Sunday, April 23, 2017

जिप्सम के अवैध खनन से सिंचाई प्रणाली को भारी खतरा:खान मंत्री की चुप्पी:



- करणीदान सिंह राजपूत-


 सूरतगढ़ उपखंड इलाके में जिप्सम के अवैध खनन से सिंचाई प्रणाली को भयानक खतरा पैदा हो गया है। जिला कलेक्टर ज्ञानाराम की रात्रि चौपाल में 21 अप्रैल को ग्रामीणों ने अपनी जबान खोली और यह गंभीर समस्या सामने रखी।जिप्सम खनन करने वाले सिंचाइ के खालों के पास से खुदाई कर रहे हैं जिससे खाले क्षतिग्रस्त होने की हालत में पहुंच रहे हैं। इलाके में जिप्सम के अवैध खनन होने के समाचार छपते रहे हैं लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई राजस्थान पत्रिका ने बहुत बड़ी रिपोर्ट प्रकाशित की थी जिसमें उन स्थानों तक का उल्लेख था जहां जिप्सम का अवैध खनन चल रहा है। जिप्सम का अवैध खनन और उसके ढुलाई इलाके की पुलिस राजस्व प्रशासन पंचायत प्रशासन और परिवहन विभाग की मिलीभगत से ही संभव है। सूरतगढ़ तहसील क्षेत्र में जिप्सम की खुदाई कोई चोरी छिपे नहीं हो रही खुलेआम जेसीबी मशीनें लगाकर ट्रैक्टर-ट्रॉलियां लगाकर यह अवैध धंधा करने वाले लोग मालामाल हो रहे हैं।दुखद यह स्थिति है कि सूरतगढ़ श्री गंगानगर जिले का प्रमुख इलाका है और खनन मंत्री सुरेंद्र पाल सिंह टीटी श्री गंगानगर जिले के श्री करनपुर गांव गुलाबेवाला के रहने वाले करणपुर से विधायक निर्वाचित हैं।वर्तमान में खनन राज्य मंत्री हैं और उनके पास में स्वतंत्र प्रभार है ऐसा संभव नहीं है कि उनको जिप्सम के अवैध खुदाई का मालूम न हो । राजस्थान पत्रिका के बहुत बड़ी रिपोर्ट छापने के बाद तो इस स्थिति एकदम साफ हो गई की जब जन जन को मालूम हो गया तब मंत्री को मालूम कैसे नहीं हो पाया? मंत्री सुरेंद्र पाल सिंह टीटी जब जब अपने गांव के इलाके में आते रहे हैं तब अधिकतर आना जाना सूरतगढ़ से होता है। राजस्थान पत्रिका में जो रिपोर्ट छपी वह निश्चित रूप से मंत्री को मालूम है मंत्री के हितैषी लोगों ने निश्चित रुप से बताया भी होगा। पहले पीआरओ की ड्यूटी हुआ करती थी यह वह ऐसी स्पेशल रिपोर्ट को प्रशासन के सामने रखे।निश्चित रुप से वह रिपोर्ट प्रशासन के सामने रखी गई होगी।मंत्री जी का कुछ समय पहले एक समाचार पीआरओ की तरफ से रिलीज हुआ था कि उन्होंने झुंझुनू की पहाड़ियों में खदानों में औचक निरीक्षण किया। सवाल यह पैदा होता है कि मंत्री वहां औचक निरीक्षण कर सकते हैं तो अपने खुद के जिले में औचक निरीक्षण करने में रुकावट क्यों आ रही है? आखिर क्या राज है ? इस इलाके के अंदर जिप्सम माफिया मालामाल हो रहे हैं? आखिर मंत्री जी कब बोलेंगे और कब कार्यवाही होगी? राजस्थान सरकार ने पहले खान घोटालों में बहुत कुछ किया है जो कार्यवाही चल रही है तो फिर सूरतगढ़ इलाके में जिप्सम के अवैध खनन पर कोई भी कार्यवाही क्यों नहीं हुई ? अभी जिला कलेक्टर ने सूरतगढ़ के एडीएम को कार्य वाही करने का कहा है।

जिला कलेक्टर को इसके लिए जिला एसपी को भी सूचित करना चाहिए कि वह पुलिस विभाग पर शक्ति रखे। सूरतगढ़ एडीएम चांदमल वर्मा को आए हुए अभी कुछ महीने हुए हैं इलाके में  जिप्सम के अवैध खनन को रोकने की कठोर कार्यवाही से पहले कम से कम उन क्षेत्रों का निरीक्षण करन चाहिए। जहां यह अवैध खनन काफी संख्या में चल रहा है ताकि अचानक कार्यवाही में फिर कोई दिक्कत नहीं आए और जब भी कार्यवाही हो तो इतनी पक्की हो कि जितने व्यक्ति वहां अवैध खनन में मौजूद हो वह भागने न पाए और निश्चित रूप से उनकी गिरफ्तारी हो। होता यह आया है कि जब छापेमारी होती है तब माफिया को पहले से ही सूचना मिल जाती है। यह सूचना कौन देता है इसका अनुमान लगाया जा सकता है। माफिया के साथ इस अवैध धंधे में मिला हुआ है वहीं सूचना देता है। यह सूचना है सारी की सारी मोबाइल के मार्फत होती है सरकार के पास जांच के हर पावर हैं तो ऐसी स्थिति में इस जांच की कार्यवाही को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए। प्रशासन के मोबाइल नंबर आम नागरिक के पास होने चाहिए कि जहां कहीं अवैध कार्यवाही देखे तो तुरंत एडीएम को सूचित करें और  फिर एडीएम अपना पूरा तामझाम लेकर के कार्यवाही करें।

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