Sunday, April 30, 2017

सूरतगढ़ का जेईन आशीष मूंदड़ा गिरफ्तार:रिश्वत मांगना भी कानूनी जुर्म है




सूरतगढ़ 30 अप्रैल 2017 सूरतगढ़ निवासी j e n (जोधपुर विद्युत विद्युत वितरण निगम सूरतगढ) को भ्रष्टाचार निरोधक विभाग ने रिश्वत मांगने के आरोप में 29 अप्रैल को गिरफ्तार किया। आशीष मूंदड़ा पुत्र विनोद कुमार मूंदड़ा यहां भगत सिंह चौक में निवासी है।आशीष मूंदड़ा को गिरफ्तार करने के बाद अदालत में पेश किया गया जहां से न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। मामला 2015 का है। इस प्रकरण से सरकारी स्टाफ को मालूम पड़ जाना चाहिए कि अच्छे खासे वेतन के बावजूद उनका पेट नहीं भरता और वे रिश्वत की मांग करते हैं और रिश्वत मांगना भी कानूनी अपराध है। श्रीगंगानगर के एडिशनल SP एंटी करप्शन ब्यूरो राजेंद्र प्रसाद ढिढारिया के अनुसार नंदलाल उपाध्याय की ओर से चक 17 एसटीबी में पालीवाल सुरतगढ़ की फर्म अमिताभ फ्लाई एस ब्रिक्स में तीन फेस विद्युत कनेक्शन को 6 घंटे विद्युत सप्लाई के स्थान पर 24 घंटे सप्लाई करने की एवज में जेईएन आशीष मूंदड़ा ने ₹50 हजार की रिश्वत मांगी थी।नंदलाल उपाध्याय ने यह प्रकरण एंटी करप्शन ब्यूरो की बीकानेर चौकी में शिकायत के रूप में प्रस्तुत किया।एंटी करप्शन ब्यूरो ने जनवरी 2016 में मामले का सत्यापन कराया।आशीष  ने 40 हजार रुपए में मामला तय किया। कनिष्ठ अभियंता ने बाद में कोई भनक पड़ने पर रिश्वत तो नहीं ली लेकिन रिश्वत मांगी थी यह प्रमाणित हो गया था।रिश्वत मांगने के आधार पर निरोधक ब्यूरो की चौकी श्रीगंगानगर में यह मामला दर्ज हुआ। इस मामले के अनुसंधान में आरोप प्रमाणित हुआ।मुकदमा चलाने की मंजूरी मांगी गई जो ब्यूरो मुख्य कार्यालय से प्राप्त हो गई। एंटी करप्शन ब्यूरो ने जेईएन आशीष मूंदड़ा को गिरफ्तार करने के लिए कई बार प्रयास किए व उसके ठिकानों पर दबिश दी लेकिन वह गायब हो गया। 29 अप्रैल को आशीष मूंदड़ा की गिरफ्तारी संभव  हुई। राजस्थान भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम में रिश्वत मांगना भी अपराध है।


Friday, April 28, 2017

राष्ट्रीय क्रिकेट में उभरा श्रीगंगानगर का अंकित सोनी





श्रीगंगानगर 28अप्रैल। राष्ट्रीय क्रिकेट में राजस्थान का एक और सितारा उभरा है। अंकित सोनी नाम का यह क्रिकेटर श्रीगंगानगर का बेटा है, जिसने बिना कोई रणजी मैच खेले ही इंडियन प्रीमियर लीग में अपनी जगह बना ली है। अंकित ने गुरुवार को गुजरात लॉयंस की तरफ से अपना पहला मैच रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ खेला और डेब्यू मैच में ही शानदार प्रदर्शन किया। इस युवा खिलाड़ी का प्रदर्शन देखकर कमेंटेटर चकित थे, वहीं टीम के साथियों व प्रबंधन ने अंकित के प्रदर्शन की खुलकर तारीफ की और उन्हें भविष्य का सितारा बताया। अंकित की इस कामयाबी पर परिवार फूला नहीं समा रहा। उनके घर बधाइयां देने वालों का तांता लगा हुआ है।

अंकित सोनी श्रीगंगानगर का मूल निवासी है। उसके दादा प्रेम सोनी यहां 3-एफ-36 जवाहरनगर में परिवार सहित रहते हैं। उसके चाचा रमेश सोनी शिक्षा विभाग में लिपिक हैं, जबकि पिता नरेश सोनी सूरतगढ़ में एलआईसी के अतिरिक्त शाखा प्रबंधक हैं। आज यहां पैतृक घर में खुशियां मना रहे परिवारजनों ने बताया कि अंकित ने 15 वर्ष की उम्र में वर्ष 2007 में क्रिकेट का प्रशिक्षण लेना शुरू किया। सूरतगढ़ की शेरवुड एकेडमी के कोच रणजीतसिंह ने उसे कोचिंग दी। इसके बाद वह समय-समय पर श्रीगंगानगर जिला क्रिकेट संघ के सहयोग से संचालित सेठ सुशीलकुमार बिहाणी क्रिकेट एकेडमी में कोच धीरज शर्मा के सान्निध्य में कोचिंग लेता रहा। पिता नरेश सोनी उसे फास्ट बॉलर बनाना चाहते थे, लेकिन अंकित की रुचि स्पिन गेंदबाजी में थी। लेग स्पिनर के रूप में उसका हुनर देखकर कोच ने इसी फील्ड में प्रेक्टिस कराई। साथ-साथ बैटिंग में भी अंकित बढिय़ा कर रहा था।

डीसीए कोच धीरज शर्मा के अनुसार अंकित सोनी जिले की तरफ से अंडर-16, अंडर-19 प्रतियोगिताएं खेल चुके हैं। इसके अलावा सीनियर टीम के साथ खेलते हुए वर्ष 2015 में कॉल्विन शील्ड जीतने में अहम भूमिका निभाई थी। इस दौरान वर्ष 2013 से ही वह जयपुर में आईपीएल की टीम राजस्थान रॉयल्स के प्रेक्टिस सेशन में बॉलिंग करता रहे।  रॉयल्स टीम प्रबंधन से जुड़े मोंटी देसाई ने अंकित सोनी की प्रतिभा को पहचाना और टीम में उसे शामिल करने का प्रस्ताव रखा, लेकिन दुर्भाग्य से अन्य पदाधिकारियों ने ध्यान नहीं दिया। कॉल्विन शील्ड में अच्छे प्रदर्शन को देखते हुए अंकित को मुम्बई भेजा गया, जहां वह मोंटी देसाई के क्लब से खेलने लगा। अब मोंटी देसाई गुजरात लॉयंस टीम से जुड़े हुए हैं। लॉयंस टीम के ड्वेन ब्रावो तथा शिविल कौशिक के चोटिल होने पर देसाई ने ही अंकित को टीम में लेने का सुझाव दिया। उससे पहले ही कप्तान सुरेश रैना प्रेक्टिस सैशन में अंकित की गेंदबाजी देख चुके थे, इसलिए इरफान पठान के साथ ही अंकित को भी टीम में शामिल कर लिया।

पहले ही मैच में जमाई धाक

अंकित सोनी ने गुजरात लॉयंस की तरफ से आरसीबी के खिलाफ खेलते हुए पहले ही मैच में धाक जमाई। उसने 3 ओवर में 28 रन देकर नेगी का महत्वपूर्ण विकेट तो लिया ही, विध्वंसक बल्लेबाजी एबी डीविलियर्स को रन आउट भी कराया। उनके प्रदर्शन पर कमेंटेटर भी चकित थे कि बिना रणजी मैच खेले ही सीधे आईपीएल में आया यह युवा खिलाड़ी कितना प्रतिभाशाली है।

दो बार आईपीएल नीलामी से चूके

अंकित सोनी दो बार लेग स्पिनर के रूप में आईपीएल नीलामी में भाग ले चुके हैं, लेकिन दुर्भाग्य से किसी टीम ने उन्हें नहीं खरीदा। पहली बार वर्ष 2015 और फिर 2017 की नीलामी में उनका बेस प्राइस 10 लाख रुपए रखा गया था। अब गुजरात लॉयंस ने बेस प्राइस पर ही उन्हें टीम में शामिल किया है। टीम की तरफ से बुधवार को अंकित सोनी के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए।




दिव्यता

दिव्यता

विजयश्री:रिंकु
जन्म 9 अप्रेल 1981 गमन 28 अप्रेल 1984.


 






















वह अवतरित हुई
आनन्दित हुए
उसके हाव भाव
देते रहे दिव्य संदेश।
परी सी उड़ गई
एक दिन
विलीन हो गई
आकाश में।
छोड़ गई
स्मृतियों में
अनन्त
संदेश।

..........
श्रीमती विनीता सूर्यवंशी-करणीदानसिंह राजपूत  :  माता-पिता
योगेन्द्र प्रतापसिंह-रीतिका-अनाया  :  लघु भ्राता-भाभी-भतीजी
रवि प्रतापसिंह-साक्षी: लघु भ्राता-भाभी

Monday, April 24, 2017

अशोक क्वातड़ा की 1 साल की सजा कायम: अपील खारिज




सूरतगढ़ 24 अप्रैल 2017 अशोक कवातड़ा की 1 साल की सजा कायम रखते हुए अप्पर सेशन न्यायाधीश ने वारंट जारी करने का निर्देश देते हुए कवातड़ा की अपील 20 अप्रैल को खारिज कर दी। अशोक कवातड़ा पुत्र राम दित्ता मल अरोड़ा शारदा बाल निकेतन स्कूल सूरतगढ़ का यह यह प्रकरण रूपए के लेने, भुगतान में चैक देने व चैक के अनादरण होने पर शुरू हुआ।

अशोक कवातड़ा ने ज्योति प्रकाश ठाकराणी से 4 लाख 90 हजार रुपए कर्ज लिए थे।

कवातड़ा ने 18 फरवरी 2014 को चेक दिया जो बैंक में रकम नहीं होने पर  अनादरित हो गया ।
 ज्योति प्रकाश ने अशोक क्वातड़ा को कानूनी नोटिस वकील के मार्फत भेजा। मगर अशोक क्वातड़ा ने रकम नहीं चुकाई।

इस पर अशोक क्वातड़ा के विरुद्ध अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सूरतगढ़ के यहां वाद दायर किया गया। पीठासीन अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सूरतगढ़ बलवंत सिंह भारी ने ने17-12-2015 को अशोक कवातड़ा को 1 वर्ष के साधारण कारावास की सजा सुनाई और 5 लाख 65 हजार रुपए परिवादी को क्षति  पूर्ति  देने का निर्णय सुनाया। अशोक ने उक्त निर्णय के विरुद्ध अपर सेशन न्यायाधीश सूरतगढ़ की अदालत में अपील की जो 6 जनवरी 2016 को पंजीबद्ध हुई।
अपर सेशन न्यायाधीश ने दोनों पक्षों को सुना।
 इस अदालत में अपीलार्थी अशोक क्वातड़ा की ओर से वकील ताराचंद स्वामी ने और परिवादी ज्योति प्रकाश ठाक राणी की ओर से वकील दया शंकर शर्मा ने पैरवी की।
अप्पर सेशन न्यायालय पीठासीन अधिकारी ईश्वरी लाल वर्मा ने 20 अप्रैल 2017 को अशोक क्वातड़ा की अपील खारिज कर दी। 

Sunday, April 23, 2017

जिप्सम के अवैध खनन से सिंचाई प्रणाली को भारी खतरा:खान मंत्री की चुप्पी:



