Saturday, June 3, 2017

लोकसभा चुनाव 2018 में और भाजपा के 60 प्रतिशत सांसदों​ की टिकट कटने की चर्चाएं






पी.एम. मोदी के 2 बेहद करीबी मंत्रियों में से एक को राष्ट्रपति बनाने  व 2018 में लोकसभा चुनाव की  भाजपा घोषणा कर सकती है। पक्की जीत के लिए भाजपा के मौजूदा सांसदों में से 60- 70% को आगे टिकट नहीं देने का बड़ा फैसला लिए जाने की संभावना भी चर्चाओं में है।

 उत्तर प्रदेश व अन्य राज्यों में अपनी सरकार बनाने के बाद भाजपा द्वारा लोकसभा के चुनाव एक वर्ष पहले करवाने का जोखिम लिया जा सकता है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तथा भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के बीच ऐसे समीकरण बन रहे हैं जिसके तहत वह एक वर्ष पहले 2018 में चुनाव करवाने की संभावनाओं का आकलन करने में लगे हुए हैं। दोनों नेता यह भी पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि 2018 में चुनाव होने पर भाजपा को कितनी सीटों पर जीत हासिल होगी। मोदी हमेशा धमाके करते रहे हैं। नोटबंदी का फैसला भी अचानक ही आया था। लोकसभा चुनाव पहले करवाने का फैसला भी अचानक आ सकता है क्योंकि तब तक अन्य राजनीतिक दलों को तैयारियां करने का मौका नहीं मिलेगा।

मोदी के करीबी मंत्रियों से होगा राष्ट्रपति
यह भी माना जा रहा है कि गुजरात तथा हिमाचल के चुनावी नतीजों को देखने के बाद मोदी व शाह लोकसभा चुनाव के बारे में अहम फैसला ले सकते हैं। दिल्ली से प्राप्त सूचनाओं में यह भी बताया जा रहा है कि 7 रेसकोर्स और 11 अकबर रोड के बीच चल रहे तालमेल के तहत पार्टी द्वारा 60 से 70 प्रतिशत मौजूदा सांसदों के टिकट काटे जा सकते हैं। दिल्ली में एम.सी.डी. चुनाव में भी भाजपा ने ऐसे ही सभी पुराने नेताओं के टिकट काट दिए थे। यह भी संभावना है कि राज्यों व लोकसभा के चुनाव साथ-साथ करवा दिए जाएं।  यह भी सूचनाएं मिली हैं कि  अभी तक भाजपा ने नए राष्ट्रपति को लेकर अपने पत्ते खोले नहीं हैं।






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