Thursday, February 2, 2017

शिक्षा के मंदिर में प्रवेश से ही शिक्षा का वातावरण नजर आना चाहिएः

श्रीगंगानगर, 2 फरवरी। जिला कलक्टर श्री ज्ञानाराम ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्रा में गुणात्मक सुधार के लिये राजकीय माध्यमिक शिक्षा परिषद महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। शिक्षा का स्तर तथा शिक्षा का वातावरण तैयार करना ही परिषद का मुख्य उदेश्य है। 
जिला कलक्टर गुरूवार को कलेक्ट्रेट सभा हॉल में आयोजित राजस्थान माध्यमिक शिक्षा परिषद (रमसा) की समीक्षात्मक बैठक में आवश्यक निर्देश दे रहे थे। उन्होंने कहा कि समस्त विधालयों में पर्याप्त मात्रा में अध्ययनकक्ष, शौचालय, साफ-सफाई, फर्नीचर इत्यादि यथा स्थान एवं सुव्यवस्थित होने चाहिए। शिक्षा के मंदिर में प्रवेश से ही शिक्षा का वातावरण नजर आना चाहिए। शिक्षा का वातावरण निर्माण होने से शिक्षा का स्तर बढे़गा तथा विधार्थियों में भी शिक्षा के प्रति सकारात्मक संदेश जायेगा। 
जिला कलक्टर ने विधालयों में आईसीटी लेब विकसित करने के निर्देश दिये, वही पर वर्ष 2017-18 में करवाये जाने वाले कार्यों के प्रस्तावों पर चर्चा की। आगामी वितीय वर्ष में 127 निर्माण व विकास के कार्य करवाये जायेंगे। 25 विधालयों में व्यवसायिक शिक्षा प्रारम्भ की जायेगी। गत वर्ष 11 विधालयों में व्यवसायिक शिक्षा प्रारम्भ की गयी थी। जिला कलक्टर ने विधालयों में ग्रीन बोर्ड तथा राज्य सरकार के निर्देशानुसार दर्पण लगाने के निर्देशों की पालना करने तथा ब्लॉक स्तर पर प्रतिमाह बैठक आयोजित करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि आगामी बैठक में रमसा के अधिकारी विकास कार्यों की प्रगति, विधालयों का शैक्षणिक स्तर, बैठकों का निर्धारण एवं 500 मीटर की परिधि वाले आंगनबाडी केन्द्रों की स्थिति की पूर्ण रिपोर्ट के साथ उपस्थित होवें। बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी श्री मांगीलाल बूडानिया, अतिरिक्त परियोजना अधिकारी श्री राजेश अरोड़ा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी ने भाग लिया।

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