Thursday, January 19, 2017

स्कूल बसों के नियम जानिए: नियमों में एक दिन की भी छूट क्यों?

- करणीदानसिंह राजपूत -
स्कूल बसों के संचालन में निरंतर लापरवाही बरती जाने से दुर्घटना होती है और बच्चों को जान से हाथ धोना पड़ता है।स्कूल बस संचालन के लिए नियम बने हुए हैं लेकिन उनका पालन नहीं होता स्कूल संचालन करने वालों को जब-जब नियमों का पालन करने के लिए निर्देश दिए जाते हैं बैठकें आयोजित की जाती है। स्कूल संचालक नियमों का पालन करने के लिए महिना डेढ़ महीना समय मांग लेते हैं।
 बैठकों में समय भी दे देते हैं और बाद में कभी गौर नहीं किया जाता। समय देना भी गैरकानूनी है । किस नियम से छूट दी जाती है। छूट देने वाला / देने वाले अधिकारी भी हादसे के जिम्मेदार होते हैं।।
स्कूल बस संचालित होती है तो संचालन से पहले ही नियमों की पूर्ति कर ली जानी चाहिए। ।कोई स्कूल नियमों की पूर्ति नहीं करता तो पुलिस/ यातायात पुलिस/ परिवहन विभाग को तत्काल वाहन को सीज  कर देना चाहिए। घटना दुर्घटना होने पर केवल बस ड्राइवर पर ही मुकदमा होता है जबकि इसमें स्कूल प्रबंधन को शामिल किया जाना चाहिए। स्कूल संचालन के लिए जो समिति बनी हुई है होती है उसके अध्यक्ष व सदस्य भी बस संचालन में जिम्मेदार हैं। स्कूलों में अधिकारियों के बच्चे पढ़ते हैं इसलिए स्कूलों में नियमों में छूट चलती रहती है लेकिन जब दुर्घटना होती है तब कितने ही परिवार रोने कलपने  को बाध्य हो जाते हैं। हादसे में उन अधिकारियों के बच्चे भी तो जान गंवा सकते हैं?
राजनेताओं की सिफारिश भी मानी नहीं जानी चाहिए।
आप किसी स्कूल से किसी भी रूप में जुडे़ हैं तो नियमों का पालन करवाएं या स्कूल से संबंध तोड़ लें।
स्कूल बसों के नियमः-
  • 6 सीट से ज्यादा के वाहनों को ही स्कूली वाहन के रूप में पास दिया जाता है.
  • ऑटो को स्कूली वाहन के रूप पास में नहीं जारी किया जाता है.
  • स्कूली वाहन 15 साल से ज्यादा पुराना नहीं होना चाहिए.
  • वाहन में इमरजेंसी गेट होना चाहिए.
  • अर्बन स्कूली वाहन सीएनजी होना चाहिए.
  • वाहन के आगे- पीछे बड़े अक्षरों में स्कूल वाहन लिखा हो.
  • बसों में आगे- पीछे ऑन स्कूल ड्यूटी लिखें.
  • निर्धारित सीटों से अधिक विद्यार्थी न बैठाएं.
  • बस में फ‌र्स्ट एड बॉक्स अनिवार्य है.
  • खिड़कियों में आड़ी ग्रिल लगी हो.
  • अग्निशमन यंत्र की व्यवस्था हो.
  • बस पर स्कूल का नाम एवं टेलीफोन नंबर लिखा हो.
  • ड्राइवर को भारी वाहन चलाने का पांच वर्ष का अनुभव होना चाहिए.
  • ड्राइवर पूर्व में ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन का दोषी न हो.
  • स्कूल बसें निर्धारित रंग की होनी चाहिए.
  • स्कूल बस का ड्राइवर यूनिफॉर्म में होना चाहिए.
  • स्कूल एवं कॉलेज वाहन से संबंधित दस्तावेज का सत्यापन करें.

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