Friday, March 3, 2017

सीमा पर बनेगा हाईवे जिस पर लड़ाकू विमान भी उतर सकेंगे


-  गौवत्स स्वामी मोहन की स्पेशल रिपोर्ट-

प्रस्तुतकर्ता - करणीदान सिंह राजपूत-


 *4 जिलों में 7000 करोड़ से बनेगा 1491 किमी.लंबा बॉर्डर हाइवे* 

* भारतमाला प्रोजेक्ट से सीमावर्ती बाड़मेर,जैसलमेर,बीकानेर और श्रीगंगानगर की फिजा बदलने वाली है। भारत-पाक बॉर्डर से सटे बाड़मेर-जैसलमेर समेत अन्य जिलों में बीते दो माह से विस्तृत परियोजना रिपोर्ट(डीपीआर)बनाने का कार्य चल रहा है। एक वर्ष की समयावधि में डीपीआर का कार्य पूरा हो जाएगा। इसके बाद दो जिलों की 1491 किमी.लंबे हाइवे का निर्माण शुरू होगा। दस मीटर चौड़ी भारत माला सड़क के दोनों ओर पटरियां होंगी। इसे राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 25,11 और 62 नाम दिया गया है। इसके लिए 7000 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। आपातकाल या युद्ध जैसे हालात के समय इस हाइवे पर एयरफोर्स,आर्मी फाइटर प्लेन भी लैंडिंग कर सकेगी। एनएचएआई ने प्रोजेक्ट रिपोर्ट को अंतिम रूप दे दिया है,जल्द ही केंद्र सरकार के परिवहन मंत्रालय को सुपुर्द की जाएगी। बॉर्डरके चार जिलों के गांवों की ऐसे बदलेगी सूरत:भारत-पाकबॉर्डर पर बाड़मेर जिले के प्रवेश द्वार बाखासर क्षेत्र से भारत माला सड़क के तहत हाईवे शुरू होगा,जो गागरिया तक पहुंचेगा। गागरिया से मुनाबाव,मुनाबाव से सूंदरा,सूंदरा से जैसलमेर जिले के म्याजलार,धनाना,असुतार,घोटारू,तनोट,किशनगढ़ तक कुल 275 किलोमीटर हाईवे इन दो जिलों को कवर करेगा। एनएचएआई ने कुल 7 प्रोजेक्ट बनाए है,कुल 1491 किमी.हाइवे का निर्माण होगा। इससे सेना को बॉर्डर के इलाकों में आवागमन और सैन्य अभ्यास में सुविधा मिलेगी,वहीं गांव के लोग भी बेहतर हाइवे की सड़क से जुड़ेंगे। {मुनाबाव(एनएच-25)-सुंदरा,म्याजलार-धनाना,असूतार,गूटूरा,तनोट,किशनगढ़(इंडो पाक बॉर्डर):275किमी. {जैसलमेर(एनएच-11)भाडासर,रामगढ़,तनोट और भाडासर-सरकारीतला(इंडो पाक बॉर्डर):205किमी. {गंगानगर(एनएच-62)रायसिंग नगर,रोजहरी-अवा,पूगल और अनूपगढ़-सूरतगढ़:275किमी. {जैसलमेर(एनएच-11),कानोड़-घंटियाल,नाचना,सिन्नू,नोख और जैसलमेर-म्याजलार:264किमी. {गागरिया-बाओरी कलान,सेड़वा,लकड़ासर,बाखासर(इंडो पाक बॉर्डर):125किमी. {नाचना-बालनऔर नाचना-भारेवाला:87किमी. {पूगल-अलदीनका बेरा,बेरीवानवाला और पूगल-बरसातपुर,रंजीतपुरा-चारांवाला,नोख-बाप:260किमी. क्या है भारत-माला प्रोजेक्ट|भारत-मालाप्रोजेक्ट से 2020 तक हर साल 7 हजार किमी.हाइवे का निर्माण किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट से बॉर्डर और कोस्टल एरिया में रोड कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने की योजना है। {बाखासर में सूखा बंदरगाह|बाड़मेरके बाखासर में प्रदेश का पहला सूखा बंदरगाह बनाया जाना प्रस्तावित है। इसके लिए समुद्र से 150 फीट चौड़ी नहर बनाकर बाखासर को जोड़ा जाएगा। ऐसे में भारत-माला प्रोजेक्ट से बाखासर को भी जोड़ा जा रहा है। {5000करोड़ से गुजरात तक नई रेल लाइन|बाड़मेर-जैसलमेर से सीधे कच्छ-भुज तक सड़क मार्ग नहीं है। ऐसे में हाल के बजट में केंद्र सरकार ने 5000 करोड़ रुपए से बाड़मेर-जैसलमेर के लिए नई रेल लाइन बिछाए जाने का ऐलान किया था। इसके लिए सर्वे का काम पूरा हो चुका है। इससे सरहदी गुजरात और राजस्थान से रेल संपर्क से जुड़ेंगे। भारत माला सड़क निर्माण की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट देशभर में एक साथ तैयार की जा रही है। 365 दिन के भीतर डीपीआर रिपोर्ट आने के बाद अप्रेल 2017 में बाखासर से गागरिया तक प्रथम चरण के तहत भारत माला सड़क का निर्माण कार्य शुरू होगा। यह कार्य एक वर्ष में पूर्ण हो जाएगा। द्वितीय चरण में गागरिया से मुनाबाव तक,तृतीय चरण में मुनाबाव से सूंदरा होते हुए जैसलमेर के किशनगढ़ तक निर्माण कार्य होगा। बॉर्डर के चार जिलों में बनने वाले हाइवे का निर्माण इस कदर किया जाएगा कि युद्ध या आपात हालात में सीमा के इस हाइवे पर लड़ाकू विमान भी उतारे जा सकेंगे। पाकिस्तान के सटे सभी प्रदेशों में हाइवे का निर्माण किया जाएगा। गुजरात,राजस्थान और पंजाब में एयरफोर्स और नेशनल हाईवे साथ मिलकर इन हाईवे को तैयार कर रहे हैं। फाइटर प्लेन का ख्याल रखते हुए इन हाइवे पर मोबाइल टॉवर या बिजली के खंभों को नहीं लगाया जाएगा। जिससे की विमान की सफलतापूर्वक लैडिंग करवाई जा सके । 

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