरिंग भी की थी.

गांव में अब भी तनावपूर्ण माहौल है. मीडिया को गांव में घुसने की इजाजत नहीं दी गई. दाह संस्कार देखने की इजाजत भी मीडिया को नहीं मिली. डीजी जेल अजीत कुमार सिंह ने कहा कि दाह संस्कार के दृश्य मीडिया को दे दिए जाएंगे. राजपूतों ने भी इसे सरकार की दमनकारी नीति बताते हुए अपनी अगली रणनीति शुक्रवार को बनाने का ऐलान किया है.

गौरतलब है कि गैंगस्टर आनन्दपाल सिंह के एनकाउंटर के बाद बुधवार को सांवराद में हुंकार रैली में पहुंचे युवाओं ने जमकर उत्पात मचाया। गैंगस्टर आनंदपाल एन्काउंटर मामले में सांवराद में बीती रात उपजे विवाद में प्रदर्शनकारियों ने रेलवे ट्रैक को नुकसान पहुंचाया। 

उपद्रवियों ने रेलवे ट्रैक की क्लिप निकाल दी जिसके चलते रेलवे प्रशासन ने तनाव को देखते हुए बुधवार को दो ट्रेनों का संचालन रद्द किया। 


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