Saturday, May 20, 2017

वसुंधरा राज के मंत्रियों व घनश्याम तिवाड़ी के बीच जबानी आरोपों का युद्ध तेज

राजस्थान में वसुंधरा सरकार के मंत्रियों और भाजपा के वरिष्ठ विधायक घनश्याम तिवाड़ी के बीच वॉक युद्ध तेज हो गया है। शनिवार को तीन मंत्रियों और एक पूर्व केंद्रीय मंत्री ने​ तिवाड़ी पर निशाना साधा। तिवाड़ी ने जवाबी हमला करते हुए इन मंत्रियों समेत सीएम पर आरोप लगाए।
पंचायती राज मंत्री राजेंद्र राठौड़ ने चुरू में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि घनश्याम तिवाड़ी जिसे पेड़ की डाली पर बैठें है उसे काट रहे है। उन्होंने तिवाड़ी पर राष्ट्रीय अनुशासन समिति का आपमान करने का आरोप लगाया। जयपुर में चिकित्सा मंत्री कालीचरण सराफ और सामाजिक न्याय एवं आधिकारिता मंत्री अरूण चतुर्वेदी ने भी बयानों में तिवाड़ी को निशाना बनाया। इसी तरह पूर्व केंद्रीय मंत्री निहाल चंद मेघवाल ने भी तिवाड़ी की ओर से इन दिनों चलाई जा रही मुहिम को संगठन विरोधी करार दिया। इन मंत्रियों ने तिवाड़ी के संगठन को लेकर भी टिप्पणियां की।
उधर, इस बयानबाजी के बाद तिवाड़ी ने एक बयान जारी कर कहा है कि ये मंत्री अपनी कुर्सी बचाने के लिए सीएम राजे के दबाव में बयान दे रहे है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री की ओर से इन मंत्रियों को बार—बार फोन करके उनके खिलाफ बयान देने के लिए कहा गया है। इसके बाद ये मंत्री बयानबाजी कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि य​दि इस तरह की बयानबाजी से उनका मंत्री पद बचता है तो उन्हें खुशी होगी​।

राजस्थान में भाजपा विधायक घनश्याम तिवाड़ी ने वसुंधरा सरकार के खिलाफ अपनी मुहिम और तेज करते अब नोटिस देने वाली केंद्रीय कमेटी को भी खुली चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि वे ऐसे कई खत भेजेंगे, जिससे शिकायत करने वाला कभी किसी की शिकायत नहीं करेगा।ये चेतावनी दीनदयाल वाहिनी के प्रदेशाध्ययक्ष घनश्याम तिवाड़ी ने शुक्रवार को दीनदयाल वाहिनी की प्रदेश कार्यकारिणी की जयपुर में आयोजित बैठक में दिए। तिवाड़ी ने नोटिस के जवाब में लिखे पत्रों के बारे में कहा कि अभी तक दो जवाब ही लिखकर भेजे हैं। जल्द ही ऐसे कई खत भेजेंगे, जिससे शिकायत करने वाला कभी किसी की शिकायत नहीं करेगा। उन्होंने एक बार फिर पूर्व मुख्यमत्रियों के वेतन संबंधी विधेयक को लेकर कहा कि मैं इस तरह से किसी को भी राजस्थान की जनसंपदा को खाने नहीं देंगे।

तिवाड़ी ने कहा कि उन्होंने दीनदयाल उपाध्याय, भैरोंसिंह शेखावत और जेपी जैसे जननेताओं के साथ काम किया है, लेकिन इन भ्रष्टों के साथ बिल्कुल भी काम नहीं करेंगे। उन्होंने खुलकर बोलते हुए कहा है कि युद्ध का मैदान सजने वाला है और युद्ध के मैदान में जब भी कोई योद्धा जाता है तो वह यह नहीं देखता कि सामने कौन खड़ा है। बैठक में 150 विधानसभा क्षेत्रों में आंदोलन की रणनीति पर ​भी​ विचार किया गया।

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