सोमवार, 17 जुलाई 2017

कोचिंग विद्यार्थियों की आत्महत्याओं के मामले में हाईकोर्ट गंभीर

राजस्थान हाईकोर्ट ने कोचिंग संस्थानों में पढ़ रहे छात्रों द्वारा आत्महत्या करने के मामले में गंभीरता दिखाई है। कोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा है कि वह इस सम्बंध में बनाई जा रही गाइडलाइन के लिए जानकारियां क्यों नहीं दे रही है।

न्यायाधीश केएस झवेरी की खंडपीठ ने छात्रों के द्वारा आत्महत्या करने को लेकर लिए गए स्वप्रेरित प्रसंज्ञान पर सुनवाई करते हुए ये आदेश दिए। इस दौरान कोर्ट में सामने आया कि नेशनल कमीशन आॅफ चाइल्ड राइट्स ने राज्य सरकार से 23 बिंदुओं पर जानकारी मांगी थी। ताकि कोचिंग संस्थानों और स्टूडेंट्स को लेकर गाइडलाइन तैयार की जा सके। इसके बावजूद राज्य सरकार गंभीर नहीं दिख रही।

इस पर कोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा है कि वह नेशनल कमीशन आॅफ चाइल्ड राइट्स को जानकारी क्यों नहीं दे रही। साथ ही, राज्य सरकार को निर्देश दिए है कि वह नेशनल कमीशन के निर्देशों की पालना करे। अब मामले में अगली सुनवाई 31 जुलाई को होगी। कोचिंग करने वालों में आत्महत्याओं के सर्वाधिक कोटा के मामले हैं।


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