Saturday, December 31, 2016

उड़ने को तैयार चिड़कली - कहानी-...



-  करणीदानसिंह राजपूत  -

चिड़कली उडऩे को तैयार।
वह इठला रही थी।
वह मुस्कुरा रही थी।
चिड़कले और चिड़कली की आंखें मिली हुई।
चिड़कला भी इठला रहा था।
वह भी मुस्कुरा रहा था।
उसकी आंखें चिड़कली की आंखों से घुसी थी।

Wednesday, December 28, 2016

श्रीगंगानगर जिले में अब बेटी पैदा होने पर होगा पौधारोपणः

श्रीगंगानगर जिले में अब बेटी पैदा होने पर लगाए जाएंगे 5 पेड़ 
श्रीगंगानगर, 28 दिसंबर। जिले में अब बेटी पैदा होने पर  5 पेड़ लगवाए जाएंगे।  बच्ची के परिजन ये पेड़ लगाएंगे। पेड़ और जगह प्रशासन उपलब्ध करवाएगा। बुधवार को जिला कलक्ट्रेट सभागार में  विभिन्न विभागों की साप्ताहिक समीक्षा बैठक के दौरान जिला कलक्टर श्री ज्ञानाराम ने ये नवाचार करने के निर्देश दिए। जिला कलक्टर ने पेड़ लगाने के लिए जगह चिन्हित करने के निर्देश नगर परिषद कमीश्नर सुनीता चौधरी को दिए। 

जिला कलक्टर ने कहा कि स्कूल, पब्लिक पार्क, सड़क किनारे जगहों को भी इसमें चिह्नित किया जा सकता है।

 जिला कलक्टर ने बताया कि जिले भर में जहां भी बेटी पैदा होगी, संबंधित ब्लॉक में भी जगह चिह्नित की जाएगी ताकि बच्ची के परिजन वहां 5 पेड़ लगा सके। वन विभाग पौधा उपलब्ध करवाएगा। साथ ही पैदा हुई बच्ची और पेड़ का पूरा रिकॉर्ड भी रखा जाएगा। 
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श्रीगंगानगर जिले की सीमा पर नग्गी में 1971 के शहीदों कों श्रद्धांजलि:


सन् 1971 के भारत पाक युद्ध के संघर्ष विराम के 10 दिन बाद पाक ने की थी घिनौनी हरकत लेकिन उसे नग्गी पर कब्जा नहीं करने दिया:

राजस्थान में अपने जिले के प्रभारी मंत्री को जानिए: बदलाव के बाद की सूची:


जयपुर। राजस्थान सरकार ने मंत्रियों को जिले का प्रभारी बनाया है उसमें बदलाव किया है। इस बदलाव के बाद जानिए किस मंत्री के पास में कौन सा जिला है।
केवल नाम जानने से कुछ नहीं होने वाला। आपकी या इलाके की कोई समस्या है या सुझाव है तो प्रभारी मंत्री को अवगत जरूर कराएं। चाहे लिख कर चाहे व्यक्तिगत मिल कर।

नगरपालिकाध्क्ष का निलंबन:सड़क नाली निर्माण में घोटाले का आरोप:

जहाजपुर 28 दिसंबर 2016.
 स्वायत शासन विभाग निदेशालय ने  नगर पालिका अध्यक्ष विवेककुमार मीणा को निलंबित कर दिया। यह  निलंबन 27 दिसंबर को किया गया। 
 विवेक मीणा पर निर्माण कार्यों का गलत भुगतान कर राजस्व को नुकसान का आरोप है। भाजपा पार्षदों ने विवेक मीणा पर आरोप लगाये थे। इस पर स्वायत्तशासन विभाग ने जांच कराई थी। 
भाजपा पार्षदों ने निर्माण कार्य हुए बगैर 30 लाख रुपए के भुगतान करने सहित अन्य अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए विभाग में शिकायत की थी। जांच में एसडीएम आवास से ईदगाह तक, तकिया मस्जिद से जामा मस्जिद तक मालाजी के रास्ते पर सीसी रोड निर्माण, नालियों पर रैलिंग लगाने अन्य कार्यों में अनियमितताएं मिलीं। इन कार्यों के बदले 29 लाख 85 हजार 433 रुपए का गलत तरीके से भुगतान भी करना सामने आया।
विवेक मीणा को निलंबित करने पर विधायक धीरज गुर्जर ने कहा कि भाजपा ने सत्ता का दुरुपयोग करते हुए हटाया है। उनकी बहाली के लिए मैं सड़क पर लड़ाई लड़ूंगा। 
विवेक मीणा का कहना है कि सारे आरोप निराधार हैैं।निलंबन संबंधी आदेश नहीं मिल हैं।

Tuesday, December 27, 2016

परिवार वाले सत्ताधारी से बिना परिवार वाला सत्ताधारी नेता अधिक भ्रष्टाचार बढ़ाने वाला :कैसे : जाने :

-  करणी दान सिंह राजपूत  -

पहले लोगों की यह मान्यता थी  कि बिना परिवार वाला सत्ताधारी नेता भ्रष्टाचारी और भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने वाला नहीं होता लेकिन अब यह मान्यता धरातल पर घटनाओं से परखने पर लगता है कि बिना परिवार वाले सत्ताधारी कई गुना अधिक भ्रष्टाचार बढ़ाने वाले होते हैं।  उनकी सत्ता में भ्रष्टाचार अधिक बढ़ता है। यह क्यों होता है? इसे थोड़ा समझने की आवश्यकता है जिसे अनेक घटनाक्रम सामने रखते हुए समझा जा सकता है।

 परिवार वाला सत्ताधारी जिसके लिए यह समझने की जरूरत है कि परिवार वाला सत्ताधारी केवल अपने परिवार के लिए एक परिवार के लिए भ्रष्टाचार को बढ़ावा देता है।

जिन सत्ताधारियों के परिवार नहीं होते वे भ्रष्टाचारों अधिक बढ़ावा कैसे देते हैं? अब यह घटनाओं के हिसाब से समझने की जरूरत है बल्कि अच्छी तरह से समझ में आता है।

 बिना परिवार वाले सत्ताधारी अपने मित्रों और उनके परिवार जनों के लिए नियमों में वह छूट देता है जिससे भ्रष्टाचार पनपता है और यह भ्रष्टाचार एक परिवार से कई गुना अधिक परिवारों के लिए धन एकत्रित करने वाला होता है। बिना परिवार वाला सत्ताधारी दावा तो करता है कि वह धन-दौलत किस के लिए एकत्रित करे? उसका तो परिवार भी नहीं है। लेकिन सच्चाई इसके विपरीत है और ऐसी विपरीत सच्चाईयां सामने भी आ रही हैं।

बिना  परिवार वाले सत्ताधारी का जहां उठना बैठना है,बातचीत है या पुराना मेल मिलाप है,या कभी उनसे चंदा लिया हुआ हो तो, उन सभी को वह सत्ताधारी ओबलाइज करता है। उनको लाभ पहुंचाने के लिए नियम कानून तक बदल दिए जाते हैं या फिर उनको हासिये में डाल दिया जाता है।
 इससे भ्रष्टाचार को कई गुना विस्तार मिल जाता है। कुछ बिना परिवार वाले सत्ताधारी अपवाद हो सकते हैं, जिनको लोग ईमानदार के रूप में याद करते हैं।

Monday, December 26, 2016

वसुंधरा का अगला चुनाव खुद के नेतर्त्व में लड़े जाने का बयान तानाशाही-

 डुंगरपुर 26 दिसंबर ।
सांगानेर से विधायक व दीनदयाल वाहिनी के प्रदेश अध्यक्ष घनश्याम तिवाड़ी सोमवार को डूंगरपुर पहुंचे और पत्रकारों से सवाल जवाब में मुुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के व्यहार को तानाशाही वाला बताने से नहीं चूके।
डूंगरपुर पहुंचने पर सर्किट हाउस में विप्र फाउंडेशन के पदाधिकारियों ने विधायक तिवाड़ी का स्वागत किया. इस दौरान तिवाड़ी ने विप्र फाउंडेशन के पदाधिकारियों से चर्चा करते हुए दीनदयाल वाहिनी के उद्देश्यों के बारे में जानकारी दी और डूंगरपुर जिले की विभिन्न समस्याओं व विकास के संबंध में चर्चा की।
तिवाड़ी की सर्किट हाउस में मीडिया से भी बातचीत हुई। इस दौरान तिवाड़ी ने मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और राज्य सरकार पर तीखे प्रहार किए। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे द्वारा उनके नेतृत्व में ही अगला चुनाव लड़ने के बयान दिए जाने के मामले में तिवाड़ी ने मुख्यमंत्री को तानाशाह बताया। उन्होंने कहा कि किसके नेतृत्व में चुनाव होगा ये तो भाजपा संसदीय बार्ड तय करेगा, लेकिन मुख्यमंत्री राजे का इस तरह स्वयं घोषणा करना उनके तानाशाही रवैयों को दर्शाता है।
  विधायक तिवाड़ी ने अगले चुनाव में राजस्थान में नेतृत्व परिवर्तन करने की भी बात रखी और कहा यदि ऐसा नहीं हुआ तो वे तीसरे मोर्चे पर विचार करेंगे।
पत्रकार वार्ता के दौरान तिवाड़ी ने प्रदेश में जातिगत आधार पर मंत्रिमंडल विस्तार होना और अलग बैठकें होने को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। 
 उन्होंने टीएडी मंत्री नंदलाल मीणा द्वारा आदिवासी राज्य की मांग उठाने के मामले में राज्य सरकार से अपनी स्थिति स्पष्ट करने की भी मांग की है।

