सोमवार, 15 मई 2017

CM के गुर्गों से खतरा -घनश्याम तिवाड़ी ने केंद्रीय अनुशासन समिति को उत्तर दिया




भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री घनश्याम तिवाड़ी ने कहा है कि वे पार्टी की बैठकों में इसलिए नहीं जाते क्योंकि वहां उन्हें जान का खतरा है। 


भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री घनश्याम तिवाड़ी ने भाजपा की केंद्रीय अनुशासन समिति की ओर से दिए नोटिस में उन पर लगाए आरोपों में से एक का उत्तर जवाब भेजा है। इस नोटिस में उनसे कई बिंदुओं पर जवाब मांगा गया है। तिवाड़ी ने अपने उत्तर में कहा कि वे फिलहाल एक मामले में जवाब भेज रहे है, बाकी के उत्तर भी धीरे—धीरे भेजेंगे। इस पत्र में तिवाड़ी ने मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के खिलाफ अपना संघर्ष जारी रखने की घोषणा करते हुए कहा कि वे झुकने वाले नहीं है।

मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सरकार के खिलाफ लगातार बयानबाजी और कथित पार्टी विरोधी गतिविधियों को देखते हुए विधायक तिवाड़ी को भाजपा अनुशासन समिति ने अनुशासनहीनता का नोटिस देते हुए 10 दिन में जवाब तलब किया था। ये नोटिस छह मई को जारी हुआ था। तिवाड़ी ने कहा कि अनुशासन के नाम पर जनता का चीर हरण करने के लिए कार्यकर्ता दुशासन नहीं बन सकता है। राजस्थान की रक्षा करने के लिए भगवान श्रीकृष्ण का सुदर्शन चक्र बनकर खडे़ होंगे।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में नेतृत्व से जनता व कार्यकर्ता परेशान हैं और वे इससे छुटकारा चाहते है। आरएसएस के सभी संगठन भी इस पर अपना आक्रोश जता चुके है। तिवाड़ी ने बैठकों में नहीं जाने के सवाल पर कहा कि उन्हें जान का खतरा रहता है। उन पर पांच बार हमले हो चुके है। मुख्यमंत्री के गुर्गों द्वारा बदसूलकी की गई। इस बारे में लिखित शिकायत पर आज तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। पार्टी की बैठकों में उनका अपमान किया जाता है। उन्हें जो जिम्मेदारियां ​सौंपी गई थी वे भी उनसे छीन ली गई। यहां तक कि उन्हें दी गई सुरक्षा को भी हटा दिया गया।  


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