Monday, December 26, 2016

पीएम मोदी करोड़ों रुपए की रिश्वत में कल जवाबदेह होंगे जैसे अगस्ता हेलीकॉप्टर में त्यागी

 -  करणीदान सिंह राजपूत  -

 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर 2013 में करोड़ों रुपए लेने का आरोप लगाया जा चुका है। उनका नाम नहीं है मगर दस्तावेजों में cm गुजरात लिखा हुआ है। आयकर विभाग ने दस्पतावेज पकड़े थे। उनमें सीएम  गुजरात लिखा था। इनकी कभी जांच नहीं हुई और ना करवाई गई जिन तारीखों में करोड़ों रुपए देने का उल्लेख है इस समय नरेंद्र मोदी गुजरात के सीएम थे। ये आरोप पहले प्रशांत भूषण ने लगाए जो कैरेवान इंगलिश मैगजीन में छपे। उसके बाद दिल्ली विधानसभा में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दस्तावेज दिखाते हुए लगाए। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने भी आरोप लगा दिए। नरेंद्र मोदी राहुल गांधी की खिल्ली उड़ा रहे हैं लेकिन अपने ऊपर लगे हुए आरोपों का जवाब नहीं दे रहे। अपने मुंह से नहीं कह रहे कि आरोप सच्चे हैं या झूठे हैं। आयकर विभाग भारत सरकार का उपक्रम है और उससे अभी भी जांच करवाई जाए तो उचित होगा।  स्पष्ट होगा कि  करोड़ों रुपए की रकम जिन लोगों के नाम लिखी हुई है उनको दी गई या नहीं दी गई? दस्तावेज तैयार करने वालों से भी पूछताछ होनी चाहिए। जिन लोगों के नाम हैं उन लोगों से भी पूछताछ होनी चाहिए।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इतने गंभीर आरोप पर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। राहुल गांधी की खिल्ली उड़ाने से भविष्य के लिए कोई बात नहीं बनने वाली। प्रधानमंत्री चाहे जवाब देने के बजाय खिल्ली उड़ाएं लेकिन कल जवाब देने वालों की पंक्ति में में खड़े होंगे। ठीक उसी प्रकार जिस प्रकार कई सालों बाद अगस्ता हेलीकॉप्टर खरीद घोटाले में उस समय के वायु सेनाध्यक्ष त्यागी खड़े हैं, बल्कि अन्वेषण के दौरान अभी न्यायिक हिरासत में जेल में हैं।

 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर लगाया हुआ भ्रष्टाचार का आरोप चाहे किसी भी परिणाम वाला हो लेकिन गंभीर है। आज नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री की कुर्सी पर हैं। उनका राज है लेकिन कल जब उनका राज नहीं रहेगारहेगा, जब वे प्रधानमंत्री नहीं रहेंगे।किसी अन्य पार्टी की सरकार होगी तब क्या होगा? आने वाले समय में अगर पूछताछ होगी तो फिर किसकी खिल्ली उड़ाएंगे? उस समय उसी पंक्तियों में खड़े होंगे जिस पंक्ति में आज त्यागी खड़े हैं ? त्यागी ने रिश्वत ली या नहीं ली? उनके रिश्तेदारों ने रिश्वत ली या नहीं ली लेकिन जांच में सभी आरोपित हैं।और त्यागी जेल में बंद हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की स्थिति इससे अलग हटकर नहीं है।लउनके विरुद्ध भी आने वाले कल में जांच की जा सकती है और वे जांच के दौरान कहां होंगे ? यह मैं नहीं कहना चाहता हूं लेकिन मैं यह कहता हूं की स्थिति संकट पूर्ण होने की संभावना अधिक होगी।

आज जिस प्रश्न पर विपक्ष की, आरोप लगाने वालों की खिल्ली उड़ाई जा रही है, लेकिन इन्हीं सवालों का जवाब अभियुक्त के रूप में देना पड़ सकता है। मैं समझता हूं कि आज के बजाय आने वाले समय के हिसाब से भाजपा को और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सोचना चाहिए। समय सदा ताकतवर रहा है और वह सदा किसी का साथ नहीं देता। आज प्रधानमंत्री के साथ सत्ता और पार्टी के लोग खड़े हैं लेकिन भविष्य में जांच होगी तब सत्ता नहीं होगी और पार्टी के लोग भी आज की तरह साथ नहीं होंगे। उस समय जवाब अकेले नरेंद्र मोदी को देना मोदी

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