- करणीदान सिंह राजपूत-


 सूरतगढ़ उपखंड इलाके में जिप्सम के अवैध खनन से सिंचाई प्रणाली को भयानक खतरा पैदा हो गया है। जिला कलेक्टर ज्ञानाराम की रात्रि चौपाल में 21 अप्रैल को ग्रामीणों ने अपनी जबान खोली और यह गंभीर समस्या सामने रखी।जिप्सम खनन करने वाले सिंचाइ के खालों के पास से खुदाई कर रहे हैं जिससे खाले क्षतिग्रस्त होने की हालत में पहुंच रहे हैं। इलाके में जिप्सम के अवैध खनन होने के समाचार छपते रहे हैं लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई राजस्थान पत्रिका ने बहुत बड़ी रिपोर्ट प्रकाशित की थी जिसमें उन स्थानों तक का उल्लेख था जहां जिप्सम का अवैध खनन चल रहा है। जिप्सम का अवैध खनन और उसके ढुलाई इलाके की पुलिस राजस्व प्रशासन पंचायत प्रशासन और परिवहन विभाग की मिलीभगत से ही संभव है। सूरतगढ़ तहसील क्षेत्र में जिप्सम की खुदाई कोई चोरी छिपे नहीं हो रही खुलेआम जेसीबी मशीनें लगाकर ट्रैक्टर-ट्रॉलियां लगाकर यह अवैध धंधा करने वाले लोग मालामाल हो रहे हैं।दुखद यह स्थिति है कि सूरतगढ़ श्री गंगानगर जिले का प्रमुख इलाका है और खनन मंत्री सुरेंद्र पाल सिंह टीटी श्री गंगानगर जिले के श्री करनपुर गांव गुलाबेवाला के रहने वाले करणपुर से विधायक निर्वाचित हैं।वर्तमान में खनन राज्य मंत्री हैं और उनके पास में स्वतंत्र प्रभार है ऐसा संभव नहीं है कि उनको जिप्सम के अवैध खुदाई का मालूम न हो । राजस्थान पत्रिका के बहुत बड़ी रिपोर्ट छापने के बाद तो इस स्थिति एकदम साफ हो गई की जब जन जन को मालूम हो गया तब मंत्री को मालूम कैसे नहीं हो पाया? मंत्री सुरेंद्र पाल सिंह टीटी जब जब अपने गांव के इलाके में आते रहे हैं तब अधिकतर आना जाना सूरतगढ़ से होता है। राजस्थान पत्रिका में जो रिपोर्ट छपी वह निश्चित रूप से मंत्री को मालूम है मंत्री के हितैषी लोगों ने निश्चित रुप से बताया भी होगा। पहले पीआरओ की ड्यूटी हुआ करती थी यह वह ऐसी स्पेशल रिपोर्ट को प्रशासन के सामने रखे।निश्चित रुप से वह रिपोर्ट प्रशासन के सामने रखी गई होगी।मंत्री जी का कुछ समय पहले एक समाचार पीआरओ की तरफ से रिलीज हुआ था कि उन्होंने झुंझुनू की पहाड़ियों में खदानों में औचक निरीक्षण किया। सवाल यह पैदा होता है कि मंत्री वहां औचक निरीक्षण कर सकते हैं तो अपने खुद के जिले में औचक निरीक्षण करने में रुकावट क्यों आ रही है? आखिर क्या राज है ? इस इलाके के अंदर जिप्सम माफिया मालामाल हो रहे हैं? आखिर मंत्री जी कब बोलेंगे और कब कार्यवाही होगी? राजस्थान सरकार ने पहले खान घोटालों में बहुत कुछ किया है जो कार्यवाही चल रही है तो फिर सूरतगढ़ इलाके में जिप्सम के अवैध खनन पर कोई भी कार्यवाही क्यों नहीं हुई ? अभी जिला कलेक्टर ने सूरतगढ़ के एडीएम को कार्य वाही करने का कहा है।

जिला कलेक्टर को इसके लिए जिला एसपी को भी सूचित करना चाहिए कि वह पुलिस विभाग पर शक्ति रखे। सूरतगढ़ एडीएम चांदमल वर्मा को आए हुए अभी कुछ महीने हुए हैं इलाके में  जिप्सम के अवैध खनन को रोकने की कठोर कार्यवाही से पहले कम से कम उन क्षेत्रों का निरीक्षण करन चाहिए। जहां यह अवैध खनन काफी संख्या में चल रहा है ताकि अचानक कार्यवाही में फिर कोई दिक्कत नहीं आए और जब भी कार्यवाही हो तो इतनी पक्की हो कि जितने व्यक्ति वहां अवैध खनन में मौजूद हो वह भागने न पाए और निश्चित रूप से उनकी गिरफ्तारी हो। होता यह आया है कि जब छापेमारी होती है तब माफिया को पहले से ही सूचना मिल जाती है। यह सूचना कौन देता है इसका अनुमान लगाया जा सकता है। माफिया के साथ इस अवैध धंधे में मिला हुआ है वहीं सूचना देता है। यह सूचना है सारी की सारी मोबाइल के मार्फत होती है सरकार के पास जांच के हर पावर हैं तो ऐसी स्थिति में इस जांच की कार्यवाही को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए। प्रशासन के मोबाइल नंबर आम नागरिक के पास होने चाहिए कि जहां कहीं अवैध कार्यवाही देखे तो तुरंत एडीएम को सूचित करें और  फिर एडीएम अपना पूरा तामझाम लेकर के कार्यवाही करें।

Saturday, April 22, 2017

सूरतगढ़ की ठेठार पंचायत में कलेक्टर की रात्रि चौपाल: अनेक निर्देश



श्रीगंगानगर, 22 अप्रेल। जिला कलक्टर श्री ज्ञानाराम ने कहा कि राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप ग्रामीण क्षेत्र में निवास करने वाले परिवारों को अधिकतम पट्टे दिये जाये।

जिला कलक्टर सूरतगढ पंचायत समिति की ग्राम पंचायत ठेठार में आयोजित रात्रि चौपाल में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि जिन परिवारों के पास स्वयं के भू-खण्ड है, उन्हें पट्टे दिये जाये तथा जिन परिवारों के पास भू-खण्ड नही है, उन्हें राजरकबे से नियमानुसार भूखण्ड आवंटित किये जाये, जिससे उन्हें आवासीय योजना का लाभ मिल सके।

गरीब पात्र को खाद्य सामग्री से वंचित न करें

जिला कलक्टर ने कहा कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना में ग्राम पंचायत में 69 प्रतिशत परिवारों को राशन देने का प्रावधान है। इस योजना में कई अपात्र नागरिक भी गेहूं ले रहे हैं जो उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि अपात्र व्यक्ति द्वारा गेहूं लेने से दो तरह के अपराध सामने आते है। पहला गलत तथ्य पेश कर योजना का लाभ लेना तथा दूसरा गरीब पात्र व्यक्ति का हक छीन कर खाना है। उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि जो अपात्र लोग है उन्हें सूची से हटाये तथा गरीब, जरूरतमंद व पात्र लोगों को इस योजना का लाभ दें।

नेटवर्क की समस्या

ग्रामीणों ने जिला कलक्टर को बताया कि इस क्षेत्र में मोबाईल टॉवर नही होने से नेटवर्क की समस्या रहती है। जिला कलक्टर ने भारत संचार निगम के अधिकारियों को निर्देशित किया है कि ग्रामीणों को नेटवर्क की सुविधा मिले, इसके लिये बीएसएनएल आवश्यक कार्यवाही करें।

पानी की बारी नही बांधने की शिकायत

रात्रि चोपाल में 1 केएनडी निवासी मिल्खराज ने पानी की बारी नही बांधने की शिकायत की। जिला कलक्टर ने इस बात को गंभीरता से लिया तथा किसान मिल्खराज को आश्वस्त किया कि अगर नियमानुसार आपकी बारी बनती है तो निश्चित  तौर पर इस समस्या का समाधान मैं करवाउंगा।

सिंचाई अधिकारी नही पहुंचे रात्रि चौपाल में

जिला कलक्टर द्वारा आयोजित रात्रि चौपाल में निर्देशों के बावजूद सिंचाई अधिकारी नही पहुंचे। उल्लेखनीय है कि गत दिनों जल संसाधन विभाग के शासन सचिव ने हिदायत दी थी कि रात्रि चौपाल में कम से कम एक्शियन स्तर का अधिकारी पहुंचे। जिला कलक्टर ने इसे गंभीरता से लिया है तथा इस संबंध में उच्च अधिकारियों को लिखा जायेगा।

अवैध जिप्सम निकासी पर रोक लगें

रात्रि चौपाल में ग्रामीणों ने जिला कलक्टर से शिकायत की कि पक्के खालों के आस-पास जिप्सम का अवैध खनन किया जा रहा है। जिला कलक्टर ने एडीएम को निर्देशित किया कि किसी भी हालात में जिप्सम का अवैध खनन नही होगा। अवैध खनन पर प्रभावी अंकुश लगाया जाये तथा ऐसे व्यक्तियों के विरूद्ध कार्यवाही की जावे।

पुराना विद्यालय बनेगा खेल मैदान

जिला कलक्टर ने ग्रामीणों की मांग के अनुसार पुराने विद्यालय में खेल मैदान बनाने के निर्देश दिये हैं, उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत पुराने जर्जर भवन को नकारा घोषित करने के लिये प्रस्ताव तैयार करे जिससे सार्वजनिक निर्माण विभाग भवन को नकारा घोषित करने की कार्यवाही करेगा।

ठेठार में बने बाईपास

ग्रामीणों ने रात्रि चौपाल में बताया कि जिप्सम से भरे भारी वाहन गांव के मध्य से गुजरते है, जिससे दुर्घटना की आशंका रहती है। जिला कलक्टर ने सार्वजनिक निर्माण विभाग को निर्देशित किया कि गांव के बाहर बाईपास की संभावनाआें का पता लगाकर प्रस्ताव तैयार करे।

सौर उर्जा वितरण में अनियमितता

रात्रि चौपाल में ग्रामीणों ने सौर उर्जा वितरण में अनियमितता तथा अधिक राशि वसूलने की शिकायत की। जिला कलक्टर ने एडीएम सूरतगढ को निर्देशित किया कि सात दिन में सौर उर्जा वितरण की जांच कर तथ्यात्मक रिपोर्ट पेश करें।

रात्रि चौपाल में चांदमल वर्मा एडीएम सूरतगढ़, बनवारी लाल एसडीएम सूरतगढ, फकीर चंद शर्मा तहसीलदार, रोमा सहारण विकास अधिकारी, सरपंच श्री ईमीचंद कुलड़िया सहित अधिकारी व ग्रामीणजन उपस्थित थे।