राजस्थान और दिल्ली, दोनों जगह सूट-बूट की सरकार है-राहुल गांधी


बारां (राजस्थान) 26~12~2016.
कांग्रेस के उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने राजस्थान के बारां में एक रैली के दौरान बोलते हुए नोटबंदी का मुद्दा उठाकर एक बार फिर केंद्र सरकार पर हमला किया है। राहुल ने आरोप लगाया कि पिछले ढाई सालों में नरेंद्र मोदी ने सिर्फ हिंदुस्तान को बांटने का काम किया है। उन्होंने कहा, 'जबसे मोदी सरकार आई है, तब से देश के 1 पर्सेंट अमीर लोगों के हाथों में भारत का 60 प्रतिशत धन केंद्रित हो गया है।'

राहुल ने कहा, 'ये वही लोग हैं, जो मोदी जी के साथ विमान में बैठकर अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड जाते हैं।' राहुल ने केंद्र के 'गरीबों की सरकार' चलाने के दावे पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा, 'केंद्र में मोदी जी जो कर रहे हैं, वही वसुंधरा राजे राजस्थान में कर रही हैं। राजस्थान और दिल्ली, दोनों जगह सूट-बूट की सरकार है।' कैशलेस अर्थव्यवस्था की बात करते हुए राहुल ने पेटीएम का भी जिक्र किया। प्रधानमंत्री पर सीधा हमला करते हुए उन्होंने कहा, 'पेटीएम का मतलब है पे टू मोदी।'

उन्होंने कहा कि ये फैसला हिन्दुस्तान के गरीब, किसान, मजदूर अौर हमारी माताअों-बहनों के खिलाफ हैं।

राहुल ने कहा, देश में हर रोज किसान आत्महत्या कर रहे हैं, लेकिन सरकार किसानों की मांग पर बिल्कुल ध्यान नहीं देती है। मोदी जी आपके इस नोटबंदी के यज्ञ में हिंदुस्तान और राजस्थान के किसान की बलि चढ़ रहे हैं। आपने उनका कैश जला दिया।

कांग्रेस उपाध्यक्ष विमुद्रीकरण के मुद्दे और भाजपा के सुशासन के खिलाफ देशभर में दौरा कर रहे हैं। जनसभा में राहुल गांधी के अलावा राजस्थान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट सहित पार्टी के अन्य नेता उपस्थित थे।

पीएम मोदी करोड़ों रुपए की रिश्वत में कल जवाबदेह होंगे जैसे अगस्ता हेलीकॉप्टर में त्यागी

 -  करणीदान सिंह राजपूत  -

 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर 2013 में करोड़ों रुपए लेने का आरोप लगाया जा चुका है। उनका नाम नहीं है मगर दस्तावेजों में cm गुजरात लिखा हुआ है। आयकर विभाग ने दस्पतावेज पकड़े थे। उनमें सीएम  गुजरात लिखा था। इनकी कभी जांच नहीं हुई और ना करवाई गई जिन तारीखों में करोड़ों रुपए देने का उल्लेख है इस समय नरेंद्र मोदी गुजरात के सीएम थे। ये आरोप पहले प्रशांत भूषण ने लगाए जो कैरेवान इंगलिश मैगजीन में छपे। उसके बाद दिल्ली विधानसभा में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दस्तावेज दिखाते हुए लगाए। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने भी आरोप लगा दिए। नरेंद्र मोदी राहुल गांधी की खिल्ली उड़ा रहे हैं लेकिन अपने ऊपर लगे हुए आरोपों का जवाब नहीं दे रहे। अपने मुंह से नहीं कह रहे कि आरोप सच्चे हैं या झूठे हैं। आयकर विभाग भारत सरकार का उपक्रम है और उससे अभी भी जांच करवाई जाए तो उचित होगा।  स्पष्ट होगा कि  करोड़ों रुपए की रकम जिन लोगों के नाम लिखी हुई है उनको दी गई या नहीं दी गई? दस्तावेज तैयार करने वालों से भी पूछताछ होनी चाहिए। जिन लोगों के नाम हैं उन लोगों से भी पूछताछ होनी चाहिए।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इतने गंभीर आरोप पर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। राहुल गांधी की खिल्ली उड़ाने से भविष्य के लिए कोई बात नहीं बनने वाली। प्रधानमंत्री चाहे जवाब देने के बजाय खिल्ली उड़ाएं लेकिन कल जवाब देने वालों की पंक्ति में में खड़े होंगे। ठीक उसी प्रकार जिस प्रकार कई सालों बाद अगस्ता हेलीकॉप्टर खरीद घोटाले में उस समय के वायु सेनाध्यक्ष त्यागी खड़े हैं, बल्कि अन्वेषण के दौरान अभी न्यायिक हिरासत में जेल में हैं।

 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर लगाया हुआ भ्रष्टाचार का आरोप चाहे किसी भी परिणाम वाला हो लेकिन गंभीर है। आज नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री की कुर्सी पर हैं। उनका राज है लेकिन कल जब उनका राज नहीं रहेगारहेगा, जब वे प्रधानमंत्री नहीं रहेंगे।किसी अन्य पार्टी की सरकार होगी तब क्या होगा? आने वाले समय में अगर पूछताछ होगी तो फिर किसकी खिल्ली उड़ाएंगे? उस समय उसी पंक्तियों में खड़े होंगे जिस पंक्ति में आज त्यागी खड़े हैं ? त्यागी ने रिश्वत ली या नहीं ली? उनके रिश्तेदारों ने रिश्वत ली या नहीं ली लेकिन जांच में सभी आरोपित हैं।और त्यागी जेल में बंद हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की स्थिति इससे अलग हटकर नहीं है।लउनके विरुद्ध भी आने वाले कल में जांच की जा सकती है और वे जांच के दौरान कहां होंगे ? यह मैं नहीं कहना चाहता हूं लेकिन मैं यह कहता हूं की स्थिति संकट पूर्ण होने की संभावना अधिक होगी।

आज जिस प्रश्न पर विपक्ष की, आरोप लगाने वालों की खिल्ली उड़ाई जा रही है, लेकिन इन्हीं सवालों का जवाब अभियुक्त के रूप में देना पड़ सकता है। मैं समझता हूं कि आज के बजाय आने वाले समय के हिसाब से भाजपा को और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सोचना चाहिए। समय सदा ताकतवर रहा है और वह सदा किसी का साथ नहीं देता। आज प्रधानमंत्री के साथ सत्ता और पार्टी के लोग खड़े हैं लेकिन भविष्य में जांच होगी तब सत्ता नहीं होगी और पार्टी के लोग भी आज की तरह साथ नहीं होंगे। उस समय जवाब अकेले नरेंद्र मोदी को देना मोदी

Sunday, December 25, 2016

अटल बिहारी बाजपेई कैसे हैं? सरकार बताए पूरा भारत जानना चाहता है

 -  करणीदान सिंह राजपूत  -
अटल बिहारी वाजपेई भारत माता के लाडले सच्चे सपूत के बारे में संपूर्ण भारत के लोग जानना चाहते हैं। उनका स्वास्थ्य कैसा है?  केंद्र की सरकार को यह जानकारी देनी चाहिए। जब जब अटल जी का जन्म दिन आता है तब उन्हें 1 दिन के लिए याद किया जाता है।
अखबारों से भी ज्यादा सोशल मीडिया में उनके स्वास्थ्य की कामना की जाती है। देश के प्रधानमंत्री रह चुके अटल जी के बारे में केंद्र सरकार को रोजाना नहीं तो कम से कम हर हफ्ते समाचार रिपोर्ट आम जनता के बीच प्रस्तुत करनी चाहिए। केंद्र सरकार को चाहिए कि उनका वीडियो बनाकर जनता को दिखलाए।  पूर्व प्रधानमंत्री अटल जी वर्तमान हालत में कैसे हैं?
 जनता उनके दीर्घायु होने और पूर्ण स्वस्थ होने की कामना करती है।

