Thursday, February 2, 2017

सीमा क्षेत्र में पहला मिनरल वाटर संयंत्र 24 एपीडी(अनूपगढ)में शुरू

प्रदेश में ग्रामीण क्षेत्र में पहला सहकारी मिनरल वाटर प्लांट’



श्रीगंगानगर, 2 फरवरी। सहकारिता एवं गौपालन मंत्री श्री अजयसिंह किलक ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र में शुद्ध पेयजल को उपलब्ध कराने के लिए श्री गंगानगर जिले की ग्राम सेवा सहकारी समिति, 24 एपीडी, जो अनूपगढ़ से 11 किलोमीटर दूर बांडा कॉलोनी ग्राम में कार्यरत है, ने मिनरल वाटर प्लांट को स्थापित किया है

10 रुपये में 20 लीटर मिलेगा मिनरल वाटर

        उन्होंने बताया कि समिति बाजार से कम दरों पर 12 रुपये प्रति कैम्पर (बीस लीटर) होम डिलीवरी पर एवं समिति प्लाण्ट से क्रय करने पर 10 रुपये प्रति कैम्पर की दर से मिनरल वाटर उपलब्ध करा रही है, जबकि बाजार मूल्य 20 रुपये प्रति कैम्पर है। समिति का यह कार्य जहां एक ओर ग्रामीणों एवं सेना के लिए शुद्ध पेयजल की आवश्यकता को पूरा कर रहा है, वहीं दूसरी ओर इससे विवाह, उत्सव एवं दुकानदारों की दैनिक जरूरतें भी पूरी हो रही हैं।

श्री किलक ने बताया कि मिनरल वाटर प्लाण्ट की लागत 3 लाख 92 हजार रुपये आई। इसके लिए समग्र सहकारी विकास परियोजना के तहत सहकारी विभाग द्वारा सहायता प्रदान की गई है। उन्होंने बताया कि स्थापित किए गए इस मिनरल वाटर प्लाण्ट की शुरूआत में प्रतिदिन लगभग 200 लीटर शुद्ध पेयजल की खपत हो रही है।

आसपास के 50 गांवों को मिलेगा फायदा

        सहकारिता मंत्री ने बताया कि समिति द्वारा स्थापित प्लांट से आसपास के 50 गांवों को फायदा मिलेगा इससे लगभग 60 से 70 हजार लोग लाभान्वित होंगे। गुणवत्ता एवं उचित मूल्य सहकारी क्षेत्र की पहचान है। इसी पहचान को कायम रखते हुए समिति ने 700 लीटर प्रति घण्टा की क्षमता वाला मिनरल वाटर प्लाण्ट तैयार किया है। अनूपगढ़ कस्बे में निजी क्षेत्र के 15 मिनरल वाटर प्लाण्ट स्थापित हैं, जो बाजार द्वारा निर्धारित दरों पर मिनरल वाटर की आपूर्ति करते हैं।

सेना एवं बीएसएफ के जवानों को मिलेगा शुद्ध पेयजल

विकास की इसी कड़ी को ध्यान में रखते हुए एवं स्थानीय आवश्यकताओं की दैनिक जरूरतों को पूरा करने के लिए समिति ने अभी छोटे स्तर पर मिनरल वाटर प्लाण्ट स्थापित किया है, जो ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल उचित मूल्य पर उपलब्ध करा रहा है। जिले का यह गांव अन्तरराष्ट्रीय सीमा के नजदीक होने के कारण बीएसएफ एवं सेना की टुकडियों का अभ्यास भी निरन्तर होता रहता है। समिति के इस कार्य से सेना के जवानों को शुद्ध पेयजल के लिए परेशान नहीं होना पडता है।

उन्होंने बताया कि ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना और वह भी कम दरों पर, यह एक चुनौती था लेकिन समिति के कुशल प्रबंधन ने मिनरल वाटर प्लाण्ट को स्थापित कर इस दिशा में कदम बढ़ाया है। सहकारिता का उद्देश्य समुदाय के विकास में सेवाओं द्वारा अपनी भूमिका को सुनिश्चित करना है। यह सेवाएं सामाजिक, आर्थिक, मानसिक,शारीरिक एवं अन्य किसी भी रूप में हो सकती है, जो व्यक्ति या समुदाय का विकास करती हो।    

सहकारिता मंत्री श्री अजय सिंह किलक ने बताया कि सहकारी समितियों के व्यवसाय विविधीकरण पर विशेष जोर देने का ही यह परिणाम है कि प्रदेश की सहकारी समितियां कृषि यंत्र बैंक, सहकारी सुपर बाजार, पशुआहार बिक्री केन्द्र, मॉडल मिनी बैंक एवं सहकारी जिम्नेजियम जैसी सुविधाएं प्रदान कर ग्रामीणों के जीवन को सुलभ बना रही हैं।





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