Saturday, April 8, 2017

जैन आचार्य विजयानंद जी महाराज साहब का सूरतगढ़ में मंगल प्रवेश








- करणीदान सिंह राजपूत-

जैन आचार्य विजय आनंद जी महाराज साहब का आज प्रातः बेला में सूरतगढ़ में मंगल प्रवेश हुआ। आचार्य के साथ मुनिराज जय कीर्ति विजय महाराज साहब व मुनि दिव्यांश विजय महाराज साथ में है।जैन आचार्य कल नगर सीमा में प्रवेश के उपरांत व्यापार मंडल कार्यालय परिसर में विराजमान थे। आज सुबह जैन बंधु व्यापार मंडल कार्यालय पर उपस्थित हुए और गाजे बाजे के साथ जैनाचार्य का शहर में प्रवेश कराया। सार्वजनिक निर्माण विभाग के निरिक्षण गृह के पास से शहर प्रवेश में संतों का स्वागत और मंगल वाणी व जयकारों के साथ प्रवेश किया गया।संत गण शहर में प्रवेश मैं जिधर से निकले उधर दर्शनों को लोग खड़े थे। संतो ने विधायक राजेंद्र सिंह गएभादू के निवास पर, माणकचंद सेठिया के व्यवसाय पर,माल चंद बांठिया के व्यवसाय पर और दिलात्म प्रसाद जैन के निवास पर पग फेरी कर आशीर्वाद दिया। जैन संत  जैन समुदाय विशेष शहर के अन्य लोगों के साथ श्री पार्श्वनाथ मंदिर पर पहुंचे।जैन आचार्य व मुनियों ने मंदिर में पूजन अर्चन किया।

सभी को आशीर्वाद देते हुए वहां से विजय वल्लभ जैन भवन पहुंचे। आचार्य विनोबा संतो की अगुवानी में भजन प्रस्तुत किए गए।जैन समुदाय की महिला मंडल वह तरुणी मंडल ने स्वागत गीत प्रस्तुत किए। संतो की अगवानी में वक्तव्य भी हुए।मुनिराज जयकीर्ति  महाराज ने मंत्र उच्चारण किया। मुनि दिव्यांश महाराज ने सीख देती हुई लोक कथा से रस बरसाया। आचार्य विजय आनंद जी ने कहा कि सूरतगढ़ का यह सौभाग्य है की महावीर जन्मोत्सव यहां इस धरती पर मनाया जाएगा इस जन्मोत्सव में संतों का सानिध्य सूरतगढ़ को मिलना बहुत अच्छा आशीर्वाद है। इस अवसर पर श्रीगंगानगर के श्यामलाल जैन की ओर से प्रकाशित जैन महामंत्र कार्ड का विमोचन करवाया गया। श्रीगंगानगर आत्म वल्लभ जैन कन्या महाविद्यालय के समिति अध्यक्ष कुंदन लाल जी बोरड़ ने अपने वक्तव्य में इस इलाके के सभी जैन और जैनांतर महानुभावों को बहनों को श्री गंगानगर के 13 अप्रैल के कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया।इस अवसर पर श्री गंगानगर के नरेश जी बांठिया ने भी वक्तव्य दिया। इस शुभ अवसर पर सूरतगढ़ से बाहर के संगरिया हनुमानगढ़ पीलीबंगा ढाबां के जैन बंधु भी उपस्थित थे










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