किसान आँदोलन के साथ खड़ा है हनुमानगढ़ और श्री गंगानगर जिले का मीडिया

- करणीदान सिंह राजपूत  -

श्री गंगानगर हनुमानगढ़ इलाके का मीडिया आंदोलनकारी किसानों के साथ में खड़ा हो गया। यह स्थिति सत्ताधारी पार्टी और इलाके में उसकी डुगडुगी बजाने वाले पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को देख लेनी चाहिए। राजस्थान सरकार के मंत्री और विधायक इस संपूर्ण बदली हुई स्थिति को समझें कि उनकी हालत इन दोनों जिलों में कितनी अधिक पतली हो चुकी है।

Saturday, December 24, 2016

खेत और किसान मरे तो श्मशान बन जाएंगे शहर और शहरी कारोबार

-  करणीदान सिंह राजपूत -

 खेत और किसान मरे तो सब  श्मशान बन जाएंगे। न कोई शहर बचेगा न कोई कारोबार बचेगा ना कोई अट्टालिकाएं बचेगी और न कारों हवाई जहाजों में यात्रा करने वाले बचेंगे। आदमी की रीढ की हड्डी टूट जाती है या उसमें थोड़ा भी नुकसान हो जाता है तो उस आदमी की हालत क्या होती है? क्या रीढ की हड्डी टूटने के बाद आदमी चल फिर सकता है?मौज मस्ती कर सकता है? कोई कारोबार कर सकता है? पीड़ित व्यक्ति एक स्थान पर पड़ा रहता है।

 आज जो परिस्थितियां सत्ताधारियों ने और प्रशासनिक अधिकारियों ने पैदा कर दी है। इससे खेत और किसान दोनों की हालत रीढ टूटे हुए आदमी जैसी हो गई है, अगर अभी भी सब कुछ जानते हुए इलाज नहीं किया गया तो वह दिन दूर नहीं जब किसान मर जाएगा खेत मर जाएंगे। लेकिन इतराने की जरुरत नहीं है कि शहर में रहते हैं, अलग से कारोबार है,बड़ी अट्टालिका हैं, चलने को सड़के हैं,कारें और हवाई जहाज हैं। यह सब या इन में से कोई भी जीवित नहीं बचेगा, और   न उनके अंश बचेंगे।


 हमारे देश में सारी जीवन प्रणाली खेत और किसान से जुड़ी हुई है। जब खेत में कुछ पैदा नहीं होता है तो सारा इलाका अकाल और अभाव  से पीड़ित हो जाता है। संपूर्ण क्षेत्र विकास के दौर में कई साल पीछे पहुंच जाता है।

 मैं संपूर्ण देश के बजाय अभी  राजस्थान और राजस्थान में भी फिलहाल कुछ इलाके की बात कर रहा हूं, जिस इलाके में अनेक सालों के प्रयत्नों के बाद करोड़ों रुपए लगाने के बाद गंग नहर निकली,भाखड़ा और राजस्थान नहर निकली।
 यह इलाका निरंतर मेहनत करने पर सरसब्ज हुआ और आगे और अधिक विकास की संभावनाएं तलाशने वाला शक्तिशाली क्षेत्र बना। इसे आज की ताकतवर हालत में पहुंचाने वाला इलाके का किसान है और उसका परिवार है, जिसने  न दिन देखा, न रात देखी। न सर्दी की बदन चीरती हुई हवाएं देखी। न जून जुलाई गर्मी की तपन देखी।
किसान और उसका परिवार दिन-रात जूटा हुआ रहा, लेकिन आज सरकारी और प्रशासनिक अव्यवस्थाओं ने इलाके के किसान को इलाके के खेतों को मरने के लिए मजबूर कर दिया है। मेरी सोच यह है कि किसान और खेत खुद नहीं मर रहे हमारी राज व्यवस्था हमारी प्रशासनिक व्यवस्था उनकी हत्या कर रहे हैं। उनको तड़पा तड़पा कर मार रहे हैं।

 जब किसी को मारा जाता है तो वह जीव चाहे कितना ही छोटा हो कितना ही कमजोर हो। वह अपने जीवन के लिए मरने और मारने के लिए तैयार हो जाता है और उसमें सैंकड़ों गुना ताकत अपने आप पैदा हो जाती है। वह संघर्ष के लिए अपने बचाव के लिए और ताकतवर समूह बना लेता है। फिर अपनी ताकत का इस्तेमाल करता है। उस जीव द्वारा जीवन के लिए किया जाने वाला संघर्ष कामयाब रहता है।वह जीव ही नहीं पूरा समूह मौत की ओर जाने से बच जाता है।


जब जीव संघर्ष करता है तब उसके सामने ना कोई अपना होता है ना कोई पराया होता है। उसे केवल और केवल अपना जीवन दिखाई पड़ता है। आज इलाके के खेत और किसान को जीवन देने वाली राजस्थान नहर भाखड़ा नहर और गंग नहर इन तीनों को बचाने के लिए अपने खेतों को बचाने के लिए किसान इलाके का मजदूर और इलाके का व्यापारी एक जुट खडे़ हैं। कहने का मतलब है कि सब कुछ खेत और किसान से जुड़ा हुआ है। अभी भी सत्ता और प्रशासन समझ नहीं पा रहे हैं या जानबूझकर सत्ता सुख में समझना नहीं चाहते हैं। वे भूल गए हैं कि  उनका जन्म भी इस इलाके के अंदर हुआ। इस इलाके के मतों ने विजयी बनाकर जयपुर और दिल्ली भेजा। यह इलाका उनके साथ नहीं होता तो वे न दिल्ली पहुंच पाते,न राजस्थान की राजधानी जयपुर पहुंच पाते। न जिले में और न तहसील में और पंचायत समितियों में ग्राम पंचायतों में प्रतिनिधित्व कर पाते।

 इस इलाके का किसान संघर्ष करें और जनप्रतिनिधि चाहे वह  सरपंच हो, चाहे अन्य पदों पर हो, विधायक सांसद हो या फिर मंत्री हो,नष्ट हो रहे मर रहे खेत और किसान को देखते हुए कैसे समारोह कर रहे हैं?  कैसे मालाएं पहन रहे हैं और कैसे विकास के थोथे भाषण दे रहे हैं। विकास मशीनों से पैदा नहीं होता बल्कि यह जो मशीन है बनी हैं वह सब खेत और किसान के उत्पादन के बाद  आवश्यकता के अनुरूप बनाई गई है किसान और खेत नहीं होते तो फिर मशीनें भी नहीं होती।


 मैं एक बात बहुत कड़वी कहना चाह रहा हूं बल्की कह रहा हूं की अगर खेत और किसान नहीं रहे तो बाकी भी नहीं रहेंगे। इस वाक्य को समझना चाहिए। यह वाक्य और बात केवल हवा में नहीं कह रहा और हवा में उड़ाने के लिए भी नहीं कह रहा हूं। मैं इस इलाके में 50 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्य कर रहा हूं।मैं यहां के इलाके के किसानो को खेत मजदूरों को और व्यापारियों को अच्छी तरह से,भलीभांति तरीके से जानता हूं कि वे आंदोलन और संघर्ष करके अपने अधिकार प्राप्त कर लेंगे। पानी प्राप्त कर लेंगे लेकिन सत्ताधारियों का और प्रशासन का क्या होगा? जो आज किसान के साथ न होकर समारोहों में व्यस्त हैं।


 किसान और खेत रहेंगे लेकिन ये समारोह एक दिन  एक सप्ताह मनाए जा सकते हैं।  इनको सदा के लिए तो नहीं मनाया जा सकता। सदा तो खेत रहेंगे किसान रहेंगे।


राजस्थान नहर जिसे आज इंदिरा गांधी नहर कहा जा रहा है,भाखड़ा नहर और गंगनहर इलाके की तीनों जीवनदायिनी नहरें पिछले कुछ सालों से लगातार मौत की ओर जा रही है और इनसे जुड़े धरतीपुत्र किसान संघर्ष कर रहे हैं। अब समय कह रहा है कि संभल जाओ।

