Thursday, March 2, 2017

विधानसभा में बजरी खनन सवालों पर टीटी के जोरदार जवाब



‘‘बजरी खनन से अब तक 1140 करोड का राजस्व प्राप्त ’’


श्रीगंगानगर, 2 मार्च। खान राज्यमंत्रा श्री सुरेन्द्रपाल सिंह टीटी ने बताया कि आज विधानसभा के शून्यकाल में करोड़ीलाल मीना एवं हनुमान बेनीवाल द्वारा नियम 50 के तहत उठाये गये स्थगन प्रस्ताव में अवैध बजरी खनन एवं राज्य सरकार को राजस्व के नुकसान का मुद्दा उठाया गया।


श्री टीटी ने बताया कि सरकार को बजरी खानों की निलामी से 467 करोड की निविदा राशि प्राप्त हुई, जबकि रिजर्व प्राईस मात्रा 51 करोड़ था, जिससे राजस्व आय में वृद्धि हुई। साथ ही टीटी ने विधानसभा में प्रश्न उठाया कि गत सरकार द्वारा रिजर्व प्राईस मात्रा 51 करोड़ नियत की गई, जो कि राजस्व हानि को दर्शाता है या किसी विशेष को लाभ पहॅुचाने की नियत थी।


 श्री टीटी ने बताया कि  467 करोड की निविदा राशि के विपरीत मात्र 3 वर्षों में 1140 करोड़ रूपये का राजस्व प्राप्त हुआ :-


विवरण 1 एलओआई से पूर्व प्राप्त राशि   - 117 करेड


2 अस्थायी अनुमति से प्राप्त राशि - 106 करोड


3 सामानुपातिक राशि   -  207 करोड


4 डेड रेन्ट पेनल्टी  - 88 करोड


5 रायॅल्टी, परमिट फीस   -  622 करोड


      कुलयोग- 1140 करोड़़ रूपये


श्री टीटी ने सदन में बताया कि इस प्रकार वर्तमान सरकार द्वारा राजस्व में वृद्धि की है न की राजस्व में कटौति, इनसे प्रमियम राशि 50 प्रतिषत वसूली की है जबकि एलओआई की शर्त 25 प्रतिशत में निविदा राशि वसूली का नियम है। साथ ही सर्वोच्च न्यायलय ने मात्रा रायॅल्टी व परमिट फीस की वसूली के लिए निर्देश दिए, लेकिन वर्तमान सरकार द्वारा इस पेटे सामानुपाति प्रिमियम 6 प्रतिशत प्रतिमाह की वसूली कर 207 करोड रूपये का राजस्व प्राप्त किया। 


श्री टीटी ने बताया कि हम रायॅल्टी कलेक्शन भी संबंधित ठेकेदारो से करा रहे हैं, जिससे विभाग को रॉयल्टी कलेक्षन पर कोई खर्च नहीं करना पड़ रहा है, रायॅल्टी कलेक्शन पेटे 667 करोड का राजस्व संग्रह किया गया। पेनल्टी/डेडरेन्ट 6 प्रतिशत मासिक की दर से वसूल किया जा रहा है। कोई कार्य नियम विरूद्व नही किया जा रहा है।


श्री जा ने सदन को विस्तार से बताया कि दीपक कुमार प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया कि पर्यावरण अनुमति (ई.सी.) के बिना कोई कार्य नही किया जाए- एलओआई में भी शर्त है कि पर्यावरण अनुमति (ई.सी.) के बाद लीज एग्रेमन्ट होगा अब तक 82 लीज में से 15 प्रकरणों में पर्यावरण अनुमति (ई.सी.) प्राप्त हुई है। अब सरकार के सामने समस्या है कि कोई भी नियम एग्रीमेन्ट को बेकडेट से कैसे लागू किया जाए। विभाग को जो पेनल्टी राशि प्राप्त हुई है, उसका क्या होगा ? इस कारण विभाग द्वारा विधिक राय प्राप्त की जा रही है।



श्री टीटी ने सदन को आश्वस्त किया कि बजरी खनन के समस्त कार्य माननीय सर्वोच्य न्यायालय के निर्देशानुसार सम्पादित किए जा रहे है और टेण्डर तथा क्षेत्रा निर्धारण का कार्य पूर्ववर्ती सरकार द्वारा किया गया है।


श्री टीटी ने सदन में वर्तमान सरकार के 3 वर्ष के कार्यकाल और गत सरकार के 5 वर्ष के कार्यकाल का तुलनात्मक विवरण प्रस्तुत किया -


अधिक राजस्व अर्जन-


गत सरकार ने पॉच साल में 11000 करोड का राजस्व प्राप्त किया जब कि वर्तमान सरकार ने मात्रा तीन वर्ष के कार्यकाल में 12000 करोड का राजस्व प्राप्त किया है। साथ ही इसके अतिरिक्त 13000 करोड की तीन बडी लाईमस्टोन खानों की ई-निलामी से राजस्व प्राप्त किया है।


 अवैध खनन को रोकने हेतु प्रभावी कार्यवाही


गत सरकार वर्तमान सरकार


प्रकरण 8572 13354


एफआईआर 1782 2075


वसूली 2910 62"27




नवीन खनन नीति शीघ्र लागू


श्री टीटी ने बताया कि नवीन खनन नीति के लागू होने से राजस्व आय में बहुत वृद्धि होगी तथा अवैध खनन पर लगाम लगेगी, खनन कार्य में पारदर्शिता आयेगी। लीज अवधि 50 वर्ष तक के लिए होगी। पूर्व में वर्ष 1975 से पूर्व स्वीकृत समस्त लीज जिनकी 2025 तक समाप्त हो जाएगी और उनको दुबारा से ई-निलामी से जारी किया जाएगा। लीज स्थानान्तरण अनुमति एक वर्ष कर दी गई है। निजी भूमि/काश्तकार की सहमति से लीज की ई-नीलामी होगी, जिससे किसानों को ज्यादा फायदा होगा। नवीन नीति में गेप एरिया समाप्त किया जाएगा, जिससे अवैध खनन पर लगाम लगेगी।


श्री टीटी ने सदन को बताया कि लालसोट विद्यायक किरोडी लाल मीणा की मॉग पर 60 गॉवो में अवैध खनन की शिकायत पर सरकार द्वारा अतिरिक्त निदेशक खान के नेतृत्व में जॉच कमेटी गठित की जा चुकी है तथा कमेटी से रिपोर्ट प्राप्त होने पर नियमानुसार कार्यवाही का आश्वासन दिया।


उक्त संदर्भ में टीटी ने बताया कि बजरी का बनास नदी मे खनन राजस्व  प्रिमियम पेटे 125 करोड रूपये, रायॅल्टी व परमिट फीस पेटे 231 करोड रूपये तथा डेड रेन्ट पेटे 10 करोड रूपये अर्थात इस प्रकार कुल राजस्व राशि 366 करोड़ रूपये प्राप्त हुआ।

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