Tuesday, April 11, 2017

अनूपगढ़ को क्या चाहिए और क्या नहीं चाहिए? सच जाने

- करणीदानसिंह राजपूत-

अनूपगढ़ वासियों की लगातार मांग रही है कि अनूपगढ़ महत्वपूर्ण सीमाई कस्बा है और इसे जिला बनाया जाए। यह महत्वपूर्ण मांग लगातार 5 सालों से चली आ रही है।

 अनूपगढ़ की एक और मांग है अनूपगढ़ से बीकानेर को रेल मार्ग से जोड़ा जाए। 

अनूपगढ़ वासियों की मांग है कि अनूपगढ़ को लंबी दूरी की गाड़ियों से जोड़ा जाए। 

अनूपगढ़ वासियों ने सूरतगढ़ अनूपगढ़ सड़क के लिए भी आंदोलन किया।यह महत्वपूर्ण सड़क टूट चुकी थी और उसका आखिर निर्माण शुरू हुआ। 

अनूपगढ़ वासियों को और भी बहुत कुछ चाहिए लेकिन गौरव पथ नहीं चाहिए। विकास के और भी कार्य होने चाहिए लेकिन गौरव पथ में कोई पेच डालना चाहता है। कोई रोकना चाहता है चाहे किसी प्रभाव से  या रोजी रोटी के नाम से या अन्य कारणों से।कहने का तात्पर्य यह है कि विकास के अनेक कार्य चाहिए है लेकिन गौरव पथ नहीं चाहिए। 

 गौरवपथ का निर्माण संपूर्ण अनूपगढ़ कस्बे के लिए हो रहा है और बाहर से आने वाले लोगों के लिए भी हो रहा है। अगर 100- 50 दुकानदार यह चाहें कि गौरव पथ का निर्माण नहीं होना चाहिए तो मैं समझता हूं कि बहुत बड़ी भूल होगी।

 एक कड़वी बात यहां कहना चाहता हूं की दुकान का हक मालिक का उतना ही है जितनी साइज की दुकान की कीमत उसने सरकार को नीलामी में खरीद पर आंवटन पर अदा की और उसकी रजिस्ट्री हुई। उसके आगे दुकान दार का हक एक इंच भूमि पर भी नहीं है।लोगों के न बोलने पर ,नगर पालिका की अनदेखी के कारण या सड़क महकमे की अनदेखी के और लापरवाही के कारण दुकान से बाहर Footpath पर कब्जे हो जाते हैं और दुकानदार उस Footpath के कब्जे को अपना मालिकाना अधिकार समझता है।

फुटपाथ का मतलब स्पष्ट है कि यह पैदल लोगों की सड़क है। इसे किसी भी हालत में रोका नहीं जा सकता। 

गौरव पथ के निर्माण  में पूरा अनूपगढ़ अड़चन नहीं डाल रहा।कुछ लोग अड़चन डाल रहे हैं ।

अब सवाल यह है कि सौ पचास लोगों की बात सुनी जाए या अनूपगढ़ के पचास साठ हजार लोगों की बात सुनी जाए। 

प्रशासन से दुकानदारों को जिन्होंने अतिक्रमण कर रखे हैं उन को केवल एक बार नोटिस देने की जरूरत है। जिसमें स्पष्ट रुप से लिखा जाना चाहिए की उन्होंने फुटपाथ पर सड़क पर अतिक्रमण कर रखा है जो गैर-कानूनी है। 

सरकार निर्माण कराना चाहती है। ऐसे में कोई भी जनप्रतिनिधि उसमें रोडे़  डालने काम करे तो उसकी शिकायत भी कोई भी व्यक्ति सरकार को कर सकता है बल्कि कर दी जानी चाहिए। किसी भी जनप्रतिनिधि को यह अधिकार नहीं है कि वह कुछ लोगों के लिए बहुमत को रोकने की कोशिश करे।

 गौरव पथ के निर्माण को रोकना तो सरकार के कार्य को रोकना हुआ।  जनप्रतिनिधि कैसे अपनी ही सरकार के कार्य को रोकना चाहेगा और अगर चाहता है तो ऐसे जनप्रतिनिधि की आवश्यकता क्या है?उसकी शिकायत की जानी चाहिए। सरकार में भी और संबंधित राजनीतिक पार्टी में भी। 

गौरव पथ बनाया जाना इसलिए उचित है कि इससे आगे की बहुत सी संभावनाएं जुड़ी हुई हैं। अनूपगढ़ वासियों को या क्षेत्रवासियों को बहुत से विकास चाहिए जिनका मैंने ऊपर उल्लेख किया है अगर वे विकास कार्य चाहिए तो अनूपगढ़ का ढांचा भी उस तरीके से बनाना उचित होगा।

 मेरा तो यही सुझाव है कि गौरव पथ का निर्माण शीघ्र कराने के लिए कदम उठाएं।


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