रविवार, 21 मई 2017

अनुशासनहीनता वसुंधरा राजे ने की है घनश्याम तिवारी का जवाब


राजस्थान की राजनीति में चल रहा बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है। सत्तारुढ़ पार्टी भाजपा के संगठन और  पार्टी से नाराज चल रहे विधायक घनश्याम तिवाड़ी ने पार्टी के नोटिस के बाद अपना दूसरा जवाब केंद्रीय संगठन को  भेजा है।
गौरतलब है कि विधायक तिवाड़ी पर पार्टी ने अनुशासन हीनता के मामले में कारण बताओ नोटिस जारी किया था। पार्टी ने चार बिंदुओं पर सफाई मांगी थी, अब तिवाड़ी ने चार पेजों का जवाब लिखकर भेजा है। पत्र के आखिर में तिवाड़ी ने पार्टी चुनावों को ध्यान में सोचसमझकर निर्णय लेने की बात कही है। तिवाड़ी ने अपने जवाब में मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे पर निशाना साधा है। तिवाड़ी ने अपने दूसरे जवाब में सीएम पर अनुशासनहीनता करने का आरोप लगा दिया है। उन्होंने लिखा है कि मुख्यमंत्री ने पिछले दिनों जिस तरह के बयान दिए हैं, उससे यह अंदाज लगाया जा सकता है कि अनुशासन हीनता किसने की है।

अब तिवाड़ी ने बृहस्पतिवार को जो जवाब दिया है, उसमें पार्टी विरोधी व्यवहार व एक अन्य राजनीतिक दल को खड़ा करने को लेकर सफाई दी है। तिवाड़ी ने लिखा है कि मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे जब प्रतिपक्ष की नेता थी, तब उनसे कई बार पार्टी ने इस्तीफा मांगा, लेकिन वे अड़ी रही और इस्तीफा नहीं दिया। इसी तरह चुनावों से ठीक पहले उन्होंने पार्टी के दिग्गज नेता गुलाब चंद कटारिया को यात्रा नहीं निकालने दी।

 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शपथग्रहण समारोह में राजस्थान से मंत्रियों को शामिल होने पर भी रोकने की कोशिशकी। इतना सब होने के बाद भी उनसे कुछ नहीं कहा गया।

सीएम राजे पर आरोप लगाने के बाद तिवाड़ी ने अपने राजनीतिक जीवन और भाजपा के प्रति अपने समर्पण को भी दर्शाया। उन्होंने लिखा कि जिस संगठन को राजनीतिक संगठन बताकर आरोप लगाया जा रहा है, वह बहुत पहले का है, किसी तरह को समानान्तर राजनीतिक दल नहीं है। पार्टी के प्रति मेरे समर्पण पर सवाल उठाए गए हैं।

उन्होंने लिखा कि मैंने पार्टी की जो सेवा की उसे एक तरफ कर दिया गया है। पार्टी व विचारधारा में बदलाव आ गया है। ऐसे में इस तरह के नोटिसों का कोई मतलब नहीं रहता।
तिवाड़ी ने पार्टी से उन कागजातों की मांग की है, जिनके आधार पर प्रदेश अध्यक्ष ने उनकी शिकायत की है।

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