Friday, April 21, 2017

सूरतगढ राशन घोटाला भी खोलो, गंगानगर में मचा है तूफान



 - करणीदानसिंह राजपूत-


 सूरतगढ़ में कई महीने पहले राशन घोटाले के विरुद्ध संघर्ष चला प्रदर्शन हुए उपखंड अधिकारी के कार्यालय के आगे शहर के विभिन्न संस्थाओं की ओर से धरना हुआ ।आरोप लगाया गया कि थोक और खुदरा दोनों व्यवस्थाओं में थोक और खुदरा एजेंट मालामाल होते रहे लेकिन लोगों को राशन नहीं मिला। इसी पर हंगामा हुआ जो लोग राशन लेने कभी डिपुओं पर गए नहीं उनके बारे में तो कोई जांच ही नहीं हुई। पूरे प्रकरण में प्रशासन की ओर से लीपापोती होती रही और आश्वासन देकर धरने को रुकवा दिया गया लेकिन मालामाल होने वालेे विक्रेताओं में से एक भी व्यक्ति दंडित नहीं हुआ न आवश्यक वस्तु अधिनियम में मुकदमा हुआ। श्रीगंगानगर में राशन घोटाले को लेकर तूफान मचा है और सूरतगढ़ का घोटाला प्रशासन और विक्रेताओं की मिलीभगत से फाइलों में बंद पड़ा है।आज भी सूरतगढ़ का राशन घोटाला खोला जाए तो अनेक लोग दोषी मिलेंगे और  सभी का कच्चा चिट्ठा सामने आ जाएगा। रसद निरीक्षक रसद अधिकारी एक भी नहीं बचेगा। श्री गंगानगर में भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने अपनी ही सरकार के विरुद्ध और अपने ही राजनेताओं जनप्रतिनिधियों के विरुद्ध आवाज उठाई है। श्री गंगानगर में ऐसे में जागरूक जनता को सूरतगढ़ में आश्वासन पर बंद किए संघर्ष को फिर से शुरू करना चाहिए और शुरू करने से पहले सरकार को और प्रशासन को चेतावनी पत्र दे दिए जाने चाहिए।



Tuesday, April 18, 2017

करनी प्रेस इंडिया 7 लाख दर्शकों से पार :नई ऊंचाइयों पर

-  करणीदानसिंह राजपूत -

बैशाखी पर्व के आसपास करणी प्रेस इंडिया 7 लाख के नजदीक पहुंच रही थी। बड़ी खुशी की बात है कि पाठकों  ने करणी प्रेस इंडिया के समाचार रिपोर्ट लेख टिप्पणी और फोटोग्राफ्स को पसंद किया है। पाठकों की रुचि पर करणी प्रेस इंडिया हर स्तर पर खरे रूप में प्रमाणित हुई है। पाठकों की संख्या आस-पास के अलावा देश के विभिन्न हिस्सों में तथा करीब 40- 50 अन्य देशों में भी अपनी पहुंच बना चुकी है।

समाचार पत्रों में समाचार एक बार पढ़ा जा सकता है इसमें आप जब चाहें पाठक समाचार पढ़ सकते हैं। कोई समय सीमा नहीं  है ।समाचार पत्रों में अनेक महत्वपूर्ण फोटो छपते नहीं या एक फोटो छप सकता है।करणी प्रेस इंडिया में महत्वपूर्ण फोटोग्राफ्स भी देने का भरपूर प्रयास रहता है और जलसों जुलूसों और धार्मिक आयोजनों के फोटोग्राफ्स अधिक से अधिक देने की कोशिश रहती है ताकि आयोजन में वे लोग भी उस आयोजन का आनंद उठा सकें जो शामिल नहीं हुए थे। करणी प्रेस इंडिया में समाचारों के अलावा काफी समय से सरकारी सूचनाएं देनी भी शुरू की गई है जो आम लोगों के लिए बहुत लाभदायक रही है। महत्वपूर्ण सूचनाएं होती है जो अनेक अखबार छापते नहीं या इलाके विशेष में रह जाती है। अनेक सरकारी फंक्शन को महत्वपूर्ण स्थान दिया जाने लगा है इसके अलावा विभिन्न इलाकों में जनांदोलन चलते हैं या जनता महत्वपूर्ण विषयों  को उठाती है, उनके ऊपर भी समाचार रिपोर्ट टिप्पणीयां दी जाने लगी है जिनका लाभ निश्चित रूप से पाठकों को मिला है।यही कारण है कि पाठक करणी प्रेस इंडिया को पसंद करने में आगे बढ़ रहे एक महत्वपूर्ण बात यह है कि कोई भी समाचार जब मिला तो उसे पुष्टि करके तत्काल देने की कोशिश भी रही है। करणी प्रेस इंडिया अपने समाचारों को अपने लेखों को अपडेट करने में भी आगे रही है।

एक मिशन है भ्रष्टाचार और दुराचार से मुक्त समाज बनाने का जिसके लिए कटिबद्ध हैं। कोई व्यक्ति कोई संगठन अगर अपराध करता है दुराचार में शामिल होता है तो उसका समाचार देने में करणी प्रेस इंडिया सदा आगे रहा है। समाचारों में निर्भीकता रही है। 

करणी प्रेस इंडिया के एक साथ अधिक सामग्री पढने के लिए क्लिक करें www.karnipressindia.com . इससे में पेज खुलेगा। Facebook पर और ऑल वर्ल्ड ब्लॉग पर भी लिंक दे रखा है। कुछ पाठक फेस बुक लिंक शीर्षक को ही पढ़ कर लाइक कर देते हैं।उसमें दी गई महत्वपूर्ण सामग्री से चूक जाते हैं। लिंक को क्लिक करके पूरा समाचार पढ़ते हैं जो एक उचित प्रक्रिया है।लेकिन इसमें एक क्लिक पर एक समाचार ही मिल पाता है। वैसे मेरा यह कहना है कि Facebook लिंक के साथ karni press india.com भी लिखा होता है उसे अगर क्लिक करें तो Facebook पर ओरिजिनल पेज खुलेगा और अधिक से अधिक समाचार पढ़ पाएंगें। कोशिश करें और आनंद मिलेगा क्लिक करने www.karnipressindia.com india.com

आपकाका शुभेच्छु,




करणी दान सिंह राजपूत

 स्वतंत्र पत्रकार 

सूरतगढ़ राजस्थान (इंडिया) संपर्क 94143 81356

12 पी एस रायसिंहनगर में नशा मुक्ति कार्यशाला





श्रीगंगानगर, 18 अप्रेल। पुलिस अधीक्षक श्री राहुल कोटोकी द्वारा चलाए जा रहे नशा मुक्ति अभियान के तहत पुलिस थाना रायसिंहनगर द्वारा मंगलवार को विवेकानंद मेमोरियल पब्लिक स्कूल 12 पीएस रायसिंहनगर में  निशुल्क नशा मुक्ति परामर्श शिविर व कार्यशाला का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि श्री भारत राज अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, रायसिंहनगर ने अपने संबोधन में कहा कि नशा मानवता का दुश्मन है। नशे के कारण व्यक्ति मानव को मानव नहीं समझता तथा अत्याचारी बनकर मानवता के विरुद्ध गलत राह पर चलने लग जाता है, जबकि हमें गुरुओं के बताए मार्ग पर चलकर नशों से ना केवल खुद को बचाना चाहिए बल्कि दूसरे लोगों को भी बचाना चाहिए।

कार्यक्रम में मुख्य वक्ता नशा मुक्ति परामर्श एवं उपचार केंद्र के प्रभारी डॉक्टर रविकांत गोयल ने नशे से मानव जीवन पर पड़ने वाले विभिन्न नुकसानों के बारे में जानकारी दी तथा नशे से बचने बचाने के आसान तरीके बताएं डॉक्टर गोयल ने उपस्थित जनसमूह को जीवन पर निशाना करने की शपथ दिलाई।

इस कार्यक्रम में आनंद स्वामी वृताधिकारी पुलिस  रायसिंहनगर ने कहा कि नशे के कारण व्यक्ति कई बार ना चाहते हुए भी अपराध कर अपना जीवन सलाखों के पीछे बिताने पर मजबूर हो जाता है, इसलिए हर हाल में नशे से दूर रहना चाहिए ।

कार्यक्रम में नशा मुक्ति मुहिम के समाजसेवी श्री बनवारी लाल शर्मा व ( व्याख्याता ) ने अपने संबोधन में कहा कि नशा करना पाप का घर है इससे परिवार बर्बाद हो जाते हैं हमारे गुरुओं ने भी नशा ना करने का उपदेश दिया है जिस पर हमें चलना चाहिए ।

प्रधानाचार्य श्री धर्मेंद्र शर्मा ने पुलिस प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे इस अभियान की भूरी-भूरी प्रशंसा की उन्होंने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम युवा व समाज के लिए सार्थक सिद्ध होंगे  ।

कार्यशाला में विवेकानंद मेमोरियल पब्लिक स्कूल के विद्यालय के छात्रा-छात्राओं ने स्टाफ सहित भाग लिया एवं एवं ग्रामीण भी  उपस्थित रहे ।

थाना अधिकारी रायसिंहनगर श्री अरविंद बिश्नोई ने कहा कि जनमानस को इस अभियान में भाग लेकर नशा मुक्त भारत का निर्माण करना चाहिए।

इस कार्यक्रम के अंत में डॉक्टर गोयल ने शिविर में आए नशा पीड़ित लोगों की जांच व  उचित परामर्श प्रदान किया। मंच संचालन श्री रघुवीर काजला व्याख्याता  ने किया।





Saturday, April 15, 2017

तापघात व लू से बचाव के आवश्यक सुझाव


आम नागरिक इन सुझाव व घरेलू उपचार से गर्मी से बचाव कर सकते है।
लू तापघात के प्रमुख लक्षण
गर्मी व लू लगने पर शरीर पर गर्म जलन का होना, पसीना ज्यादा होना, मुंह का रंग लाल होना, जी मचलना व च€कर आना तथा गंभीर हालत होने पर पसीना आकर बंद हो जाना तथा बेहोश हो जाना इसके लक्षण है।
घरेलू उपचार
लू लगने के लक्षण दिखने पर मरीज को तुरंत ठंडे स्थान, एसी, कूलर के नीचे ले जाये। सिर व अन्य हिस्सों पर गिली पट्टी करें, ओआरएस का घोल पिलाएं तथा बेहोशी आने पर तत्काल अस्पताल लेकर जाये।
तापघात लू से इस प्रकार करें बचाव
भूखे पेट घर से नही निकलना चाहिए। कुछ खाकर तथा पानी पीकर घर से निकले। सूती व ढ़ीले कपड़े पहने। घर से बाहर निकलते समय सिर ढक़ कर निकले। सीधी धूप में लम्बे समय तक पैदल नही चले। बीच में आराम जरूर करें। दोपहर बाहर निकलने में बचने का प्रयास करें। गणतव्य स्थान पर पहुंचते ही सामान्य पानी पीएं। किसी तरह की परेशानी महसूस करने पर तत्काल चिकित्सक के पास ले जाना चाहिए।

16-5-2016
update 15-4-2017.

