Tuesday, December 27, 2016

परिवार वाले सत्ताधारी से बिना परिवार वाला सत्ताधारी नेता अधिक भ्रष्टाचार बढ़ाने वाला :कैसे : जाने :

-  करणी दान सिंह राजपूत  -

पहले लोगों की यह मान्यता थी  कि बिना परिवार वाला सत्ताधारी नेता भ्रष्टाचारी और भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने वाला नहीं होता लेकिन अब यह मान्यता धरातल पर घटनाओं से परखने पर लगता है कि बिना परिवार वाले सत्ताधारी कई गुना अधिक भ्रष्टाचार बढ़ाने वाले होते हैं।  उनकी सत्ता में भ्रष्टाचार अधिक बढ़ता है। यह क्यों होता है? इसे थोड़ा समझने की आवश्यकता है जिसे अनेक घटनाक्रम सामने रखते हुए समझा जा सकता है।

 परिवार वाला सत्ताधारी जिसके लिए यह समझने की जरूरत है कि परिवार वाला सत्ताधारी केवल अपने परिवार के लिए एक परिवार के लिए भ्रष्टाचार को बढ़ावा देता है।

जिन सत्ताधारियों के परिवार नहीं होते वे भ्रष्टाचारों अधिक बढ़ावा कैसे देते हैं? अब यह घटनाओं के हिसाब से समझने की जरूरत है बल्कि अच्छी तरह से समझ में आता है।

 बिना परिवार वाले सत्ताधारी अपने मित्रों और उनके परिवार जनों के लिए नियमों में वह छूट देता है जिससे भ्रष्टाचार पनपता है और यह भ्रष्टाचार एक परिवार से कई गुना अधिक परिवारों के लिए धन एकत्रित करने वाला होता है। बिना परिवार वाला सत्ताधारी दावा तो करता है कि वह धन-दौलत किस के लिए एकत्रित करे? उसका तो परिवार भी नहीं है। लेकिन सच्चाई इसके विपरीत है और ऐसी विपरीत सच्चाईयां सामने भी आ रही हैं।

बिना  परिवार वाले सत्ताधारी का जहां उठना बैठना है,बातचीत है या पुराना मेल मिलाप है,या कभी उनसे चंदा लिया हुआ हो तो, उन सभी को वह सत्ताधारी ओबलाइज करता है। उनको लाभ पहुंचाने के लिए नियम कानून तक बदल दिए जाते हैं या फिर उनको हासिये में डाल दिया जाता है।
 इससे भ्रष्टाचार को कई गुना विस्तार मिल जाता है। कुछ बिना परिवार वाले सत्ताधारी अपवाद हो सकते हैं, जिनको लोग ईमानदार के रूप में याद करते हैं।

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