Monday, June 26, 2017

जम्मू कश्मीर में ईद की नमाज के बाद युवकों ने हिंसा भड़काई :पाकिस्तान के नारे और झंडे दिखाए


जम्मू एवं कश्मीर 

26-6-2017.

 सोमवार को ईद के अवसर पर घाटी के कई स्थानों पर सुरक्षा बलों और पत्थरबाजों के बीच हिंसक झड़पें हुई हैं।दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले में जंगलात मंडी इलाके में नमाज के तुरंत बाद भीड़ ने सुरक्षा बलों पर पथराव शुरू कर दिया, जिसमें एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी समेत पांच पुलिसकर्मी घायल हो गए। उसके बाद अनंतनाग जिले के अचबल इलाके में भी झड़पें हुईं।भीड़ ने सुरक्षा बलों पर पथराव किया। दक्षिण कश्मीर के सोपोर, कुलगाम और पुलवामा शहरों में भी ऐसी ही झड़पें  हो गईं। श्रीनगर के ‘ओल्ड सिटी’ इलाके में भी युवाओं ने सुरक्षा बलों पर पथराव किया, जिसमें केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के(सीआरपीएफ) के दो जवान घायल हो गए। उत्तरी कश्मीर के सोपोर और पट्टन शहरों से भी ऐसी ही झड़पों की सूचना है। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े।प्रत्यक्षदर्शियों और आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि सुरक्षा बलों की कार्रवाई में कई प्रदर्शनकारी घायल हो गए। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, “सुरक्षा बल इन स्थानों पर पत्थरबाजों से निपटने के लिए अत्यधिक संयम बरत रहे हैं।” घाटी में अन्य स्थानों पर ईद की नमाज शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न हुई। मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने उच्च सुरक्षा वाले सोनावार इलाके की एक मस्जिद में ईद की नमाज अदा की। घाटी में हजरतबल मस्जिद और अन्य मस्जिदों तथा ईदगाहों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु ईद की नमाज अदा करते देखे गए। सुरक्षा कारणों से कई मंत्रियों, शीर्ष असैन्य और पुलिस अधिकारियों ने जिला पुलिस लाइन्स मस्जिद में सुबह 6.30 बजे नमाज अदा की।

पिछले हफ्ते गुरुवार-शुक्रवार की रात को जम्मू-कश्मीर पुलिस के डीएसपी मोहम्मद अयूब पंडित की नौहट्टा स्थित जामिया मस्जिद में भीड़ ने पीट-पीट कर हत्या कर दी थी। डीएसपी अयूब पंडित मस्जिद की सुरक्षा व्यसव्था में तैनात थे। डीएसपी की हत्या के बाद भीड़ ने उनके शव को गटर में फेंक दिया था। घटना के बाद राज्य की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कहा था कि राज्य का पुलिस बल अधिकतम संयम का परिचय देता रहा है।

जम्मू-कश्मीर पुलिस ने अपने जवानों और अधिकारियों को सार्वजनिक स्थलों पर नमाज पढ़ने से बचने के लिए कहा था। पुलिस ने निर्देश जारी किए हैं कि पुलिसवाले विशेष सुरक्षा इंतजाम वाली मस्जिदों इत्यादि में ही ईद की नमाज पढ़ें। पिछले कुछ महीनों में कश्मीर में पुलिसवालों पर हमले की घटनाएं बढ़ी हैं। इन हमलों में कुछ पुलिसवालों की जान भी चली गई।

डीएसपी अयूब पंडित की हत्या के बाद पुलिस ने श्रीनगर समेत कई जिलों में ईद के मद्देजनर सुरक्षा बंदोबस्त के लिए विशेष निर्देश जारी किए थे। इन निर्देशों के अनुसार राज्य के कई संवदेनशील सार्वजनिक स्थलों पर नमाज या सार्वजनिक इबादत पर रोक लगाई गई है। श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर में ईद के मुबारक मौके पर भी हिंसा और पत्थरबाजी की घटनाएं हुईं हैं. इन घटनाओं में दो सीआरपीएफ जवानों और कई लोगों के घायल होने की खबर है. श्रीनगर की हनफिया और अहले हदीस ईदगाह में नमाज़ के बाद लोगों ने नारेबाज़ी और प्रदर्शन करते हुए पुलिस पर पथराव किया. श्रीनगर के अलावा पुलवामा, कुलगाम, शोपियां, बारामुला और अनन्तनाग में भी छिटपुट हिंसा की खबर है. कश्मीर के अनंतनाग की जंगलातमंडी में 400 से 500 कट्टरपंथियों ने सीआरपीएफ कैंप पर हमला किया और पत्थरबाजी की. पुलवामा में नकाबपोश कट्टरपंथियों ने हिज्बुल आतंकी ज़ाकिर मूसा के समर्थन में नारे लगाए.


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