Wednesday, April 12, 2017

राजस्थान में फसल कटाई के बाद खेतों में आग लगाकर जलाने पर रोक

फसल अवशेष जलाने पर प्रतिबंध


श्रीगंगानगर, 12 अप्रेल। राजस्थान सरकार के मुख्य सचिव द्वारा दिये गये निर्देशों के अनुसार फसल अवशेष जलाने से उत्पन्न वायु प्रदुषण के मानवीय स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव को रोकने के लिये अवशेष जलाने पर प्रतिबंध रहेगा। 


जिला कलक्टर श्री ज्ञानाराम ने बताया कि किसानों द्वारा अपने खेतों में फसल अवशेषों को जलाने से होने वाले वायु प्रदूषण से आमजन को परेशानी होती है। जिन खेतों में कम्बाईन हार्वेस्टर के द्वारा फसल कटाई की जाती है वहां 6 से 9 इंच तक ऊंचाई का फसल अवशेष भूमि में बच जाता है। फसल अवशेष को सामान्यतः किसानों द्वारा जला दिया जाता है, जिससे वायु प्रदूषण की समस्या उत्पन्न होती है। 


माननीय राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण व केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण मण्डल द्वारा इस परिपाटी को रोकने हेतु निर्देशित किया है। पर्यावरण विभाग राजस्थान द्वारा उक्त फसल अवशेष जलाने को अधिसूचना द्वारा वायु (प्रदूषण नियंत्राण एवं रोकथाम) अधिनियम 1981 की धारा 19 (5) के तहत प्रतिबंधित किया गया है। 


फसल अवशेष कृषि भूमि के लिये पोषक तत्वों का उतम स्त्रोत है। उन्नत कृषि यंत्रों जैसे कि रोटावेटर, रीपर, हैप्पीसीडर, रीपर बाइण्डर, स्ट्रॉ रीपर आदि के इस्तेमाल से उक्त फसल अवशेष को काटकर इसकी ईंट बनाकर ईंधन के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है या इसके टुकड़े-टुकड़े कर मिट्टी में मिश्रित किया जा सकता है या इसे पशु आहार हेतु भूसे के रूप में  भी परिवर्तित किया जा सकता है। 

फसल अवशेष को जलाने से उत्पन्न वायु प्रदूषण के मानवीय स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव को रोकने हेतु व इस उत्तम संसाधन के उचित उपयोग को बढावा दिया जावें। रात्रि चौपाल, किसान गोष्ठियां, प्रशिक्षण कार्यक्रमों, नुक्कड़ नाटक, वाल पेंटिंग आदि के द्वारा जन सामान्य के बीच जागरूकता पैदा की जायेगी। 

Tuesday, April 11, 2017

25 बीबी(पदमपुर) में नशा मुक्ति शिविर




श्रीगंगानगर, 11 अप्रेल। जिला पुलिस अधीक्षक श्री राहुल कोटोकी के निर्देशानुसार पुलिस प्रशासन द्वारा स्वास्थ्य व शिक्षा विभाग के सहयोग से जिला स्तर पर चलाये जा रहे नशा मुक्ति अभियान के अन्तर्गत मंगलवार को शिवालिक चिल्ड्रन्स एकेडमी 25. बीबी तहसील पदमपुर जिला श्री गंगानगर में पुलिस थाना पदमपुर के नशा मुक्ति शिविर का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में  मुख्य अतिथि के रुप में एस डी. एम पदमपुर श्री संदीप कुमार ने कहा कि मानव जिवन अनमोल है जिसे नशे की भेंट नही चढाना चाहिए। माहापुरषो से प्ररेणा लेकर जीवन सफल बनाना चाहिए।

कार्यक्रम के अध्यक्ष रुप में डिप्टी एस पी करनपुर श्री सुनिल के पंवार ने कहा कि नशा अपराधो की जड है। समाज में अधिकतर अपराध नशे की वजह से होते है, नशा मिटाकर सुंदर समाज का निर्माण किया जा सकता है।

कार्यक्रम में राजकीय नशा मुक्ति परामर्श एंव उपचार केन्द्र श्री गंगानगर के प्रभारी डॉक्टर रविकान्त गोयल ने मुख्या वक्ता के रुप में उपस्थित विद्यार्थियों परिजनों ग्रामीणो व अध्यापकगणो को सम्बोधित करते हुए कहा कि नशा करने से व्यक्ति की अच्छे व बुरे में भेद करने की समझ समाप्त हो जाती है व्यक्ति नशे की लत को पूरा करने के लिए अपराध करने लगता है जिससे उसका व उसके परिवार का जीवन खतरे में पड जाता है डॉ गोयल ने नषे के दोषो दुष्प्रभावो की जानकारी देते हुए नषो से बचने व नषे के आदी लोगो को नशामुक्त करने के वैज्ञानिक उपायो की जानकारी देते हुए उपस्थित जनसमूह को जीवन भर नशा न करने तथा समाज से नशा मिटाने की शपथ दिलाई।

कार्यक्रम में विशिष्ठ अतिथि सामाजिक कार्यकर्ता श्री बनवारी लाल शर्मा ने विद्यार्थियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि नशा विनाश का मार्ग है इससे बचना चाहिए।

कार्यक्रम में पुलिस थाना पदमपुर के श्री सुभाष चन्द्र ए. एस आई में पुलिस जाब्ता के ए. एस आई सुभाष चन्द्र  ने विद्यार्थियों को नषे की बुराईयों से अवगत कराते हुए नशें से दूर रहने तथा पुलिस द्धारा चलाये जा रहे नशा मुक्ति अभियान में नशा मुक्ति दूत के रुप में जुडकर समाज से नशे को मिटाने हेतू प्रेरित किया।


कार्यक्रम में शिवालिक चिल्ड्रन्स एकेडमी 25. बी. बी की प्रधानाचार्य श्रीमती श्वेता गिल ने विद्यार्थियों से संवाद कायम करते हुए कहा कि नशा मानवता का दुश्मन है। नशे के कारण हमारे समाज को बहुत नुकसान हो रहा है। गंगानगर पुलिस द्धारा चलाया जा रहा नशा मुक्ति अभियान वास्तव में एक सराहनीया एंव अनुकरणीय कदम है प्रत्येक को इससे जुडकर नशा मुक्ति का सन्देश घर-घर पंहुचाना चाहिए शिवालिक चिल्ड्रन्स एकेडमी 25. बी. बी की प्रधानाचार्य श्रीमती श्वेता गिल ने नशा मुक्ति पर अपने विचार व्यक्त कर सभी से सहयोग की अपील की।

कार्यक्रम में शिवालिक चिल्ड्रन्स एकेडमी के विद्यार्थियों अध्यापकगणो तथा ग्रामीणो ने भाग लिया चिक्त्सि विभाग की तरफ से कार्यक्रम में नशे के आदि रोगियों की डॉ गोयल द्धारा मोके पर ही जांच कर परामर्श प्रदान किया गया। कार्यक्रम का मंच संचालन अध्यापक पुलकित द्वारा किया गया।


गांवों में आबादी भूमि में पट्टा हीन व्यक्तियों को पट्टे एवं भूखंड दिए जाएंगे

14 अप्रैल से 12 जुलाई तक चलाया जाएगा विशेष अभियान


श्रीगंगानगर, 11 अप्रैल। गांवों में पट्टाहीन पात्र व्यक्तियों को अब आबादी भूमि में पट्टा और भूखंड आवंटन किया जाएगा। राज्य सरकार इसको लेकर पूरे राज्य में अभियान चलाने जा रही है। ये अभियान 14 अप्रैल को डॉ भीमराव अंबेडकर जयंती से शुरू होकर 12 जुलाई 2017 तक चलाया जाएगा। 90 दिन के इस अभियान की तैयारियों को लेकर जिला कलक्टर श्री ज्ञानाराम ने जिला परिषद सीईओ, एसीईओ और जिले के सभी विकास अधिकारियों को निर्देशित किया है। इस अभियान के लिए पंचायत समिति स्तर पर संबंधित विकास अधिकारी प्रभारी अधिकारी होंगे। 


                            जिला कलक्टर ने बताया कि अभियान के तहत 14 अप्रैल 2017 शुक्रवार को जिले की प्रत्येक पंचायत समिति की चयनित दो-दो ग्राम पंचायत में शिविर प्रारंभ किया जाएगा। उसके बाद अगले सप्ताह से प्रत्येक सोमवार और गुरूवार को प्रत्येक पंचायत समिति की एक-एक ग्राम पंचायत में शिविर आयोजित किए जाएंगे। सोमवार और गुरूवार को राजपत्रित अवकाश होने की स्थिति में शिविर अगले कार्यदिवस में आयोजित किए जाएंगे। जिला कलक्टर ने बताया कि कुछ पंचायत समितियों में ये स्थिति भी हो सकती है कि उपरोक्त दिवसों में केवल एक ही शिविर आयोजित करने से अभियान अवधि में वहां की समस्त ग्राम पंचायतों में शिविर आयोजित नहीं हो सके लिहाजा ऐसी स्थिति में सीईओ जिला परिषद कुछ कार्यदिवसों में दो-दो शिविर भी आयोजित कर सकते हैं। 


                           जिला कलक्टर श्री ज्ञानाराम ने बताया कि ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग के शासन सचिव और आयुक्त श्री आनंद कुमार ने सभी जिला कलक्टर्स को पत्र लिखकर निर्देश दिए हैं कि कि अभियान की सफलता को लेकर वर्तमान में ग्राम पंचायतों द्वारा पट्टा आवंटन में आ रही व्यवहारिक दिक्कतों को दूर कर लिया जाए ताकि अभियान के दौरान पट्टा आवंटन को लेकर किसी प्रकार की समस्या का सामना नहीं करना पड़े। जिला कलक्टर ने बताया कि आमजन से वांछित आवेदन पत्र आदि शिविर प्रारंभ होने की तिथि से पहले ही लेकर उनके निस्तारण की आवश्यक कार्यवाही की जाएगी ताकि शिविर वाले दिन संबंधित व्यक्ति को पट्टा वितरित किया जा सके। साथ ही बताया कि शिविर में प्राप्त होने  वाले आवेदन पत्रों का निस्तारण उसी दिन किया जाएगा। यदि आवेदनों की संख्या ज्यादा है तो निस्तारण की प्रक्रिया शिविर के अगले दिवस तक आरंभ रखी जाकर प्राप्त होने वाले समस्त आवेदन पत्रों का निस्तारण किया जाएगा। 


                             कलक्टर ने बताया कि ग्राम पंचायत में उपलब्ध गैर मुमकिन आबादी भूमि का इंद्राज संबंधित ग्राम पंचायत के नाम दर्ज किया जाएगा। साथ ही जिन ग्राम पंचायतों के पास आवंटन हेतु आबादी भूमि उपलब्ध नहीं है उन ग्राम पंचायतों के लिए ग्राम पंचायत क्षेत्रा में उपलब्ध सिवायचक, राज्य सरकार के स्वामित्व की अन्य उपयोग की भूमि को आबादी उपयोग में परिवर्तित करते हुए आवंटन हेतु ग्राम पंचायत को उपलब्ध करवाई जाएगी। जिन पंचायत क्षेत्रों में राजकीय भूमि के रूप में केवल चारागाह भूमि ही उपलब्ध है वहां पर आवश्यकतानुसार भूमि को आबादी भूमि में रूपांतरित कर ग्राम पंचायतों को उपलब्ध करवाई जाएगी। जिला कलक्टर ने सभी तहसीलदारों और पटवारियों को पाबंद किया है कि एक सप्ताह के अंदर जिलों की समस्त ग्राम पंचायतों को उनकी आबादी भूमि का सीमाज्ञान करवाया जाए।


14 अप्रैल को यहां लगेंगे शिविर


                         एसीईओ श्रीमती रचना भाटिया ने बताया कि 14 अप्रैल को सभी तहसीलों की दो-दो ग्राम पंचायतों पर शिविर लगाए जाएंगे। शिविरों का आयोजन जहां जहां होगा वो इस प्रकार है- अनूपगढ़ में 9 एलएमबी और 20 एलएम, श्रीगंगानगर में 13 जी छोटी और 27 जीजी, घड़साना में 13 एमडी और 2 एमएलडीए, करणपुर में रेड़ेवाला और 9 एफए, पदमपुर में 35 बीबी और 5 बीबीए, रायसिंहनगर में समेजा और 75 एनपी, सादुलशहर में डूंगरसिंहपुरा और गणेशगढ़, सूरतगढ़ में गुरूसर मोडिया और भगवानगढ़ व श्रीबिजयनगर में 16 एएस कूपली और 16 जीबी में शिविर आयोजित किए जाएंगे। 


                          श्रीमती भाटिया ने बताया कि अभियान के सफल संचालन के लिए प्रत्येक शिविर के लिए अग्रिम दल का गठन किया गया है जिसमें टीम प्रभारी संबंधित पंचायत समिति के पंचायत प्रसार अधिकारी को बनाया गया है इसके अलावा अग्रिम दल में एक अन्य पंचायत प्रसार अधिकारी, कनिष्ठ तकनीकि सहायक, संबंधित ग्राम सेवक, संबंधित पटवारी और निकटवर्ती ग्राम पंचायतों के ग्राम सेवक को शामिल किया गया है।

