Saturday, December 3, 2016

करोड़ों का काला धन किस राजनेता व्यापारी का है जिससे महेश शाह को डर है

 आयकर विभाग के सामने 13,860 करोड़ रुपए कालेधन की घोषणा करने वाले अहमदाबाद के कारोबारी महेश शाह को आयकर विभाग ने चैनल के स्टूडियो से हिरासत में ले लिया है. शनिवार को शाह ईटीवी चैनल पर इंटरव्यू दे रहे थे उसी दौरान उन्हें गिरफ्तार कर लिया गयाा
शाह ने चैनल से कहा है कि ये पैसे उनके नहीं हैं. ईटीवी गुजराती के स्टूडियो में आए महेश शाह ने एक्सक्लूसिव बातचीत में कहा कि वे स्वीकारते हैं कि उन्होंने आय घोषणा योजना (आईडीएस) के तहत 13,860 करोड़ रुपए कालाधन आयकर विभाग के सामने सरेंडर किया है। 
उन्होंने कहा कि ये सारे पैसे उनके नहीं हैं, लेकिन वे इस बात का खुलासा नहीं करेंगे कि ये पैसे किसके हैं. कहा, मैं ये नहीं बताउंगा कि ये पैसे महाराष्ट्र या गुजरात के किसी शख्स के हैं, लेकिन इतना जरूर कहूंगा कि ये पैसे हिन्दुस्तान के ही लोगों का है। 
उन्होंने ये जरूर कहा कि ये पैसे नेताओं, सरकारी ऑफिसरों और कारोबारियों के हैं। हां इतना जरूर कहा कि ये पैसे किसी अपराधी के नहीं हैं।
रियल स्टेट कारोबारी महेश शाह ने मीडियाकर्मियों से अपील की है कि वे उनके परिवार और उनके करीबी दोस्तों को इसमें शामिल न करे। उनका इन पैसों से कोई लेनादेना नहीं है़। साथ ही सरकार से अपील की कि वह उनके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करे।  महेश शाह ने कहा वे फरार नहीं थे। उनकी पत्नी को कैंसर है इसलिए वे उनके इलाज के लिए बाहर गए थे। 
कारोबारी महेश शाह ने कहा कि वे रियल स्टेट के करोबार से जुड़े हुए हैं।  मीडिया के लोग उनपर और उनके परिवार पर तरह-तरह के बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं।  उन्होंने कहा कि मीडिया के लोगों ने बिना जांच पड़ताल के मुझे फरार घोषित कर दिया। मीडिया की वजह से मेरे परिवार को काफी परेशानी हुई है। 
 महेश शाह ने कहा कि वे रियल एस्टेट के कारोबारी हैं। 
 वे मानते हैं कि उन्होंने कुछ लोगों के कालेधन को सफेद करने की जिम्मेदारी ली थी, लेकिन ये काम मजबूरी में किया। 
ये भी कहा कि इस धंधे के बारे में उन्होंने परिवार को कभी नहीं बताया। किस मजबूरी में या किसके कहने पर ये काम शुरू किया ये मैं आयकर विभाग को ही बताउंगा। महेश शाह बार-बार कहते दिखे कि वे आयकर विभाग के सामने सारी सच्चाई खोलेंगे। वे ये भी बताएंगे कि ये पैसे किन लोगों के हैं। 
महेश शाह ने बताया कि वे 10 दिनों से मुंबई में थे. उन्होंने कहा कि इन पैसों के बारे में आयकर विभाग के सामने सारे खुलासे करेंगे। वे जांच में सरकारी तंत्र का पूरा सहयोग करेंगे। 
महेश शाह ने कहा कि मैं पहले 1560 करोड़ की रकम सरकार को देने को तैयार था, पर रुक गया। परिवार की सुरक्षा की गारंटी चाहिए।  जो 13860 करोड़ रुपए की बात हो रही है, वह मेरे नहीं है दूसरी दूसरी पार्टी के हैं।  मैं डर गया था, इसीलिए सीधे इनकम टैक्स विभाग के पास नहीं गया। मैं कमीशन के लिए कालेधन को सफेद करने के लिए तैयार हुआ था। 
वह काला धन बहुत शक्तिशाली व्यक्ति या व्यक्तियों का है जो परिवार को खत्म करने जैसी खत्म कराने जैसी हरकत कर सकते हैं। महेश शाह ने यह तो कह दिया कि यह धन अपराधियों का नहीं है तब  यह धन किसी बड़े राजनीतिक संपर्क वाले व्यक्ति का है संभव है। संबंधित व्यक्ति उसकी कंपनी का सत्ताधारी से संबंध हो या सरंक्षण हो। 
 महेश शाह ने अगर आयकर विभाग को पावरफुल व्यक्ति का नाम बता भी दिया तो आयकर विभाग उस नाम को कभी उजागर नहीं करेगा़। यही कहेगा कि महेश शाह ने नाम नहीं बताए।उन्होंने 

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