Sunday, March 5, 2017

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कौन पीता है शराब? स्टाफ रखे नजरः

*चिकित्सालय स्टाफ नजर रखें मरीज और मरीज के साथ रहने वाले लोग शराब न पिएं और न पी करके आएं*



-स्पेशल रिपोर्ट करणीदान सिंह राजपूत-

 सूरतगढ़ के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मैं गुपचुप और छिपकर लोग शराब का सेवन करते हैं। पुरुष वार्ड के टॉयलेट में रोशनदानों में शराब की कई खाली बोतलें आदि दिखाई पड़ी तो उनका चित्र लिया गया। मैं 3 मार्च को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मैं परिवार की चिकित्सा के लिए गया। 

ट्रॉमा सेंटर के प्रभारी डॉक्टर ने एक्स-रे कराने के लिए लिखा। एक्स-रे हुआ और टेक्निशियन ने कुछ देर इंतजार के लिए कहा। इसी इंतजार के दौरान मैं पेशाब करने के लिए पुरुष वार्ड के टॉयलेट में गया। पहले टॉयलेट में घुसते ही मेरे पांव पानी में पड़े। पूरा टॉयलेट सीट आदि सभी पानी से लबालब थे। शुक्र था कि चप्पल सेंडल के बजाए बूट पहने हुए थे।

मैं दूसरे टॉयलेट में गया। मेरी नजर रोशनदानों पर गई दोनों रोशनदानों में शराब की खाली बोतलें पड़ी थी। यह आश्चर्यजनक था। मैंने चित्र लिए। यह भी आश्चर्य था कि उस दूसरे टॉयलेट में चिटखनी नहीं थी  जिससे भीतर से बंद किया जा सके। टॉयलेट में जाने वाले उपयोग करने वाले कैसे करते होंगे?  चिटखनी तो बहुत जरुरत की चीज है। लेकिन सबसे बड़ा आश्चर्य शराब की खाली बोतलों पर था। मैंने यह चर्चा डॉक्टर से की। 

चिकित्सालय में टॉयलेट में शराब की बोतलें खाली मिलने का मतलब  है कि पुरुष वार्ड में भर्ती रोगी या फिर रोगी के साथ वाले निश्चित रूप से टॉयलेट में जाकर शराब पीते हैं और खाली बोतलें वहीं रोशनदान में फेंक देते हैं।टायलेट के रोशनदान अधिक ऊंचे नहीं हैं। 

 चिकित्सालय में शहर और बाहर के रोगी भर्ती होते हैं। चिकित्सालय की एक गरिमा होती है और लोग सुरक्षित भी मानते हैं लेकिन कोई इस चिकित्सालय का उपयोग गलत करे तो पूरे चिकित्सालय स्टाफ को चौकन्ना रहने की आवश्यकता है।

चिकित्सालय स्टाफ को हर रोगी और साथ में कोई अन्य रहता है तो उस पर नजर रखना जरूरी है। 

शराब कब कौन सा खतरा उत्पन्न कर दे,कोई हादसा हो जाए तो फिर सवाल करने वालों की संख्या बहुत होगी। पुरुष वार्ड के पास ही महिला वार्ड है। कोई शराबी असामाजिक तत्व कोई गलत हरकत कर दे तो बहुत बड़ा बदनामी का कारण होगा। रात्रि में स्टाफ के साथ भी कोई घटना घटित हो सकती है। एक बार फिर चिकित्सालय के चिकित्सकों नर्सिंग स्टाफ व अन्य कर्मचारियों से आग्रह है कि वे कड़ी नजर रखें कि कोई चिकित्सालय में दवा लेने आए और दारू का उपयोग करे।  मेरे कहने से या सूचना एक दो और स्थानों पर देने के बाद चिकित्सालय के टॉयलेट साफ-सुथरे कर दिए गए। टॉयलेट की सफाई  व दरवाजों की चिटखनियां  हर समय सही रहनी चाहिए। 

शहर में कई सामाजिक संस्थाएं हैं जो अवलोकन कर छुटपुट आवश्यक्ताओं को तुरंत पूरा कर सकती हैं।







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