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Friday, December 23, 2016

भाजपा के हाथ से किसान निकले- नेता किसानों से अपील करने से भी डर गए है

-  करणीदान सिंह राजपूत -
हनुमानगढ़ व श्रीगंगानगर जिलों में चल रहे किसान प्रदर्शनों से भारतीय जनता पार्टी के मंत्री और नेता विधायक बुरी तरह से डर गए हैं। भाजपा के जनप्रतिनिधि किसानों से बात करने से भी भय खा रहे हैं। किसानों की सीधी चुनौतियों से लग रहा है कि पानी की मांग कर रहे किसान भाजपा के हाथ से निकल गए हैं।
 किसान अपने उजड़ रहे खेतों को देखकर भा ज पा से मेलजोल तक नहीं रखना चाहते। भाजपा के नेता किसानों के बीच जाकर अपनी सरकार की बात रखने तक से घबरा रहे हैं।भाजपा नेताओं को लग रहा है कि उनकी बात और अपील सुनी नहीं जाएगी तथा किसान उनको खरी-खोटी सुनाएंगे। भाजपा के घबराए जनप्रतिनिधियों की ओर से किसानों से अपील नहीं की गई। आश्चर्यजनक तौर पर भाजपा का डर इस स्थिति में सामने आया है कि किसानों से जल संसाधन विभाग के उत्तरीय क्षेत्र के मुख्य अभियंता आर के चौधरी से अपील करवाई गई है। आर के चौधरी ने बांध में जल स्तर कम होने का हवाला देते हुए किसानों को भाई बताते हुए अपील की है। यह अपील सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के माध्यम से समाचार के रूप में दी गई है। आश्चर्यजनक है कि जल संसाधन मंत्री डॉ रामप्रताप खुद हनुमानगढ़ में रहते हैं हनुमानगढ़ से विधायक हैं लेकिन उनकी तरफ से किसानों से अपील नहीं हुई।
 हनुमानगढ़ जिले में किसानों का आंदोलन रोष से भरता जा रहा है और यह कोई विकट रुप भी ले सकता है। हनुमानगढ़ और श्रीगंगानगर के विधायक किसानों के बीच में जाने से कतरा रहे हैं। किसानों का आंदोलन किस रूप में आगे जाएगा और इससे कितना नुकसान हो जाएगा का अनुमान भाजपा नेता नहीं लगा रहे।

एक तरफ किसान आँदोलन और नोटबंदी दोनों मुद्दे जुड़ जाएंगे तब क्या होगा?

Tuesday, December 20, 2016

भारत के बिगड़े गए हालात पर गुलाब कोठारी का लेख 20 दिसंबर राजस्थान पत्रिका में जरूर पढ़ें करणीदान सिंह राजपूत

 प्रख्यात पत्रकार सामाजिक आध्यात्मिक और आर्थिक चिंतक गुलाब जी कोठारी का एक लेख राजस्थान पत्रिका 20 दिसंबर 2016 के मुखपृष्ठ पर ़़़ अब क्या बचा और दूसरे पेज पर ़़़चक्रव्यूह में फंस रही जनता ़़़ अवश्य पढ़ें।
 मेरी यह अपील भारत के वर्तमान हालात के कारण है। भारत की जो दुर्दशा हुई है। यह प्राकृतिक नहीं बल्कि वर्तमान भारत सरकार के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा पैदा की हुई है। भारत इस आपदा से कैसे और कब बचेगा? यह आगे का वक्त बताएगा।

 मैं स्वयं 50 वर्षों से पत्रकारिता में हूं इसलिए आपसे यह अपील कर रहा हूं की गुलाब जी कोठारी का यह लेख खुद पढ़ें और अन्य लोगों को भी पढ़ने के लिए आग्रह करें । जिन लोगों के घरों में और व्यावसायिक केंद्रों पर  राजस्थान पत्रिका नहीं आती हो तो वे इस लेख को पढ़ने के लिए आसपास से पत्रिका को लेकर के पढें।  इस लेख में बहुत कुछ है।
एक पंक्ति जो आखिर में मिल रही है कि देश का युवा जिस दिन जागेगा उस दिन बहुत कुछ बदलाव आ जाएगा।
 गुलाब जी ने क्रांति  का आभास दिया है।

 मैं बड़े विश्वास के साथ यह कहना चाहता हूं कि इस समय भारत के हालात बिगड़े नहीं बिगाड़े जा रहे हैं। हजारों सालों की परंपराओं को वे लोग नष्ट कर रहे हैं जो कभी इन परंपराओं को जीवित रखने का आह्वान किया करते थे। वे दावा किया करते थे कि इन परंपराओं को जब हमारी सरकार आएगी तब जीवित रखेंगे खत्म नहीं होने देंगे। आज केवल एक प्रधानमंत्री के कारण सब कुछ तहस नहस हो रहा है। राजनीतिक दल आरोप प्रत्यारोप लगाते रहेंगे लेकिन भारत के मध्यमवर्ग पिछड़े वर्ग का तो नाश हो ही रहा है हमारे यहां के सारे उद्योग धंधे कारोबार सब चौपट हो रहे हैं।
 क्या हमें फिर से हर वस्तु के लिए विदेशों के आश्रित होना पड़ेगा?

Sunday, December 18, 2016

आप किसी को क्यों नहीं पकड़वा रहे? भाजपा नेताओं पदाधिकारियों से सवाल:


- करणीदानसिंह राजपूत -
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने काला धन,भ्रष्टाचार व जमीन हथियाने वालों के विरूद्ध अभियान छेड़ा है मगर भाजपा के किसी भी नेता ने पदाधिकारी ने कार्यकर्ता ने अभी किसी को भी नहीं पकड़वाया है।

Thursday, December 15, 2016

राजस्थान में 5 रूपय में नाश्ता और 8 रूपय में भोजन की अन्नपूर्णा योजना मुख्यमंत्री ने शुरू की

जयपुर 15 दिसंबर।

 मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने जयपुर में आज अन्नपूर्णा रसोई योजना की शुरूआत की जिसमें 5 रुपए में नाश्ता और ₹8 में भरपेट भोजन लोगों को मिल सकेगा।
 मुख्यमंत्री ने योजना के उद्घाटन पर कहा कि मीनू अच्छा है और  यह अच्छाई भविष्य में कायम रखी जाए। लोगों को भोजन सफाई के साथ स्वाद के साथ समय पर उपलब्ध होना चाहिए
। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की पहल पर शुरू होने वाली इस योजना में आमजन खासकर श्रमिक, रिक्शावाला, ऑटोवाला, कर्मचारी, विद्यार्थी, कामकाजी महिलाओं, बुजुर्ग एवं अन्य असहाय व्यक्तियों को मात्र 5 रुपए प्रति प्लेट में नाश्ता तथा मात्र 8 रुपए प्रति प्लेट में दोपहर का और रात्रि का भोजन उपलब्ध करवाया जाएगा। आधिकारिक जानकारी के अनुसार सबके लिए भोजन, सबके लिए सम्मान मिशन के साथ 'अन्नपूर्णा रसोई योजना' प्रथम चरण में 12 शहरों में शुरू की गई है
। इनमें राजधानी जयपुर सहित सम्भागीय मुख्यालयों जोधपुर, उदयपुर, अजमेर, कोटा, बीकानेर एवं भरतपुर और प्रतापगढ़, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, बारां तथा झालावाड़ में 80 वैनों के माध्यम से तीन समय का भोजन स्वायत्त शासन विभाग अथवा संबंधित नगरीय निकाय द्वारा चिन्हित किए गए स्थान पर वितरित किया जाएगा।
इन वैनों के माध्यम से अच्छी गुणवत्ता का नाश्ता एवं भोजन उपलब्ध करवाया जाएगा। साथ ही भोजन करने वालों के लिए बैठने की उचित व्यवस्था भी की जाएगी। योजना के तहत जयपुर में 25, जोधपुर, उदयपुर, अजमेर, कोटा, बीकानेर एवं भरतपुर में 5-5, झालावाड़, झालरापाटन में 6, प्रतापगढ़ एवं बारां में 3-3 तथा डूंगरपुर व बांसवाड़ा में 4-4 वैन आम नागरिकों को नाश्ता एवं भोजन की व्यवस्था के लिए लगाई जाएंगी। योजना के तहत अन्नपूर्णा रसोई में टोपी, ग्लव्ज, एप्रन और निर्धारित पोशाक पहन कर प्रशिक्षित कार्मिक ही भोजन तैयार करने से लेकर वितरण करने तक का काम करेंगे।
ये कर्मचारी हॉस्पिटेलिटी की ट्रेनिंग में दक्ष होंगे। इस योजना में भोजन उपलब्ध करवाने के साथ ही भोजन बनाने, परोसने और भोजन के उपरांत वेस्ट के प्रभावी मैनेजमेंट पर विशेष ध्यान दिया गया है ताकि लोगों को साफ और स्वास्थ्यवर्धक खाना खाने को मिले। भोजन के मेनू, एक डाइट की मात्रा और दरें भी अन्नपूर्णा रसोई वैन पर उचित ढंग से प्रदर्शित की जाएंगी ताकि भोजन करने वाले निर्धारित राशि में ही भोजन कर सकें। राज्य सरकार का अन्नपूर्णा रसोई को पूरे राज्य में लागू किये जाने की योजना है।