अनूपगढ़ को क्या चाहिए और क्या नहीं चाहिए? सच जाने

- करणीदानसिंह राजपूत-

अनूपगढ़ वासियों की लगातार मांग रही है कि अनूपगढ़ महत्वपूर्ण सीमाई कस्बा है और इसे जिला बनाया जाए। यह महत्वपूर्ण मांग लगातार 5 सालों से चली आ रही है।

 अनूपगढ़ की एक और मांग है अनूपगढ़ से बीकानेर को रेल मार्ग से जोड़ा जाए। 

अनूपगढ़ वासियों की मांग है कि अनूपगढ़ को लंबी दूरी की गाड़ियों से जोड़ा जाए। 

अनूपगढ़ वासियों ने सूरतगढ़ अनूपगढ़ सड़क के लिए भी आंदोलन किया।यह महत्वपूर्ण सड़क टूट चुकी थी और उसका आखिर निर्माण शुरू हुआ। 

अनूपगढ़ वासियों को और भी बहुत कुछ चाहिए लेकिन गौरव पथ नहीं चाहिए। विकास के और भी कार्य होने चाहिए लेकिन गौरव पथ में कोई पेच डालना चाहता है। कोई रोकना चाहता है चाहे किसी प्रभाव से  या रोजी रोटी के नाम से या अन्य कारणों से।कहने का तात्पर्य यह है कि विकास के अनेक कार्य चाहिए है लेकिन गौरव पथ नहीं चाहिए। 

 गौरवपथ का निर्माण संपूर्ण अनूपगढ़ कस्बे के लिए हो रहा है और बाहर से आने वाले लोगों के लिए भी हो रहा है। अगर 100- 50 दुकानदार यह चाहें कि गौरव पथ का निर्माण नहीं होना चाहिए तो मैं समझता हूं कि बहुत बड़ी भूल होगी।

 एक कड़वी बात यहां कहना चाहता हूं की दुकान का हक मालिक का उतना ही है जितनी साइज की दुकान की कीमत उसने सरकार को नीलामी में खरीद पर आंवटन पर अदा की और उसकी रजिस्ट्री हुई। उसके आगे दुकान दार का हक एक इंच भूमि पर भी नहीं है।लोगों के न बोलने पर ,नगर पालिका की अनदेखी के कारण या सड़क महकमे की अनदेखी के और लापरवाही के कारण दुकान से बाहर Footpath पर कब्जे हो जाते हैं और दुकानदार उस Footpath के कब्जे को अपना मालिकाना अधिकार समझता है।

फुटपाथ का मतलब स्पष्ट है कि यह पैदल लोगों की सड़क है। इसे किसी भी हालत में रोका नहीं जा सकता। 

गौरव पथ के निर्माण  में पूरा अनूपगढ़ अड़चन नहीं डाल रहा।कुछ लोग अड़चन डाल रहे हैं ।

अब सवाल यह है कि सौ पचास लोगों की बात सुनी जाए या अनूपगढ़ के पचास साठ हजार लोगों की बात सुनी जाए। 

प्रशासन से दुकानदारों को जिन्होंने अतिक्रमण कर रखे हैं उन को केवल एक बार नोटिस देने की जरूरत है। जिसमें स्पष्ट रुप से लिखा जाना चाहिए की उन्होंने फुटपाथ पर सड़क पर अतिक्रमण कर रखा है जो गैर-कानूनी है। 

सरकार निर्माण कराना चाहती है। ऐसे में कोई भी जनप्रतिनिधि उसमें रोडे़  डालने काम करे तो उसकी शिकायत भी कोई भी व्यक्ति सरकार को कर सकता है बल्कि कर दी जानी चाहिए। किसी भी जनप्रतिनिधि को यह अधिकार नहीं है कि वह कुछ लोगों के लिए बहुमत को रोकने की कोशिश करे।

 गौरव पथ के निर्माण को रोकना तो सरकार के कार्य को रोकना हुआ।  जनप्रतिनिधि कैसे अपनी ही सरकार के कार्य को रोकना चाहेगा और अगर चाहता है तो ऐसे जनप्रतिनिधि की आवश्यकता क्या है?उसकी शिकायत की जानी चाहिए। सरकार में भी और संबंधित राजनीतिक पार्टी में भी। 

गौरव पथ बनाया जाना इसलिए उचित है कि इससे आगे की बहुत सी संभावनाएं जुड़ी हुई हैं। अनूपगढ़ वासियों को या क्षेत्रवासियों को बहुत से विकास चाहिए जिनका मैंने ऊपर उल्लेख किया है अगर वे विकास कार्य चाहिए तो अनूपगढ़ का ढांचा भी उस तरीके से बनाना उचित होगा।

 मेरा तो यही सुझाव है कि गौरव पथ का निर्माण शीघ्र कराने के लिए कदम उठाएं।


गंगानगर हनुमानगढ़ बीकानेर के कुछ पत्र-पत्रिकाओं की विज्ञापन मान्यता रद्द हुई

 करणी दान सिंह राजपूत

 भारत सरकार ने  समाचार पत्रों पत्रिकाओं को विज्ञापन देने सस्पेंड किए हैं ।उनमें राजस्थान की भी कुछ पत्र-पत्रिकाएं शामिल हैं। 

इनमें श्री गंगानगर हनुमानगढ़ बीकानेर चूरू जयपुर जोधपुर भीलवाड़ा सवाईमाधोपुर झुंझुनू सुमेरपुर झालावाड़ की कुछ पत्र पत्रिकाएं सूची में है जिनके विज्ञापन के लिए निरस्त करने का आदेश  6 अप्रैल 2017 को जारी किया था। जिसमें देश भर के 804 पत्र पत्रिकाओं के नाम हैं।यह आदेश अतिरिक्त डायरेक्टर जनरल सत्येंद्र प्रकाश के हस्ताक्षर से जारी हुआ। कारण यह बताया गया है कि नियमानुसार इन को हर महीने की 15 तारीख तक प्रतियां जमा करानी चाहिए लेकिन अक्टूबर 2016 से फरवरी 2017 तक संबंधित पत्र पत्रिकाओं ने अपनी प्रतियां जमा नहीं कराई इसलिए इनको विज्ञापन रोक दिए गए।

भारत सरकार ने 804 पत्र-पत्रिकाओं की विज्ञापन मान्यता रद्द की

- करणीदान सिंह राजपूत -

भारत सरकार ने 804 पत्र-पत्रिकाओं की विज्ञापन मान्यता रद्द कर दी है।अब इनको सरकारी विज्ञापन नहीं मिलेंगे। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के डीएवीपी विभाग ने 6 अप्रैल को यह आदेश जारी किया है। उसमें कारण बताया गया है कि अक्टूबर 2016 के बाद से इन्होंने अपनी प्रतियां डीएवीपी कार्यालयों​ में जमा नहीं करवाई। नियमानुसार प्रतियां जमा कराना अनिवार्य है। सूची में आरएसएस का राष्ट्रधर्म मासिक पत्रिका का नाम भी है जिसे 1947 में शुरू किया गया था और संस्थापक संपादक अटल बिहारी वाजपेई थे।

Monday, April 10, 2017

महावीर जयंती समारोह विधायक राजेंद्र भादू व पालिकाध्यक्ष काजल छाबड़ा के आतिथ्य में हुआ

 - करणीदान सिंह राजपूत - 

सूरतगढ़ 10 अप्रैल 2017.

 भगवान महावीर की जयंती समारोह यहां श्री माहेश्वरी सदन में आयोजित किया गया। जैन आचार्य श्रीमद् विजय आनंद महाराज साहब ने अपने उपदेश में बहुत ही सीख और चेताने वाली बात कही कि कर्मों का फल इसी जीवन में मिलता है​, इसलिए सोच और समझ कर कर्म करें। विजयानंद जी महाराज का यह उपदेश इसलिए महत्वपूर्ण है कि आज राजनेता, पैसे वाले,प्रभाव वाले लोग मंचों पर घोषणाएं कुछ भी करते रहें सच्चे बने रहें लेकिन उनकी नीयत और उनके कर्म भ्रष्टाचार से भरे हुए तथा सामाजिक नीतियों के विरुद्ध होते हैं।आज इस प्रकार का माहौल बना दिया गया है कि लाखों रुपए कमीशन भ्रष्टाचार में खाने वाला 10 मिनट किसी समारोह में जाकर कुछ अंश दान देकर अपने आप को पवित्र मान लेता है। वह सोच लेता है कि उसके सारे पाप  इस दान से और इस कुछ मिनट की समाजसेवा से धुल गए हैं। महावीर जयंती के पर्व पर जैन आचार्य विजय आनंद जी का उपदेश बहुत ही सीख देने वाला है। यह किसी एक को नहीं समाज के हर व्यक्ति को चेताता है कि वह जो कुछ कर रहा है उस पर किसी न किसी की नजर जरूर है और वह सर्वशक्तिमान इसी जन्म में उसके कर्मों का फल भी दे देता है। 9 अप्रैल को मनाए गए समारोह में जैन आचार्य विजय आनंद जी के अलावा मुनिराज  जयकीर्ति विजय और मुनि दिव्यांश विजय का भी सानिध्य रहा।




Sunday, April 9, 2017

एटा सिंगरासर माइनर 10 मई तक का समय दिया गया

सूरतगढ 9 अप्रैल 2017. कामरेड हेतराम बेनीवाल,   टिब्बा क्षेत्र  संघर्ष समिति  के संयोजक  संयोजक राकेश बिश्नोई, जिला परिषद डायरेक्टर डूंगरराम गेदर , शयोपत कामरेड ,कामरेड मगेज चौधरी, पूर्व विधायक गंगाजल मील ,अमित कड़वासरा ,ओम राजपुरोहित, सत्यप्रकाश  सियाग, श्रवण सिंगाठिया आदि किसान नेताओं के नेतृत्व में किसान व  मातृशक्ति बड़ी संख्या में थर्मल का घेराव को पहुंचे।  दोपहर 3 बजे प्रशासन के साथ किसान नेताओं ने वार्ता की।  लिखित में समझौता हुआ की पूर्व में गठित कमेटी 10 मई तक अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप देगी व रिपोर्ट को सार्वजनिक कर दिया जाएगा। तब तक प्रशासन ने किसानों से समय मांगा । कामरेड हेतराम बेनीवाल ने कहा कि हम 10 मई तक समय देने को तैयार हैं लेकिन 10 मई को पूरे क्षेत्र के किसान एकत्रित होंगे और नहर खुदने तक डटे रहेंगे । और सूरतगढ़ में चल रहा किसानों का महापड़ाव लगातार जारी रहेगा।




शराब से पिशाचों की फौज बढ़ रही है


शराब से पिशाचों की बढ़ रही है फौज -  संत नरसिंह दास जी


संपूर्ण शराब बंदी से ही प्रदेश होगा सुखी - पूनम अंकुर छाबड़ा



जयपुर।

       पिंजरापोल गोशाला टौंक रोड पर आयोजित श्री रामकथा  में व्यास पीठ को सुशोभित करते संतश्री 1008 श्री महामंडलेश्वर सिद्ध श्री बाबा श्री नरसिंह दास जी महाराज (अयोध्या) ने कहा की पूरे देश प्रदेश में धर्म का ह्रास हो रहा है और पिशाचों की संख्या बढ़ रही है। इन सब की गुनहगार शराब है ।

