Friday, June 9, 2017

वसुंधरा राजे के विरुद्ध अनशन की चेतावनी बंगला नंबर 13 10 दिन में खाली करें


दि 8=6=2017.
भाजपा के वरिष्ठ विधायक और दीनदयाल वाहिनी के प्रदेशाध्यक्ष घनश्याम तिवाड़ी ने एक बार फिर से प्रदेश की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को खुली चुनौती दे डाली है। तिवाड़ी ने कहा है कि मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे अगले 10 दिन के भीतर सिविल लाइन्स स्थित बंगला नं. 13 खाली कर दें, अन्यथा इसके बाद दीनदयाल वाहिनी के द्वारा प्रदेशभर में एकात्म सत्याग्रह किया जाएगा।

तिवाड़ी ने कहा है कि सरकार के किसी भी भवन का निजी आवास की तरह नाम नहीं रखा जा सकता। जबकि मुख्यमंत्री ने बंगले का नाम निजी आवास की तरह ‘अनंत विजय’ रख लिया है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा है कि प्रदेश की जनता की गाढ़ी कमाई से बना यह दो हजार करोड़ कीमत का बंगला किसी भी परिस्थिति में किसी को भी हड़पने नहीं दिया जाएगा। विधायक तिवाड़ी के मुताबिक मुख्यमंत्री राजे ने इस बंगले को निजी आवास बना लिया है। बीते करीब एक दशक में करोड़ों रुपए खर्च करने के बाद ‘राजस्थान मंत्री वेतन विधेयक 2017’ लागू करवा लिया।

इसकी आड़ में इस बंगले को आजीवन निवास स्थान बनाने का प्रयास किया गया है। इस विधेयक के माध्यम से जनता की सम्पदा पर कब्जा किए जाने को कानूनी आधार प्रदान किया जाना जनता द्वारा दी गई सत्ता का मनमाना दुरूपयोग है। तिवाड़ी ने कहा है कि मुख्यमंत्री का यह प्रयास राजस्थान की जनसंपदा पर कानूनी रूप से डाला गया डाका है।

तिवाड़ी ने मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे से सवाल पूछा है कि क्यों आपने बंगला नं. 8 को छोड़कर, जो कि मुख्यमंत्री का घोषित सरकारी आवास है। इस बंगला नंबर 13 को चुना है। तिवाड़ी ने चेतावनी दी है कि या तो आप बंगला नं. 13 खाली कर दें या इसे मुख्यमंत्री आवास घोषित कर दें, अन्यथा परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहें।

उन्होंने कहा है कि ​मुख्मंत्री द्वारा आगामी चुनाव हारने की आशंका में सभी नियमों को ताक पर रखकर आनन—फानन में यह काम किया गया है। जिससे चुनावों में पराजय के बाद भी ये जनता की अरबों रुपयों की संपत्ति पर आजीवन बैठी रहें।

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