शनिवार, 3 दिसंबर 2016

सूरतगढ का rss व भाजपा बेईमानों के साथ हैं या मोदी के साथ

सूरतगढ़। ईमानदार rss और भाजपा विधायक व कार्यकर्ता मोदी के साथ हैं या बेईमानों को बचाने में चुप हैं।
 नरेंद्र मोदी ने कालाधन और भ्रष्टाचार को रोकने के आह्वान बार बार के हैं।
प्रधानमंत्री की घोषणा के बाद उनके बयानों पर rss से संबंधित और भाजपा के कार्यकर्ता facebook पर मोदी के बयानों को देश हित में बताते हैं और काला धन पर भ्रष्टाचार पर रोक लगाने की बातें करते हैं।  लेकिन आश्चर्य है कि 8 नवंबर से 3 दिसंबर तक की अवधि में किसी भी बेईमान भ्रष्टाचारी काला धन वाले का नाम इन लोगों ने उजागर नहीं किया और न कोई इशारा भी किया।
सूरतगढ़ में अखबारों में तथ्यों के साथ चित्रों के साथ भ्रष्टाचारियों के कालाबाजारियों के नाम समाचार लगातार छपते रहे हैँ।  विभिन्न राजनीतिक दल एवं संस्थाएं भ्रष्टाचारियों के नामों  को शिकायतों में उजागर करते रहे हैं लेकिन उनके विरुद्ध कोई कार्यवाही नहीं की गई।
आश्चर्य है कि सूरतगढ़ rss से संबंधित लोग और भाजपा के लोग थोथी बयान बाजी कर रहे हैं लेकिन किसी का नाम लेने से बचना चाहते हैं या फिर भ्रष्टाचारी को बचाना चाहते है।
अगर rss कार्यकर्ता भाजपा कार्यकर्ता सच में मोदी के साथ हैं तो उनको भ्रष्टाचारियों से भय क्यों लग रहा है।
ये मोदी के साथ हैं या फिर भ्रष्टाचारियों से भाईचारा निभाना चाहते हैं। जनता के बीच उनको भ्रष्टाचारियों के नाम उजागर करने में और भ्रष्टाचारियों के विरुद्ध कार्यवाही कराने में पीछे नहीं रहना चाहिए।
नरेंद्र मोदी ने आम जनता से सहयोग मांगा है फिर ऐसी स्थिति में rss और भाजपा के लोग अपना मुह बंद क्यों किए हुए हैं। उनका चुप रहना शंकाएं पैदा करता है कि वे स्थानीय भ्रष्टाचारियों को बचाना चाहते हैं और उनसे भाईचारा दोस्ती निभाना चाहते हैं। यह दोहरापन उनकी बात व मजबूती के लिए हानिकारक होगा। 

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