सरकार को आम जन के हित के लिए अपने लालच को त्याग करके शराब रुपी दानव का अंत करना होगा तभी देश प्रदेश में सुखमय वातावरण निर्मित होगा। संत श्री ने आशीर्वाद देते हुए कहा की समाज के हित के लिए निस्वार्थ रूप से जो कार्य पूनम अंकुर छाबड़ा जी कर रही हैं यह अतुलनीय है और ऎसे बिरले ही लोग होते हैं जो अपना सब कुछ समाज हितार्थ कार्यो को समर्पित करते हैं।आपके वंदनीय कार्यो के लिए साधुवाद और संत समाज आम जन के साथ सरकार से आव्हान करता है की शराब रुपी दानव का अंत कर सभ्य समाज की रचना करे ।


   इस अवसर पर आमंत्रित अतिथी जस्टिस फॉर छाबड़ा जी संगठन की राष्ट्रीय अध्यक्ष​ पूनम अंकुर छाबड़ा ने कहा की संतों के आशीर्वाद और उनके मार्गदर्शन से ही सम्पूर्ण शराब बंदी होगी।

हम लगातार आम जन के बीच शराब और नशे के दुस्प्रभावों को बता कर जन जागृति का प्रयास कर रहे हैं।  सरकार  तक भी शराब बंदी की अपनी मांग को पंहुचा रहे हैं। आज पूरे प्रदेश का हर वर्ग शराब बंदी आंदोलन के साथ उठ खड़ा हुआ है और जब तक प्रदेश शराब रुपी दानव से मुक्त नहीं होगा तब तक हम आन्दोलनरत रहेंगे।


     कथा आयोजकों ने इस अवसर पर शराब बंदी आन्दोलन की राष्ट्रीय अध्य्क्ष पूनम अंकुर छाबड़ा का दुपट्टा ओढ़ाकर बहुमान किया साथ ही उपस्तिथ जन समहु ने नशा मुक्ति का संकल्प लेकर आन्दोलन में पूरा सहयोग का वादा किया पूरा पण्डाल शराब बंदी के अमर बलिदानी शहिद श्री गुरुशरण जी छाबड़ा और गो माता के जयकारों से गूँज उठा ।

पूनम अंकुर छाबड़ा ने कहा कि शराब व्यापारी द्वारा महिलाओं के साथ जो अभद्रता की,उनके शांति पूर्ण धरने को हिंसा करके महिलाओं के हक़ को छीना वह लोकतन्त्र की हत्या है।



हिंदी लिखने में ध्यान रखें

देवनागरी लिपि में लिखने वालों के लिए कुछ उपयोगी बाते...

         हिन्दी लिखने वाले अक़्सर 'ई' और 'यी' में, 'ए' और 'ये' में और 'एँ' और 'यें' में जाने-अनजाने गड़बड़ करते हैं...।

कहाँ क्या इस्तेमाल होगा, इसका ठीक-ठीक ज्ञान होना चाहिए...।

      जिन शब्दों के अन्त में 'ई' आता है वे संज्ञाएँ होती हैं क्रियाएँ नहीं... जैसे: मिठाई, मलाई, सिंचाई, ढिठाई, बुनाई, सिलाई, कढ़ाई, निराई, गुणाई, लुगाई, लगाई-बुझाई...।
       इसलिए 'तुमने मुझे पिक्चर दिखाई' में 'दिखाई' ग़लत है... इसकी जगह 'दिखायी' का प्रयोग किया जाना चाहिए...। इसी तरह कई लोग 'नयी' को 'नई' लिखते हैं...। 'नई' ग़लत है , सही शब्द 'नयी' है... मूल शब्द 'नया' है , उससे 'नयी' बनेगा...।
       क्या तुमने क्वेश्चन-पेपर से आंसरशीट मिलायी...?
( 'मिलाई' ग़लत है...।)
आज उसने मेरी मम्मी से मिलने की इच्छा जतायी...।
( 'जताई' ग़लत है...।)
उसने बर्थडे-गिफ़्ट के रूप में नयी साड़ी पायी...। ('पाई' ग़लत है...।)
अब आइए 'ए' और 'ये' के प्रयोग पर...।
बच्चों ने प्रतियोगिता के दौरान सुन्दर चित्र बनाये...। ( 'बनाए' नहीं...। )
लोगों ने नेताओं के सामने अपने-अपने दुखड़े गाये...। ( 'गाए' नहीं...। )
दीवाली के दिन लखनऊ में लोगों ने अपने-अपने घर सजाये...। ( 'सजाए' नहीं...। )
        तो फिर प्रश्न उठता है कि 'ए' का प्रयोग कहाँ होगा..? 'ए' वहाँ आएगा जहाँ अनुरोध या रिक्वेस्ट की बात होगी...।
अब आप काम देखिए, मैं चलता हूँ...। ( 'देखिये' नहीं...। )
आप लोग अपनी-अपनी ज़िम्मेदारी के विषय में सोचिए...। ( 'सोचिये' नहीं...। )
नवेद! ऐसा विचार मन में न लाइए...। ( 'लाइये' ग़लत है...। )
          अब आख़िर (अन्त) में 'यें' और 'एँ' की बात... यहाँ भी अनुरोध का नियम ही लागू होगा... रिक्वेस्ट की जाएगी तो 'एँ' लगेगा , 'यें' नहीं...।
आप लोग कृपया यहाँ आएँ...। ( 'आयें' नहीं...। )
जी बताएँ , मैं आपके लिए क्या करूँ ? ( 'बतायें' नहीं...। )
मम्मी , आप डैडी को समझाएँ...। ( 'समझायें' नहीं...। )
         अन्त में सही-ग़लत का एक लिटमस टेस्ट... एकदम आसान सा... जहाँ आपने 'एँ' या 'ए' लगाया है , वहाँ 'या' लगाकर देखें...। क्या कोई शब्द बनता है ? यदि नहीं , तो आप ग़लत लिख रहे हैं...।
         आजकल लोग 'शुभकामनायें' लिखते हैं... इसे 'शुभकामनाया' कर दीजिए...। 'शुभकामनाया' तो कुछ होता नहीं , इसलिए 'शुभकामनायें' भी नहीं होगा...।
'दुआयें' भी इसलिए ग़लत हैं और 'सदायें' भी... 'देखिये' , 'बोलिये' , 'सोचिये' इसीलिए ग़लत हैं क्योंकि 'देखिया' , 'बोलिया' , 'सोचिया' कुछ नहीं होते...।
      रचयिता...अज्ञात...
डॉ Anita Singh की वाल से साभार ।

पाकिस्तान जाने वाला पानी रोका जा सकेगा

सांसद श्री निहालचंद फिर पहुंचे हरिके बैराज गत घुडकी का हुआ असर


सिल्ट निकालने एवं मरम्मत कार्यों में हुई प्रगति



श्रीगंगानगर, 8 अप्रेल। सांसद एवं पूर्व केन्द्रीय राज्यमंत्री श्री निहांलचंद शनिवार को फिर हरिके बैराज पहुंचे। राजस्थान सरकार द्वारा हरिके बैराज पर सिल्ट निकालने, गेट मरम्मत एवं अन्य नहरों के सुदृढीकरण के कार्यों की प्रगति का जायजा लेने के लिये शनिवार को हरिके बैराज पहुंचे। सांसद श्री निहालचंद गत दिनों भी हरिके बैराज गये थे, लेकिन कार्यों की धीमी गति पर नाराजगी जाहिर की थी तथा अधिकारियों को मरम्मत एवं सिल्ट निकालने के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिये गये थे। सांसद श्री निहालचंद की गत यात्रा के दौरान अधिकारियों को बताई गई घुड़की का असर दिखने लगा है तथा कार्यों में प्रगति देखने को मिली है। 


सांसद एवं पूर्व केन्द्रीय राज्यमंत्री श्री निहालचंद ने बताया कि हरिके बैराज पर सिल्ट निकालने के कार्य में प्रगति आयी है। मौके पर तकनीकी अधिकारियों ने बताया कि 18 फीट तक सिल्ट निकालने का कार्य किया जा चुका है। जिस स्थान पर पहले आठ घंटे तक का भराव स्टॉक रहता था, जो सिल्ट निकलने से पांच छः दिन का स्टॉक हो जायेगा। 


गेट मरम्मत कार्य में आयी तेजी


हरिके बैराज पर गेटों से लिकेज होकर बह रहे पानी को रोकने के लिये गेट मरम्मत के कार्यों में तेजी आयी है। मौके पर लगभग 31 गेटों का कार्य लगभग पूर्ण कर दिया गया है तथा तीन गेट की मरम्मत का कार्य चल रहा है। इन सभी गेटों की मरम्मत का कार्य हो जाने से पाकिस्तान की ओर व्यर्थ बह रहे पानी को रोका जा सकेगा, जिसका सीधा लाभ राजस्थान के किसानों को मिलेगा।


पिट का कार्य शुरू


इंदिरा गांधी नहर परियोजना एवं फिरोजपुर नहर के पिट का कार्य प्रारम्भ कर दिया गया है। सांसद श्री निहांलचंद ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि राजस्थान सरकार के निर्देशानुसार निर्धारित अवधि में अच्छी गुणवत्ता के साथ कार्य पूर्ण होना चाहिए। 


फिरोजपुर लाईनिंग का कार्य जल्द पूरा करने के निर्देश


सासंद श्री निहालचंद ने फिरोजपुर फीडर की लाईनिंग के कार्यां की समीक्षा की। उन्होंने पंजाब एवं राजस्थान के सिंचाई अधिकारियों को निर्देशित किया कि फिरोजपुर फीडर की लाईनिंग का कार्य 16 अप्रेल तक हर सभंव पूर्ण होना चाहिए।


पंजाब क्षेत्र के दौरे के दौरान हनुमानगढ के जिला प्रमुख श्री कृष्ण चौटिया, श्री समीर सिंह, श्री महावीर गोदारा, एफ नहर के श्री हरविन्दर सिंह, एच नहर के श्री परविन्दर सिंह, श्री अजायब सिंह, श्री हाकम सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि, पंजाब व राजस्थान के अधिकारीगण  उपस्थित थे। 


Saturday, April 8, 2017

थर्मल ठप्प करने की घोषणा पर दुबारा सोचे आंदोलनकारी



ऐटा-सिंगरासर मामला संघर्ष समिति करे पुनर्विचार : संभागीय आयुक्त


श्रीगंगानगर/हनुमानगढ, 8 अप्रैल। -

एटा सिंगरासर माइनर आंदोलनकारियों द्वारा 9 अप्रैल को सूरतगढ़ तापीय विद्युत परियोजना स्थापित करने की घोषणा की हुई है और उसके लिए लगातार ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक प्रचार किया जा रहा है आंदोलनकारियों के दल गांव गांव घूम रहे हैं ऐसे मौके पर ठीक 1 दिन पहले 8 अप्रैल को बीकानेर के संभागीय आयुक्त श्री सुआलाल और गंगानगर के जिला कलक्टर श्री ज्ञानाराम ने ऐटा-सिंगरासर मामले में कहा है कि राज्य सरकार द्वारा गठित समिति द्वारा 10 मई-2017 तक रिपोर्ट आनी है। लिहाजा किसान संघर्ष समिति 9 अप्रैल-2017 को सूरतगढ थर्मल ठप्प करने की कार्यवाही पर पुनर्विचार करे, ताकि लोक शान्ति एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण बना रहे। संघर्ष समिति से जिला पुलिस-प्रशासन को सहयोग की भी अपेक्षा की जाती है।