भारत में 20,00,00000 लोग रात को भूखे सोने को मजबूर भयावह और चिंतनीय हालत

 * करणीदान सिंह राजपूत *
भारत में गरीब लोगों के नाम पर अनेक योजनाएं चलती रही है और उन पर करोड़ों रुपए खर्च भी होते रहे हैं मगर हालत भयावह और चिंताजनक बनी हुई है। भारत में 37% लोग गरीबी रेखा से नीचे जीने को मजबूर हैं। देश की यह हालत संयुक्त राष्ट्र खाद्य एवं क्रषि संगठन की रिपोर्ट द स्टेट ऑफ सिक्योरिटी इन दी वर्ल्ड 2015 में दी गई है। इस रिपोर्ट में बताया गया है कि 20 करोड़ लोग रात को भूखे सोने को मजबूर हैं।

यहां रिपोर्ट पर मेरी सोच यह है।
 इन लोगों को एक समय जैसे तैसे भोजन मिल पाता है लेकिन रात को भोजन मिलने की कोई गारंटी नहीं होती। ये लोग जब भोजन नहीं मिलने की स्थिति में है तो उनके ठिकाने भी नहीं है। लोग सड़कों पर रेलवे के खाली स्थानों पर बस स्टैंड के पास के खाली स्थानों पर ओवर ब्रिज के नीचे ठिकाने बनाते हैं। रोजाना कमाई के लिए इधर-उधर या शहरों की आसपास की कच्ची बस्तियों में झुग्गी झोपड़ियों में रहने वाले लोग हैं।

 जब भोजन ही मिलने का संकट हो तब इनके रहन सहन की हालत कितनी चिंताजनक होगी? इसका अनुमान सहज में लगाया नहीं जा सकता। रिपोर्ट में 20 करोड़ लोगों के रात को भूखे सोने का जिक्र है लेकिन यह संख्या इससे कहीं अधिक है। करोड़ों लोग रात्रि समय में कस्बों और शहरों में सामाजिक संस्थाओं धार्मिक संस्थाओं द्वारा लगाए गए लंगरों में भोजन पाते हैं। इसके अलावा विशेषकर गुरुद्वारों में सदा लंगर चलता रहता है वहां भी काफी संख्या में दिन और रात में लोग भोजन पाते हैं।
लंगरों और गुरुद्वारों में भोजन ग्रहण करने वाली जनता करोड़ों में है  यह मान कर चलना चाहिए। पूरे देश में 5-6 करोड़ की संख्या में लोग इस प्रकार के लंगर में भोजन प्राप्त करते हैं। इस प्रकार की भयावह स्थिति पूरी तरह से गौर की जानी चाहिए मगर कोई भी सरकार गंभीरता से इस पर ध्यान नहीं देती। हालांकि रोजगार उपलब्ध कराने के लिए देश में नरेगा जिसका नाम बदलकर अब महात्मा गांधी के नाम पर महानरेगा कर दिया गया है से रोजगार मिलता है मगर उसकी प्रत्येक व्यक्ति को प्रतिदिन रोजगार मिले यह गारंटी नहीं है। पूरे महीने में कुछ दिन रोजगार मिलता है और बाकी के दिन बेरोजगारी में बिताने पड़ते हैं। सरकार गरीब लोगों के लिए जो कर रही है उन पर भी ध्यान देने की आवश्यकता है। सरकारी महकमों में अर्ध कुशल और कुशल कामगारों को प्रतिदिन जितने रुपए सरकार की ओर से दिए जाते हैं, उससे काफी ज्यादा मेहनताना खुले काम करने में मिलता है। जब सरकार कामगार रखती है तो वह चाहे स्थाई हो चाहे अस्थाई हो उसको दिहाड़ी जिसे दैनिक वेतन कहते हैं वह बाजार में चल रही दरों पर दिया जाना चाहिए।

Wednesday, December 14, 2016

सूरतगढ़ में मैत्री ब्लड बैक खुला: 24 घंटे सेवाएं:


रेलवे स्टेशन के मुख्य द्वार के एकदम नजदीक:
- करणीदानसिंह राजपूत -
सूरतगढ़ 14 दिसंबर 2016.
मैत्री ब्लड बैक का शुभारंभ आज हुआ जो अपनी सेवाएं 24 घंटे देगा। 


Saturday, December 10, 2016

सूरतगढ सांसी मोहल्ले की महिलाओं को खुले में जाना पड़ता है शौच:


हालात अध्यक्ष को बर्खास्त करने जैसे हैं:पूरे शहर में गंदगी कचरे का नरक:
नगरपालिका अध्यक्ष काजल छाबड़ा की अनदेखी और पालिका प्रशासन का निकम्मापन:
राजस्थान सरकार मना रही है 3 साल पूर्ण होने का उत्सव:
- करणीदानसिंह राजपूत -
सूरतगढ़ 10 दिसंबर 2010.
भारतीय जनता पार्टी की वसुंधरा राजे की राजस्थान सरकार अपने 3 साल पूर्ण होने को उत्सव के रूप में मनाने वाली है। प्रदेश में खासकर बीकानेर संभाग मुख्यालय और श्रीगंगानगर में उत्सव पर समस्त विभाग लगे हुए हैं वहीं सूरतगढ़ के हालात नगरपालिका प्रशासन की लापरवाही और पालिका अध्यक्ष काजल छाबड़ा की अनदेखी के कारण सारा शहर गंदगी कचरे का बदबू मारता ढेर बना हुआ है। प्रशासनिक अधिकारियों की फौज यहां पर मौजूद है मगर नागरिकों की मांग और ज्ञापनों पर अधिकारी अपने कमरों से बाहर निकल कर हालात देखने को नहीं पहुंचे हैं।


लालगढ जाटान में नशा मुक्ति जन-जागृति कार्यशाला का आयोजनx

 
श्रीगंगानगर, 10 दिसम्बर। जिला पुलिस प्रशासन द्वारा चलाये जा रहे नशा मुक्ति जन-जागृति कार्यशाला का आयोजन शुक्रवार को रा.उ.मा.विधालय लालगढ जाटान में स्वास्थय एवं शिक्षा विभाग के सहयोग से किया गया।

Friday, December 9, 2016

भ्रष्टाचार में भारत दुनिया में किस रैंक पर है।

:  करणीदान सिंह राजपूत  :
भारत में भ्रष्टाचार के कारण हर देशभक्त नागरिक दुखी और प्रताड़ित है। उसकी परेशानी का इलाज इसलिए संभव नहीं हो रहा है कि कम पढ़े-लिखे लोग डरते हैं और अधिक पढे लिखे लोग भ्रष्टाचार में शामिल हो जाते हैं,सहयोग करते हैं। आज करोड़ों रुपए का काला धन किसी गरीब के पास नहीं जो लोग सत्ताधारियों से निकटता रखते हैं उनके पास में मौजूद है।

 भ्रष्टाचार मैं भारत दुनिया में 169 वे क्रम पर है। हमारे देश से अधिक भ्रष्टाचार अन्य देशों में है लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हम अन्य देशो के मुकाबले में भ्रष्टाचार कम मानकर चुप रहें। हमारे देश में भ्रष्टाचार है तो उसका कारण यही है कि हम भ्रष्टाचार के विरुद्ध आवाज नहीं उठाना चाहते। हम केवल देखते  रहते हैं।

