मंगलवार, 11 अप्रैल 2017

गांवों में आबादी भूमि में पट्टा हीन व्यक्तियों को पट्टे एवं भूखंड दिए जाएंगे

14 अप्रैल से 12 जुलाई तक चलाया जाएगा विशेष अभियान


श्रीगंगानगर, 11 अप्रैल। गांवों में पट्टाहीन पात्र व्यक्तियों को अब आबादी भूमि में पट्टा और भूखंड आवंटन किया जाएगा। राज्य सरकार इसको लेकर पूरे राज्य में अभियान चलाने जा रही है। ये अभियान 14 अप्रैल को डॉ भीमराव अंबेडकर जयंती से शुरू होकर 12 जुलाई 2017 तक चलाया जाएगा। 90 दिन के इस अभियान की तैयारियों को लेकर जिला कलक्टर श्री ज्ञानाराम ने जिला परिषद सीईओ, एसीईओ और जिले के सभी विकास अधिकारियों को निर्देशित किया है। इस अभियान के लिए पंचायत समिति स्तर पर संबंधित विकास अधिकारी प्रभारी अधिकारी होंगे। 


                            जिला कलक्टर ने बताया कि अभियान के तहत 14 अप्रैल 2017 शुक्रवार को जिले की प्रत्येक पंचायत समिति की चयनित दो-दो ग्राम पंचायत में शिविर प्रारंभ किया जाएगा। उसके बाद अगले सप्ताह से प्रत्येक सोमवार और गुरूवार को प्रत्येक पंचायत समिति की एक-एक ग्राम पंचायत में शिविर आयोजित किए जाएंगे। सोमवार और गुरूवार को राजपत्रित अवकाश होने की स्थिति में शिविर अगले कार्यदिवस में आयोजित किए जाएंगे। जिला कलक्टर ने बताया कि कुछ पंचायत समितियों में ये स्थिति भी हो सकती है कि उपरोक्त दिवसों में केवल एक ही शिविर आयोजित करने से अभियान अवधि में वहां की समस्त ग्राम पंचायतों में शिविर आयोजित नहीं हो सके लिहाजा ऐसी स्थिति में सीईओ जिला परिषद कुछ कार्यदिवसों में दो-दो शिविर भी आयोजित कर सकते हैं। 


                           जिला कलक्टर श्री ज्ञानाराम ने बताया कि ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग के शासन सचिव और आयुक्त श्री आनंद कुमार ने सभी जिला कलक्टर्स को पत्र लिखकर निर्देश दिए हैं कि कि अभियान की सफलता को लेकर वर्तमान में ग्राम पंचायतों द्वारा पट्टा आवंटन में आ रही व्यवहारिक दिक्कतों को दूर कर लिया जाए ताकि अभियान के दौरान पट्टा आवंटन को लेकर किसी प्रकार की समस्या का सामना नहीं करना पड़े। जिला कलक्टर ने बताया कि आमजन से वांछित आवेदन पत्र आदि शिविर प्रारंभ होने की तिथि से पहले ही लेकर उनके निस्तारण की आवश्यक कार्यवाही की जाएगी ताकि शिविर वाले दिन संबंधित व्यक्ति को पट्टा वितरित किया जा सके। साथ ही बताया कि शिविर में प्राप्त होने  वाले आवेदन पत्रों का निस्तारण उसी दिन किया जाएगा। यदि आवेदनों की संख्या ज्यादा है तो निस्तारण की प्रक्रिया शिविर के अगले दिवस तक आरंभ रखी जाकर प्राप्त होने वाले समस्त आवेदन पत्रों का निस्तारण किया जाएगा। 


                             कलक्टर ने बताया कि ग्राम पंचायत में उपलब्ध गैर मुमकिन आबादी भूमि का इंद्राज संबंधित ग्राम पंचायत के नाम दर्ज किया जाएगा। साथ ही जिन ग्राम पंचायतों के पास आवंटन हेतु आबादी भूमि उपलब्ध नहीं है उन ग्राम पंचायतों के लिए ग्राम पंचायत क्षेत्रा में उपलब्ध सिवायचक, राज्य सरकार के स्वामित्व की अन्य उपयोग की भूमि को आबादी उपयोग में परिवर्तित करते हुए आवंटन हेतु ग्राम पंचायत को उपलब्ध करवाई जाएगी। जिन पंचायत क्षेत्रों में राजकीय भूमि के रूप में केवल चारागाह भूमि ही उपलब्ध है वहां पर आवश्यकतानुसार भूमि को आबादी भूमि में रूपांतरित कर ग्राम पंचायतों को उपलब्ध करवाई जाएगी। जिला कलक्टर ने सभी तहसीलदारों और पटवारियों को पाबंद किया है कि एक सप्ताह के अंदर जिलों की समस्त ग्राम पंचायतों को उनकी आबादी भूमि का सीमाज्ञान करवाया जाए।


14 अप्रैल को यहां लगेंगे शिविर


                         एसीईओ श्रीमती रचना भाटिया ने बताया कि 14 अप्रैल को सभी तहसीलों की दो-दो ग्राम पंचायतों पर शिविर लगाए जाएंगे। शिविरों का आयोजन जहां जहां होगा वो इस प्रकार है- अनूपगढ़ में 9 एलएमबी और 20 एलएम, श्रीगंगानगर में 13 जी छोटी और 27 जीजी, घड़साना में 13 एमडी और 2 एमएलडीए, करणपुर में रेड़ेवाला और 9 एफए, पदमपुर में 35 बीबी और 5 बीबीए, रायसिंहनगर में समेजा और 75 एनपी, सादुलशहर में डूंगरसिंहपुरा और गणेशगढ़, सूरतगढ़ में गुरूसर मोडिया और भगवानगढ़ व श्रीबिजयनगर में 16 एएस कूपली और 16 जीबी में शिविर आयोजित किए जाएंगे। 


                          श्रीमती भाटिया ने बताया कि अभियान के सफल संचालन के लिए प्रत्येक शिविर के लिए अग्रिम दल का गठन किया गया है जिसमें टीम प्रभारी संबंधित पंचायत समिति के पंचायत प्रसार अधिकारी को बनाया गया है इसके अलावा अग्रिम दल में एक अन्य पंचायत प्रसार अधिकारी, कनिष्ठ तकनीकि सहायक, संबंधित ग्राम सेवक, संबंधित पटवारी और निकटवर्ती ग्राम पंचायतों के ग्राम सेवक को शामिल किया गया है।

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