सूरतगढ में अंबेडकर जयंती धूमधाम से मनाई जाएगी

- करणी दान सिंह राजपूत-

 सूरतगढ़ 8 अप्रैल 2017.  अंबेडकर भवन में डॉक्टर अंबेडकर जयंती समारोह समिति सूरतगढ़ की बैठक वरिष्ठ अध्यापक मनफूल सिंह बौध  की अध्यक्षता में संपन्न हुई ।


बैठक में निर्णय लिया गया कि भारत रत्न डा. भीमराव अंबेडकर की 126 वीं  जयंती  भव्य रुप से मनाई जाएगी। कार्यक्रम के प्रचार प्रसार के लिए ग्रामीण व शहरी क्षेत्र के लिए टीमें बनाई गई और कार्यक्रम में अधिक से अधिक लोगों को पहुंचने का आह्वान किया गया ।ग्रामीण क्षेत्र में प्रचार की कमान जिला परिषद डायरेक्टर डूंगरराम गेदर को सौंपी व शहरी क्षेत्र में प्रचार की कमान पार्षद जगदीश मेघवाल ,पार्षद गोपी नायक ,पार्षद राजा पंवार को सौंपी गई । बैठक में परशराम भाटिया जिलाध्यक्ष मेघवाल समाज व संयोजक अंबेडकर जयंती समारोह,डॉ. जोगासिह  कैंत ,ब स पा नगर अध्यक्ष पवन सोनी, अमित कल्याणा, वेद प्रकाश मेघवाल, कालू राम मेहरडा़, चिमनलाल भाटिया, जगदीश मेघवाल ,भागीरथ ढिल, बाबूलाल पीपल, मामराज नायक, लेखचंद  नायक ,इंद्राज कालवा ,गौतम ,एडवोकेट राम प्रताप जालप, आदि सदस्य शामिल हुए।




जैन संत आचार्य विजयानंद महाराज ने भादू निवास पगफेरी किया





"आप संतों के आशीर्वाद से मेरे सूरतगढ़ इलाके में विकास कार्य अच्छे चल रहे हैं-राजेन्द्र भादू"

-करणीदान सिंह राजपूत-

 सूरतगढ़ 8 अप्रैल 2017. मूर्तिपूजक जैन आचार्य विजय आनंद जी महाराज सूरतगढ़ पधारने पर विधायक राजेंद्र सिंह भादू के निवास पर पग फेरी की। विधायक राजेंद्र सिंह भादू व उनके पुत्र अमित भादू ने अगवानी में स्वागत किया।भादू ने स्वागत करते हुए कहा कि "आप संतो के आशीर्वाद से मेरे सूरतगढ़ क्षेत्र में विकास कार्य तेजी से चल रहे हैं "। आचार्य विजयानंद जी ने राजेंद्र भादू परिवार को आशीर्वाद प्रदान किया। विजय आनंद जी के साथ मुनि राज जय कीर्ति विजय और मुनि दिव्यांश भी थे। इस अवसर पर शहर के कई गणमान्य  भी उपस्थित थे।

जैन आचार्य विजयानंद जी महाराज साहब का सूरतगढ़ में मंगल प्रवेश








- करणीदान सिंह राजपूत-

जैन आचार्य विजय आनंद जी महाराज साहब का आज प्रातः बेला में सूरतगढ़ में मंगल प्रवेश हुआ। आचार्य के साथ मुनिराज जय कीर्ति विजय महाराज साहब व मुनि दिव्यांश विजय महाराज साथ में है।जैन आचार्य कल नगर सीमा में प्रवेश के उपरांत व्यापार मंडल कार्यालय परिसर में विराजमान थे। आज सुबह जैन बंधु व्यापार मंडल कार्यालय पर उपस्थित हुए और गाजे बाजे के साथ जैनाचार्य का शहर में प्रवेश कराया। सार्वजनिक निर्माण विभाग के निरिक्षण गृह के पास से शहर प्रवेश में संतों का स्वागत और मंगल वाणी व जयकारों के साथ प्रवेश किया गया।संत गण शहर में प्रवेश मैं जिधर से निकले उधर दर्शनों को लोग खड़े थे। संतो ने विधायक राजेंद्र सिंह गएभादू के निवास पर, माणकचंद सेठिया के व्यवसाय पर,माल चंद बांठिया के व्यवसाय पर और दिलात्म प्रसाद जैन के निवास पर पग फेरी कर आशीर्वाद दिया। जैन संत  जैन समुदाय विशेष शहर के अन्य लोगों के साथ श्री पार्श्वनाथ मंदिर पर पहुंचे।जैन आचार्य व मुनियों ने मंदिर में पूजन अर्चन किया।

सभी को आशीर्वाद देते हुए वहां से विजय वल्लभ जैन भवन पहुंचे। आचार्य विनोबा संतो की अगुवानी में भजन प्रस्तुत किए गए।जैन समुदाय की महिला मंडल वह तरुणी मंडल ने स्वागत गीत प्रस्तुत किए। संतो की अगवानी में वक्तव्य भी हुए।मुनिराज जयकीर्ति  महाराज ने मंत्र उच्चारण किया। मुनि दिव्यांश महाराज ने सीख देती हुई लोक कथा से रस बरसाया। आचार्य विजय आनंद जी ने कहा कि सूरतगढ़ का यह सौभाग्य है की महावीर जन्मोत्सव यहां इस धरती पर मनाया जाएगा इस जन्मोत्सव में संतों का सानिध्य सूरतगढ़ को मिलना बहुत अच्छा आशीर्वाद है। इस अवसर पर श्रीगंगानगर के श्यामलाल जैन की ओर से प्रकाशित जैन महामंत्र कार्ड का विमोचन करवाया गया। श्रीगंगानगर आत्म वल्लभ जैन कन्या महाविद्यालय के समिति अध्यक्ष कुंदन लाल जी बोरड़ ने अपने वक्तव्य में इस इलाके के सभी जैन और जैनांतर महानुभावों को बहनों को श्री गंगानगर के 13 अप्रैल के कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया।इस अवसर पर श्री गंगानगर के नरेश जी बांठिया ने भी वक्तव्य दिया। इस शुभ अवसर पर सूरतगढ़ से बाहर के संगरिया हनुमानगढ़ पीलीबंगा ढाबां के जैन बंधु भी उपस्थित थे










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Friday, April 7, 2017

आपातकाल लोकतंत्र सेनानियों की तबाही पर TT निहाला व राम प्रताप बेदर्द क्यों बने हैं

आपातकाल के ओलों से तबाह लोकतंत्र सेनानियों के लिए TT और निराला बेदर्द क्यों बने हैं?


- करणीदान सिंह राजपूत-

 श्रीगंगानगर जिले से राज्यमंत्री सुरेंद्र पाल सिंह टीटी और श्रीगंगानगर से सांसद निहालचंद मेघवाल ओलावृष्टि से नष्ट हुई फसलों से तबाह किसानों को राहत के लिए तुरंत कार्यवाही करने में जुटे हैं। हर तरह की मेहरबानी के लिए भी भाग दौड़ कर रहे हैं।मैं इन कार्यों का विरोध नहीं कर रहा। यह किया जाना चाहिए लेकिन मैं इन दोनों महानुभावों से यह महत्वपूर्ण सवाल उठा रहा हूं और इलाके के भाजपा विधायकों से भी मेरा यह सवाल है कि सन 1975 में आपातकाल लगाए जाने से लोकतंत्र रक्षा करने वाले सेनानियों के लिए किसी के भी दिल में दर्द क्यों नहीं है? 

आज प्रजातंत्र में जो सुविधाएं मंत्री विधायक सांसद भोग रहे हैं,वह लोकतंत्र की रक्षा करने के लिए उस समय जागरूक कार्यकर्ताओं ने अपनी जवानी अपना व्यवसाय अपने नौकरियां सब कुछ दाव पर लगा दिया था,उन लोगों की कुर्बानियों के कारण है। उनके कारण भारतीय जनता पार्टी सत्ता में बैठी है। श्रीगंगानगर जिले में सूरतगढ़ में राजस्थान में सबसे पहले आपातकाल के विरोध में आवाज उठी और आंदोलन की शुरुआत हुई ।

उस समय की कांग्रेस सरकार ने बदले की भावना से लोकतंत्र प्रहरियों को मीसा रासुका और शांति भंग की विभिन्न धाराओं में गिरफ्तार किया था। राजस्थान में जनता पार्टी की सरकार आने पर मुख्यमंत्री भैरों सिंह शेखावत के कार्यकाल में आपातकाल बंदियों को राजनीतिक बंदी मानते हुए ₹500 प्रतिमाह की राहत प्रदान की थी। उसका रिकार्ड सरकार के पास है। वर्तमान भारतीय जनता पार्टी की सरकार में सन 2014 से मीसा और रासुका बंदियों को पेंशन शुरू की गई। लेकिन सीआरसीपीे की धाराओं 107/ 151 /116 में बंदी रहे लोकतंत्र सेनानी गिरफ्तार हुए थे उनके लिए पेंशन सुविधा जारी नहीं की। 

वर्तमान स्थिति में जो लोग जीवित बचे हैं उनकी उम्र 70 साल से अधिक और अनेक लोग 80 और 90 वर्ष के करीब की उम्र में है। जीवन के अंतिम पड़ाव में है। अनेक लोग संसार छोड़ चुके हैं।

 लोकतंत्र सेनानियों की पत्नियां वृद्धावस्था में बड़ी कठिनाइयों में अपना वैधव्य जीवन गुजार रही हैं। 

राजस्थान की वर्तमान सरकार मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की ओर से कुछ भी कहा नहीं जा रहा।भारतीय जनता पार्टी के राजस्थान के अध्यक्ष अशोक परनामी द्वारा  किसी भी पत्र का जवाब नहीं दिया जा रहा।

 ऐसे में सवाल उठता है कि आपातकाल में जिन लोगों ने अपना सब कुछ दांव पर लगा दिया था उनके लिए इलाके के जनप्रतिनिधि क्या कर रहे हैं? आज ओलावृष्टि पर नहरी पानी के मामले में भागदौड़ हो रही है, सुविधाएं हो रही है। करोड़ों रुपए जनप्रतिनिधि अपने कोटे से लगा रहे हैं, तो आपातकाल के तबाह हुए लोकतंत्र प्रहरियों के लिए इलाके के यह जनप्रतिनिधि कुछ भी बोल क्यों नहीं रहे, लिख क्यों नहीं रहे? 