ऐसा नहीं है कि हम भ्रष्टाचारी के बर्ताव से बच जाएंगे या बचते रहे हैं। हम भ्रष्टाचारी के शिकार होते रहे हैं और चुप्पी रहने पर आगे भी भ्रष्टाचार के शिकार होते हुए अपनी संतति को भी परेशानी में डालते रहेंगे।
 दुनिया में भ्रष्टाचार से सभी देश पीड़ित हैं और भ्रष्टाचार मुक्त होना चाहते हैं। भ्रष्टाचार किस देश में कितना है इसकी  खोजबीन आदि होती रहती है। ताजातरीन रिपोर्ट्स के आधार पर डेनमार्क क्रम में सबसे ऊपर अर्थात एक नंबर पर है। न्यूजीलैंड 2 नंबर पर सिंगापुर सात नंबर पर और पावरफुल अमेरिका 17 नंबर पर आंके गए हैं। दुनियाभर में राज कर चुका इंग्लैंड भ्रष्टाचार में 78  वें क्रम पर है।
 नेपाल का स्थान 85 वें नंबर पर है। वामपंथी चीन  87 वें नंबर पर है।
लंका 90 नंबर पर है। भारत का क्रम 169 पर है और अफगानिस्तान जो इस समय विश्व में समाचारों में छाया हुआ है उस का क्रम 172 में पर है।

यह कुछ देशों की स्थिति है लेकिन भ्रष्टाचार अनेक रूपों में सभी देशों में छाया हुआ है। हम अपने देश की बात करें तो एक बात सामने आती है की भ्रष्टाचार से दुखी सभी हैं और मुक्त होना चाहते हैं मगर इसके लिए हमारी सोच यही है की भगत सिंह जैसा आजाद जैसा सुखदेव जैसा क्रंतिकारी दूसरे के घर में पैदा हो। हम किसी भी प्रकार की मामूली सी परेशानी भी लेना नहीं चाहते।

 यदि हमारे आसपास का कोई व्यक्ति भ्रष्टाचार में लिप्त है तो वह व्यक्ति दन दनाता हुआ सामने से निकलता है।
 वह शक्तिशाली होने का दिखावा करता हमारे सामने से निकलता है और हम पिद्दी बने हुए रहते हैं। आज हर शहर में हर गांव में शिक्षा का स्तर बहुत ऊंचा हुआ है लेकिन शिक्षा लेने वाले और शिक्षा देने वाले भ्रष्टाचार के मामले में किसी प्रकार की कार्रवाई करना नहीं चाहते। यही सोच प्राय सभी लोगों की है। कोई बुरा बनाना नहीं चाहता तब भ्रष्टाचार कैसे खत्म होगा। अच्छा हो कि भ्रष्टाचार के विरोध में संघर्ष करते रहें। इस समय देश की यह पहली आवश्यकता है।

विश्व भ्रष्टाचार निरोधी दिवस 9 दिसंबर पर पर जागो और भ्रष्टाचारियों के विरुद्ध शिकायत लगा दो

:  करणीदान सिंह राजपूत:
आज 9 दिसंबर को विश्व भ्रष्टाचार निरोध दिवस है। इस दिवस पर जागो और दूसरों को भी जगाओ। भ्रष्टाचारियों के विरुद्ध आज ही शिकायत करो और कराओ। देश में एक आवाज उठ रही है आतंकवाद और आतंकवादियों का कोई धर्म कोई समाज और कोई देश भक्ति नहीं होती। उसी तरह भ्रष्टाचारियों का भी कोई धर्म कोई समाज और कोई देश भक्ति नहीं होती। भ्रष्टाचारी अपना घर और अपने परिवार के व्यक्तियों सदस्यों का घर धन से भरने के लिए अन्य लोगों को पीड़ित करता है। अनेक ऐसे मामले हैं जिनमें सीधे रूप से व्यक्ति समाजसेवक और दयावान मददगार जैसा लगता है लेकिन शासन के जो नियम समस्त लोगों के लिए बने हुए हैं उन को तोड़ता है। अगर नियम तोड़ने वाला व्यक्ति समाज सेवा का ढोंग कर रहा है तो उसके इस ढोंग को समझना चाहिए तथा उचित स्थान पर शिकायत दर्ज करा देनी चाहिए।

 भ्रष्टाचारियों में राजनेता राजनैतिक पार्टियों से जुड़े हुए लोग सरकारी विभागों में  अधिकारी और कर्मचारी व्यवसाय करने वाले पुलिस शिक्षा राजस्व सार्वजनिक निर्माण विभाग परिवहन वन विभाग खनन विभाग पंचायत समितियों के विभाग नगरपालिकाओं के विभाग रेलवे आदि किसी भी जगह काम करने वाले हों,अगर वे भ्रष्टाचार कर रहे हैं धन के लिए काम करने में आनाकानी कर रहे हैं पत्रावलियों को निपटाने में देरी करने वाले हैं तो यह सभी कार्य भर्ष्टाचार के हैं।
इन के विरुद्ध चाहे यह कितने भी प्रभावशाली हो प्रभावशाली का दिखावा कर रहे हो किसी न किसी रूप में लोगों से जुड़कर भ्रष्टाचार कर रहे हों तो भी इन के विरुद्ध आज ही शिकायत दर्ज करवाएं। भ्रष्टाचारियों को कानून के सामने लाने में देरी नहीं की जानी चाहिए।
 आपको इत्मीनान है कि व्यक्ति या व्यक्तियों का समूह भ्रष्टाचार में लिप्त है तो तुरंत कलम उठाएं।शिकायत लिखें और अपने पास के सरकारी दफ्तर में देदें। सरकार ने भ्रष्टाचार समाप्त करने के लिए विभाग स्थापित कर रखे हैं जहां पर शिकायत की जा सकती है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो,पुलिस विभाग व इसके अलावा मुख्यमंत्री भ्रष्टाचार निवारण प्रकोष्ठ,राज्य के मुख्य सचिव आदि इनके अलावा संभागीय आयुक्त जिला कलक्टर आपके पास के अतिरिक्त जिला कलक्टर उपखंड अधिकारी राजस्व तहसीलदार आदि को भी लिखित में शिकायत की जा सकती है। जितने प्रमाण आपके पास हों शिकायत के साथ लगा दें और अन्य कोई प्रमाण उपलब्ध नहीं है मगर उसके बारे में जानकारी हो तो उसका उल्लेख शिकायत में कर दें।

अनेक लोग खुद सवाल करते हैं और खुद ही उसका उत्तर निश्चित कर लेते हैं कि शिकायतों के बावजूद कुछ होने वाला नहीं है लेकिन मेरी सोच व अनेक लोगों की सोच यह है कि शिकायत के बाद निश्चित रूप से कार्यवाही होती है। इसमें कुछ समय लग सकता है। संभव है कि भ्रष्टाचारियों बचाने में कुछ अधिकारी-कर्मचारी सत्ताधारी सहयोग करते हैं लेकिन इससे निराश होने की हताश होने की आवश्यकता नहीं है। जो लोग संघर्ष करते हैं उनकी जीत निश्चित रूप से होती है।

सच को कभी भी झुठलाया नहीं जा सकता। पिछले कुछ सालों में लौट कर देखेंगे। अनेक भ्रष्टाचारी चाहे वह सरकार में रहे हों चाहे बड़े व्यवसाई रहे हों आज जेलों में बंद हैं।उनकी पावर उनकी शक्ति और उनका धन दौलत कहीं काम नहीं आया। जो लोग उनको बचाने में थे वे भी सहयोग नहीं कर पाए।

 हमारे देश में अनेक संस्थाएं पूर्ण सच्चाई के साथ कार्य कर रही हैं। आप इनके मददगार हो सकते हैं। स्वच्छ और साफ-सुथरे भ्रष्टाचार मुक्त भारत बनाने के लिए आगे आएं और भ्रष्टाचारियों के विरुद्ध कदम उठाएं। आपके कदम उठाने के बाद अन्य लोग भी आपके साथ जुड़ते चले जाएंगे।

सत्यम् शिवम् सुंदरम्

सत्यमेव जयते

Wednesday, December 7, 2016

हर्ष कान्वेंट स्कूल में कथकली नृत्य का आयोजन हुआ:

सूरतगढ़,7 दिसंबर 2016. हर्ष कान्वेंट स्कूल में कथकली नृत्य का आयोजन हुआ जिसके चित्र यहां प्रस्तुत हैं।

रूपनगर (50 एफ)श्रीकरणपुर में रात्रि चौपाल आयोजित

 
श्रीगंगानगर, 7 दिसम्बर। जिला कलक्टर श्री ज्ञानाराम ने पंचायत समिति करणपुर की ग्राम पंचायत रूपनगर (50 एफ) के अटल सेवा केन्द्र में मंगलवार को रात्रि चौपाल आयोजित कर ग्रामीणों की समस्याओं को सुना तथा इस संबंध में संबंधित अधिकारियों को समस्याओं के समाधान के लिये आवश्यक निर्देश दिये। 