एक भी जनप्रतिनिधि वृदावस्था भोग रहे लोकतंत्र सेनानियों से कभी मिलने नहीं गया । कभी उनसे हाल-चाल नहीं पूछें। कभी उनसे नहीं पूछा कि उनका जीवन यापन कैसे चल रहा है।क्या उनके दिल में मामूली सा दर्द नहीं है। कभी उन महिलाओं से दुख दर्द  नहीं जाना।श्रीगंगानगर जिले में कितने लोग किन विपदाओं में  जीवन गुजार रही है। 

वर्तमान जनप्रतिनिधि आपातकाल में जेलों में नहीं गए थे।इन्होंने कोई आंदोलन नहीं किया था, इसलिए इनके दिल में कोई दर्द नहीं है। राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे भी आपातकाल में जेल में नहीं थी न कहीं प्रदर्शन किया हुआ था, इसलिए उनके दिल में भी आपातकाल से तबाह लोगों के प्रति दिल में कोई जगह नहीं है। यह जनप्रतिनिधि जो इलाके के हैं,क्या वे अपनी कुर्सी के लिए वसुंधरा राजे को कह नहीं पाते। लिख नहीं पाते। उनको भय है की उनकी कुर्सी चली जाएगी।भविष्य में चुनाव के लिए टिकट नहीं मिलेगी। मतलब केवल अपने पद अपने परिवार की ही परवाह है,जिन लोगों ने कुर्बानियां दी उनकी तरफ इनका कोई ध्यान नहीं है। 

मैं यह कहना चाहता हूं कि अगर मामूली सी गैरत है,मामूली सी भी इंसानियत है, तो इस विषय पर गौर करें और  लोगों से मिले तथा वसुंधरा राजे को शांति भंग में गिरफ्तार किए गए जेलों में बंद रहे लोगों को भी पेंशन देने के लिए मजबूर करें। 

ऐसा हो नहीं सकता कि अनेक जनप्रतिनिधि वसुंधरा को कहे और वसुंधरा कहना नहीं माने।जनप्रतिनिधियों के कहने से वसुंधरा को भी कहना मानना पड़ेगा। शांतिभंग 107/ 151/ 116 बटा 3 सीआरपीसी में बंदी रहे लोकतंत्र सेनानियों को पेंशन दिए जाने के लिए एक प्रावधान तैयार किया गया था जो एक  साल अधिक से वसुंधरा के पास पड़ा हुआ है। 

हाल ही में राजस्थान की विधानसभा में ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर यह कहा गया की एक समिति बनाई जाएगी। लेकिन समिति बनाने में ही अगर 6 महीने या साल का समय बीत गया तो उसका लाभ नहीं मिल पाएगा ।समिति तत्काल बनाई जाए और उसको रिपोर्ट देने का समय दें तीस  दिन का दिया जाए तो उसका कुछ लाभ मिल सकता है। 

मैं इस विषय में एक और सख्त बात कहना चाहता हूं  जो लोग आपातकाल में शांति भंग की धाराओं में जेलों में बंद रहे, उनकी विधवा औरतें पेंशन मांग रही है तो वह सरकारी खजाने से मांग रखी है। वसुंधरा राजे को अपने निजी खजाने से पैसा नहीं देना है। यह पैसा गुलाबचंद कटारिया राजेंद्र सिंह राठौड़ अरुण चतुर्वेदी की जेब से नहीं लगना है।यह पैसा सुरेंद्र पाल सिंह टीटी सांसद निहालचंद या हनुमानगढ़ से चुने जाने वाले डॉक्टर रामप्रताप की जेब से खर्च होने वाला नहीं है।जब यह पैसा सरकारी खजाने से दिया जाना है तब इन जनप्रतिनिधियों की सोच पर मुझे तरस आता है।

आज ओलावृष्टि पर आप तुरंत सर्वे करवाना चाहते हैं तुरंत राहत भी दिलाना चाहते हैं लेकिन जो लोग 41- 42 साल पहले तबाह हो गए अपनी जवानी और व्यवसाय लोकतंत्र के लिए दांव पर लगा दिया उन लोगों के लिए आपके पास में 1 मिनट नहीं है।

सूरतगढ़ में गौरव पथ बनेगा, कब्जे हटेंगे

इंदिरा सर्किल से चरण सिंह चौक तक मुख्य सड़क चौड़ी बनेगी

-करणीदान सिंह राजपूत - सूरतगढ़ 7 अप्रैल 2017. इंदिरा सर्किल से चौधरी चरण सिंह चौक तक बाजार में से निकलती हुई सड़क गौरव पथ के रूप में बनाई जाएगी और इसकी वर्तमान चौड़ाई को बढ़ाया जाएगा।

6 अप्रैल को हुई व्यापारियों की बैठक में  सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता सुशील विश्नोई ने यह स्थिति स्पष्ट की, उन्होंने कहा कि सड़क की चौड़ाई बढ़ाकर बीच में डिवाइडर बनाया जाएगा। इस सड़क का नाम गौरव पथ के नाम से होगा। सड़क के दोनों तरफ पानी निकासी के लिए नालियां होंगी। गौ

रव पथ निर्माण के लिए 6 अप्रैल को विधायक राजेंद्र सिंह भादू की उपस्थिति में एक बैठक दुकानदारों की आयोजित की गई थी।विधायक ने कहा कि गौरव पथ के निर्माण का उद्देश्य शहर का सौंदर्यीकरण करना है।

 1.कुछ दुकानदारों की राय थी कि सड़क की चौड़ाई बढ़ाने के लिए थड़े आदि हटा दिए जाएं।

2.कुछ व्यापारियों  की राय  थी कि दुकानों के आगे 3 फुट जगह छोड़कर नालों का निर्माण कराया जाए।

3. कुछ व्यापारियों ने कहा की यथा स्थिति में गौरव पथ का निर्माण करवा दिया जाए।यथा स्थिति में अतिक्रमणों से 80 फुट की सड़क कहीं 40 कहीं 50 फुट की बची हुई है।वर्तमान में अनेक दुकानदारों ने अपनी दुकानों के आगे 6  फुट  के फुटपाथ रोक कर 4-5 फुट ऊंचाई तक निर्माण कार्य करवा रखे हैं। यहां तक भी संतुष्ट नहीं हुए और उसके बाद आगे सड़क पर स्लोप  बनाकर अतिक्रमण कर रखे हैं। यह चौड़ाई फुटपाथ और सड़क पर 12 फुट तक अतिक्रमण है। मतलब इतनी सड़क की जमीन अतिक्रमण में दुकानदार उपयोग कर रहे हैं। यह सड़क मास्टर प्लान में 80 फुट चौड़ी प्रदर्शित की हुई है लेकिन वर्तमान में दोनों ओर के अतिक्रमण से सड़क की चौड़ाई कहीं 40 फुट और कहीं 50 फुट की है।सालों से अतिक्रमण करके पक्के निर्माण कर लिए हैं वे कभी नहीं चाहेंगे कि निर्माण तोड़े जाएं लेकिन गौरव पथ रोजाना या बार-बार नहीं बनेगा। 

इसका निर्माण नियमानुसार और निर्धारित चौड़ाई के अनुसार ही होना चाहिए। अतिक्रमण करने वाले चाहे कोई भी हों वे अपने अतिक्रमणों को कायम रखना चाहेंगे लेकिन यह स्थिति मंजूर नहीं की जा सकती। पिछले तीन चार सालों में इस सड़क के अतिक्रमण हटाने के लिए कई प्रार्थना पत्र दिए गए लेकिन नगर पालिका ने उन पर कार्यवाही नहीं की। नगर पालिका के अधिकारी और कर्मचारी कोई भी दफ्तर से बाहर निकल कर इन अतिक्रमणों को रोकने के लिए कभी आगे नहीं आया। अतिक्रमणों के समाचार लगातार समाचार पत्रों में सचित्र छपते रहे। सड़क की चौड़ाई घटती रही। इस सड़क पर हर समय दुर्घटना का खतरा रहता है और आवागमन बाधित रहता है। सड़क की चौड़ाई निश्चित रूप से बढ़ाई जानी चाहिए। दुकानदारों ने जानते-बूझते हुए अतिक्रमण कर रखे हैं और उसका उपयोग कर रहे हैं तथा अनेक ने किराए पर दे रखा है। ऐसी स्थिति में सड़क की चौड़ाई बढ़ाने के लिए कड़ाई करने के लिए जरूरत पड़े तो वह भी की जानी चाहिए। यह निश्चित है कि सड़क को निर्धारित मापदंड के अनुसार ही बनाया जाएगा। विभाग अपने नियम के हिसाब से ही चलेगा। अभी अनूपगढ़ में गौरव पथ के निर्वाण वास्ते व्यापारियों को समझाया गया है  व कड़ी चेतावनी भी दी गई । सूरतगढ़ की स्थिति भी यही है।व्यापारियों ने दुकान से आगे जो भी निर्माण किए हुए हैं उनको तत्काल हटा लेना चाहिए। दुकानदारों को जब-जब अवैध निर्माण हुए समाचार पत्रों में सारी स्थिति छपती रही मगर जानते बूझते अतिक्रमण किए गए। ऐसे अतिक्रमणों को गौरव पथ के निर्माण के वास्ते सख्ती से हटा दिया जाना चाहिए। फुटपाथ का मतलब है कि पैदल चलने वालों की जगह है, फिर दुकानदारों ने वहां पर निर्माण कैसे कर लिया।अगर दुकानदार खुद अतिक्रमण नहीं हटाते हैं तो नगर पालिका  हटाए और उसका सारा खर्चा नगर पालिका एक्ट के अनुसार दुकानदार से वसूल भी करे।



Thursday, April 6, 2017

रामनवमी पर सूरतगढ़ में अभूतपूर्व शोभायात्रा खंड 4


- करणीदानसिंह राजपूत -

सूरतगढ़ 5 अप्रैल 2017. रामनवमी पर निकाली गई शोभायात्रा का शहर में हर मार्ग पर अभूतपूर्व  स्वागत हुआ। लोगों का मानना है कि यह शोभा यात्रा राम मंदिर निर्माण की घोषणा ही समझी जाए।ऐतिहासिक शोभा यात्रा में हर समुदाय के लोगों ने भाग लिया। विभिन्न राजनीतिक सामाजिक व्यापारिक संगठनों ने इस शोभायात्रा में भाग लिया। युवाओं में अपार जोश ओम लिखा हुआ भगवा झंडा, एक हाथ में तिरंगा।अनेक युवकों के हाथों में तलवारें।हिंदू समुदाय की एकजुटता इस शोभायात्रा में प्रकट हो रही थी। रामनवमी की इस  अभूतपूर्व शोभायात्रा के खंड 4 में कुछ चुने हुए चित्र प्रस्तुत हैं।आपसे अनुरोध है कि अपने परिजन मित्रों जानकार लोगों को इस शोभायात्रा के सभी खंड शेयर करें,ताकि दूर बैठे लोग भी सूरतगढ़ की इस शोभा यात्रा का आनंद ले सकें।

रामनवमी पर सूरतगढ़ में अभूतपूर्व शोभायात्रा खंड 3



- करणी दान सिंह राजपूत-

सूरतगढ 5 अप्रैल 2017.

 रामनवमी पर सूरतगढ़ में निकाली गई शोभायात्रा अभूतपूर्व मानी गई। लोगों का मानना है कि इससे पहले ऐसी शोभायात्रा किसी भी पर्व पर नहीं निकाली गई थी। इस शोभायात्रा में जबरदस्त जोश था। इस शोभायात्रा के चुने हुए कुछ चित्र रामनवमी पर्व के इस खंड 3 में दिए जा रहे हैं। आप से अनुरोध है कि इन चित्रों का आनंद लें और अपने परिचितों मित्रों और परिजनों को शेयर करें,ताकि वे भी इस अभूतपूर्व शोभा यात्रा का आनंद प्राप्त कर सकें।

रामनवमी पर सूरतगढ़ में अभूतपूर्व शोभायात्रा खंड 2


- करणी दान सिंह राजपूत-

सूरतगढ़ 5 अप्रैल 2017.

 राम नवमी के अवसर पर निकाली गई शोभायात्रा अभूतपूर्व की इस शोभायात्रा के दूसरे खंड में कुछ चित्र दिए जा रहे हैं इन चित्रों से इस भव्य शोभायात्रा का आनंद आप ले सके आप से अनुरोध है कि अपने निकटतम परिजनों मित्रों और परिचितों को शोभा यात्रा के प्रत्येक खंड का शेयर करें ताकि वह लोग दूर बैठे हुए इस शोभा यात्रा का आनंद ले सकें।

रामनवमी पर सूरतगढ़ में अभूतपूर्व शोभायात्रा खंड-1


- करणीदानसिंह राजपूत-



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