संगतपुरा में नशा मुक्ति शिविर पुलिस थाना मटिली राठान द्वारा

 
श्रीगंगानगर, 6 दिसम्बर। जिला पुलिस अधीक्षक श्री राहुल कोटकी द्वारा चलाये जा रहे नशा मुक्ति अभियान के अन्तर्गत मंगलवार को गांव संगतपुरा के राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय में पुलिस थाना मटिली राठान द्वारा निःशुल्क नशा मुक्ति शिविर एवं कार्यशाला का आयोजन किया गया। 

Tuesday, December 6, 2016

बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर के निर्वाण दिवस पर सूरतगढ़ में श्रद्धांजलि दी गई।

सूरतगढ़ 6 दिसंबर।
बाबा साहेब भीम राव अम्बेडकर के निर्वाण दिवस पर कांग्रेस ब्लॉक कार्यालय में परसराम भाटिया की अध्यक्षता में हुई सभा में श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

 

Sunday, December 4, 2016

नोटबंदी से सूरतगढ़ का आधा करोबार ठप्प:धर्मप्रिय कारोबारी ने कहा कि कारोबार चौथाई रह गया


- करणीदानसिंह राजपूत -
सूरतगढ़। हर मौसम में चमकता जगमगाता खुशहाल कहलाने वाला सूरतगढ़ के बाजार की कारोबारी नोट बंदी की या कहें मोदी की जल्दबाजी नीति की भेंट चढ़ गई। सूरतगढ़ में अनेक विभागों के सर्वाधिक कार्यालय होने के कारण यहां का कारोबार मंदी की मार में भी दौड़ता हुआ चला करता था। किसी भी व्यापारी के चेहरे पर शिकन नहीं होती थी और न कोई परेशानी होती थी। लेकिन अब यहां का व्यापारी व छोटा दुकानदार रेहड़ी वाला आदि सभी परेशान हैं वहीं बड़े व्यापारी भी खाली बैठे हुए मोदी सरकार को कोसते हैं। दुकाने माल से भरी हैं मगर कोई खरीदार नहीं है। अब तक जितना रूपया बैंकों से एटीएम से निकाल सकते थे उतने से तो केवल भोजन ही खरीद सकते हैं या फिर भोजन की सामग्री खरीद सकते हैं। भोजन भी पूरा नहीं जितना उतने रूपयों में मिल सके सप्ताह का दस दिनों का। रसद में ही रूपया चुक जाए व पूरा नहीं पड़े तब अन्य सामग्री तो खरीदी ही नहीं जा सकती। किरयाने की दुकानों पर भी ग्राहक कम और बिक्री आधी रह गई हो तब मनीहारी जनरल स्टोरों की हालत का अनुमान लगाया जा सकता है कि वहां तो ऐसी सामग्री होती जिसके बिना जीवन चलाया जा सकता है। ऐसी दुकानों पर तो बिक्री पचास प्रतिशत से अधिक गिर गई है। व्यापारियों की हालत ऐसी बन गई है कि वे मोदी को अच्छा बुरा बताना ही भूल गए। मतलब संज्ञाशून्य हो चले हैं। भरी हुई दुकानों में घाटा लगने लगे और यह भी तय नहीं हो कि ग्राहकी कब शुरू होगी तब संकट का समाधान ही नहीं निकाला जा सकता। दुकानदारों की हालत से लगता है कि यह संकट कई घरों को बरबाद करके छोड़ेगा। जब काम ही नहीं है तब क्या खरीदें क्या बेचें?
जिन दुकानदारों के पास किराए की दुकानें हैं उनको किराया व स्टाफ का खर्च निकालना मुश्किल हो रहा है।
किसी को भी पूछ लें जवाब उदासी में मिलेगा कि क्या करें? सब कुछ चौपट हो रहा है।
एक सच्च कहने वाले धर्मप्रिय कारोबारी ने कहा कि कारोबार चौथाई रह गया है। वह भाजपा से जुड़ा हुआ है और परिवार और पेट उनके भी है।

Saturday, December 3, 2016

सूरतगढ का rss व भाजपा बेईमानों के साथ हैं या मोदी के साथ

सूरतगढ़। ईमानदार rss और भाजपा विधायक व कार्यकर्ता मोदी के साथ हैं या बेईमानों को बचाने में चुप हैं।
 नरेंद्र मोदी ने कालाधन और भ्रष्टाचार को रोकने के आह्वान बार बार के हैं।
प्रधानमंत्री की घोषणा के बाद उनके बयानों पर rss से संबंधित और भाजपा के कार्यकर्ता facebook पर मोदी के बयानों को देश हित में बताते हैं और काला धन पर भ्रष्टाचार पर रोक लगाने की बातें करते हैं।  लेकिन आश्चर्य है कि 8 नवंबर से 3 दिसंबर तक की अवधि में किसी भी बेईमान भ्रष्टाचारी काला धन वाले का नाम इन लोगों ने उजागर नहीं किया और न कोई इशारा भी किया।
सूरतगढ़ में अखबारों में तथ्यों के साथ चित्रों के साथ भ्रष्टाचारियों के कालाबाजारियों के नाम समाचार लगातार छपते रहे हैँ।  विभिन्न राजनीतिक दल एवं संस्थाएं भ्रष्टाचारियों के नामों  को शिकायतों में उजागर करते रहे हैं लेकिन उनके विरुद्ध कोई कार्यवाही नहीं की गई।
आश्चर्य है कि सूरतगढ़ rss से संबंधित लोग और भाजपा के लोग थोथी बयान बाजी कर रहे हैं लेकिन किसी का नाम लेने से बचना चाहते हैं या फिर भ्रष्टाचारी को बचाना चाहते है।
अगर rss कार्यकर्ता भाजपा कार्यकर्ता सच में मोदी के साथ हैं तो उनको भ्रष्टाचारियों से भय क्यों लग रहा है।
ये मोदी के साथ हैं या फिर भ्रष्टाचारियों से भाईचारा निभाना चाहते हैं। जनता के बीच उनको भ्रष्टाचारियों के नाम उजागर करने में और भ्रष्टाचारियों के विरुद्ध कार्यवाही कराने में पीछे नहीं रहना चाहिए।
नरेंद्र मोदी ने आम जनता से सहयोग मांगा है फिर ऐसी स्थिति में rss और भाजपा के लोग अपना मुह बंद क्यों किए हुए हैं। उनका चुप रहना शंकाएं पैदा करता है कि वे स्थानीय भ्रष्टाचारियों को बचाना चाहते हैं और उनसे भाईचारा दोस्ती निभाना चाहते हैं। यह दोहरापन उनकी बात व मजबूती के लिए हानिकारक होगा। 

करोड़ों का काला धन किस राजनेता व्यापारी का है जिससे महेश शाह को डर है

 आयकर विभाग के सामने 13,860 करोड़ रुपए कालेधन की घोषणा करने वाले अहमदाबाद के कारोबारी महेश शाह को आयकर विभाग ने चैनल के स्टूडियो से हिरासत में ले लिया है. शनिवार को शाह ईटीवी चैनल पर इंटरव्यू दे रहे थे उसी दौरान उन्हें गिरफ्तार कर लिया गयाा
शाह ने चैनल से कहा है कि ये पैसे उनके नहीं हैं. ईटीवी गुजराती के स्टूडियो में आए महेश शाह ने एक्सक्लूसिव बातचीत में कहा कि वे स्वीकारते हैं कि उन्होंने आय घोषणा योजना (आईडीएस) के तहत 13,860 करोड़ रुपए कालाधन आयकर विभाग के सामने सरेंडर किया है। 
उन्होंने कहा कि ये सारे पैसे उनके नहीं हैं, लेकिन वे इस बात का खुलासा नहीं करेंगे कि ये पैसे किसके हैं. कहा, मैं ये नहीं बताउंगा कि ये पैसे महाराष्ट्र या गुजरात के किसी शख्स के हैं, लेकिन इतना जरूर कहूंगा कि ये पैसे हिन्दुस्तान के ही लोगों का है। 
उन्होंने ये जरूर कहा कि ये पैसे नेताओं, सरकारी ऑफिसरों और कारोबारियों के हैं। हां इतना जरूर कहा कि ये पैसे किसी अपराधी के नहीं हैं।
रियल स्टेट कारोबारी महेश शाह ने मीडियाकर्मियों से अपील की है कि वे उनके परिवार और उनके करीबी दोस्तों को इसमें शामिल न करे। उनका इन पैसों से कोई लेनादेना नहीं है़। साथ ही सरकार से अपील की कि वह उनके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करे।  महेश शाह ने कहा वे फरार नहीं थे। उनकी पत्नी को कैंसर है इसलिए वे उनके इलाज के लिए बाहर गए थे। 
कारोबारी महेश शाह ने कहा कि वे रियल स्टेट के करोबार से जुड़े हुए हैं।  मीडिया के लोग उनपर और उनके परिवार पर तरह-तरह के बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं।  उन्होंने कहा कि मीडिया के लोगों ने बिना जांच पड़ताल के मुझे फरार घोषित कर दिया। मीडिया की वजह से मेरे परिवार को काफी परेशानी हुई है। 
 महेश शाह ने कहा कि वे रियल एस्टेट के कारोबारी हैं। 
 वे मानते हैं कि उन्होंने कुछ लोगों के कालेधन को सफेद करने की जिम्मेदारी ली थी, लेकिन ये काम मजबूरी में किया। 
ये भी कहा कि इस धंधे के बारे में उन्होंने परिवार को कभी नहीं बताया। किस मजबूरी में या किसके कहने पर ये काम शुरू किया ये मैं आयकर विभाग को ही बताउंगा। महेश शाह बार-बार कहते दिखे कि वे आयकर विभाग के सामने सारी सच्चाई खोलेंगे। वे ये भी बताएंगे कि ये पैसे किन लोगों के हैं। 
महेश शाह ने बताया कि वे 10 दिनों से मुंबई में थे. उन्होंने कहा कि इन पैसों के बारे में आयकर विभाग के सामने सारे खुलासे करेंगे। वे जांच में सरकारी तंत्र का पूरा सहयोग करेंगे। 
महेश शाह ने कहा कि मैं पहले 1560 करोड़ की रकम सरकार को देने को तैयार था, पर रुक गया। परिवार की सुरक्षा की गारंटी चाहिए।  जो 13860 करोड़ रुपए की बात हो रही है, वह मेरे नहीं है दूसरी दूसरी पार्टी के हैं।  मैं डर गया था, इसीलिए सीधे इनकम टैक्स विभाग के पास नहीं गया। मैं कमीशन के लिए कालेधन को सफेद करने के लिए तैयार हुआ था। 
वह काला धन बहुत शक्तिशाली व्यक्ति या व्यक्तियों का है जो परिवार को खत्म करने जैसी खत्म कराने जैसी हरकत कर सकते हैं। महेश शाह ने यह तो कह दिया कि यह धन अपराधियों का नहीं है तब  यह धन किसी बड़े राजनीतिक संपर्क वाले व्यक्ति का है संभव है। संबंधित व्यक्ति उसकी कंपनी का सत्ताधारी से संबंध हो या सरंक्षण हो। 
 महेश शाह ने अगर आयकर विभाग को पावरफुल व्यक्ति का नाम बता भी दिया तो आयकर विभाग उस नाम को कभी उजागर नहीं करेगा़। यही कहेगा कि महेश शाह ने नाम नहीं बताए।उन्होंने 

Friday, December 2, 2016

अलीपुरा में नशा मुक्ति जन जागृति कार्यशाला

 
श्रीगंगानगर, 2 दिसम्बर 2016। जिला पुलिस अधीक्षक श्री राहुल कोटोकी के निर्देशानुसार पुलिस थाना सादुलशहर द्वारा नशा मुक्ति जन जागृति कार्यशाला एवम् निःशुल्क नशा मुक्ति परामर्श शिविर का आयोजन रा0मा0विद्यालय अलीपुरा में किया गया। इस कार्यशाला में स्थानीय विद्यालय के अलावा मास्टर बलराम मैमोरियल उ0मा0वि0 व गोपाल मैमोरियल मा0 विद्यालय के विद्यार्थियों, शिक्षको  अभिभावको व पंचायत के गणमान्य लोगो ने भाग लिया।

कोचिंग संस्थाओं में आत्महत्या होने पर संस्थान मालिक पर कार्यवाही होगी

ः विशेष समाचारः
सूरतगढ़ 2 दिसंबर।
कोचिंग कोचिंग सेंटर में किसी भी छात्र छात्रा के आत्महत्या किए जाने पर कोचिंग सेंटर के संचालकों के विरुद्ध कार्यवाही होगी। राजस्थान राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष मनन चतुर्वेदी ने कहा है कि संस्थान में आत्महत्या किए जाने पर संस्थान की जिम्मेवारी होगी। उस संस्थान को सम्मन जारी किया जाएगा।  अध्यक्ष ने कहा है कि  राजस्थान के सभी जिला कलेक्टरों को इस संबंध में पत्र जारी कर दिया गया है तथा उनसे प्रदेश के कोचिंग संस्थानों में विद्यार्थियों की ओर से आत्महत्या किए जाने के मामलों की तथ्यात्मक जानकारी भी मांगी गई है।
  प्रदेश में अनेक कोचिंग सेंटरों पर उचित व्यवस्था और वातावरण भी शुद्ध नहीं होता।  यहां तक की कक्षाओं में बहुत ज्यादा विद्यार्थी भर दिए जाते हैं जिनके बैठने की उचित व्यवस्था तक नहीं होती।
अनेक कोचिंग संस्थान रजिस्टर्ड भी नहीं हैं।
विद्यार्थियों और अभिभावकों को संपूर्ण जानकारी नहीं दी जाती।
 सूरतगढ़ में प्रसिद्ध कहे जाने वाले कोचिंग सेंटरों में शिक्षा देने वाले व्याख्याता भी पूर्ण शिक्षित नहीं हैं।
विद्यार्थियों को कोचिंग संस्थान में प्रवेश के बावजूद पढ़ने पढ़ाने में अलग से समय देना पड़ता है जिसके कारण उनके मस्तिष्क पर भारी दबाव रहता है।
 सूरतगढ़ में कई संस्थान ऐसे हैं जो काम फीस लालच देकर प्रवेश कराते हैं और कक्षा में 50-60 तक विद्यार्थियों को बुरी लेते हैं। इससे भी विद्यार्थियों के मस्तिष्क पर बुरा प्रभाव पड़ता है।


संस्थान खुद अपने यहां से पढ़ें और प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने वाले विद्यार्थियों का ब्योरा नहीं देते। जब परिणाम घोषित होते हैं तब सफल होने वाले का प्रचार संस्थान से जोङ कर करा दिया जाता है। इस प्रकार के प्रचार  आपसी facebook आदि पर जारी होते हैं जो अधिकृत नहीं होते। कुल मिलाकर सूरतगढ के सभी
 संस्थान जांच के दायरे में है जिनका सत्यापन सरकार के विभिन्न विभागों की ओर से किया जाना बहुत जरूरी है।

 कोचिंग संस्थानों में विद्यार्थियों की संख्या के आधार पर अनुपात पर संस्थान में व्याख्याता व अन्य कर्मचारी हैं या नहीं हैं।  कोचिंग संस्थानों से छुपे तौर पर सरकारी व्याख्याता जुड़े हुए हैं क्योंकि उनके ही परिवारजन कोचिंग संस्थाओं का संचालन करते हैं। अब 

Thursday, December 1, 2016

नरेन्द्र मोदी और अमित शाह: गजब की जोड़ी का कमाल:






सब मान गए गए और नहीं मानेंगे तो जाऐंगे कहां?
 
व्यंग्य शब्द: करणीदानसिंह राजपूत 


मोदी आपका दीवार आपकी और सर भी आपका
 
अभी आगे आगे देखिए होता है क्या?

सूरतगढ़ सीवरेज निर्माण में गड़बड़ी करोड़ों के घोटाले की आशंका:

माकपा पार्टी ने जाँच वास्ते उपखंड अधिकारी को शिकायत की।सूरतगढ़ 1 दिसम्बर।
सूरतगढ़ में सीवरेज निर्माण में लगातार शिकायतें मिल रही है और माकपा ने गड़बड़ी में करोडों रूपए घोटाले की आशंका प्रगट की है। माकपा ने आरोप लगाया है कि नगरपालिका के इंजीयिर ठेकेदार फर्म से मिले हुए हैं इसलिए निरीक्षण करने नहीं पहुंचते। नगरपालिका अध्यक्ष व पार्षद मौन रूप में कंपनी के साथ हैं। कार्य पूर्ण का प्रमाण पत्र नगरपालिका को ही देना है और इसी चक्कर में शहर में भरी कमीशन दिए जाने की चर्चा है।
शहर के बड़े जन प्रतिनिधी इस मामले में चुप है तथा निर्माण को देखने नहीं पहुंचते। शहर की जो सड़कें तोड़ी जा चुकी है उनकी मरम्म्त भी नहीं की जा रही है।
माकपा ने नगरपालिका व कंपनी दोनों पर बड़ा घोटाला करने की आशंका प्रगट की है तथा उपखंड अधिकारी से आग्रह किया है कि वे मौके पर पहुंच कर निरीक्षण करें।

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