Saturday, October 22, 2016

पटाखों के नियम जरूरी जानें और जरूरी माने: आप कहीं भी रहते हों:


दीपावली पर्व पर सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश व मानदण्डों के अनुसार हो पटाखों की बिक्री -
 समस्त उपखंड अधिकारियों को निर्देश:
श्रीगंगानगर 22 अक्टूबर। जिला कलक्टर श्री पी.सी. किशन ने दीपावली पर्व पर कानून व्यवस्था बनाए रखने तथा पटाखों की बिक्री निर्धारित मानदण्डों के अनुरूप करने के संबंध में जिले के समस्त एसडीएम व तहसीलदारों को आवश्यक निर्देश दिए है।
    जिला कलक्टर ने बताया कि दीपावली पर्व को मध्यनजर रखते हुए यह सुनिश्चित करे कि कोई भी व्यक्ति या दुकानदार बिना आतिशबाजी लाईसेंस के पटाखों की बिक्री नही करे व न ही खुले स्थान पर पटाखों की बिक्री करे। प€की तामीर शुद्घा दुकान के अन्दर ही पटाखों की बिक्री करे। समस्त स्थानों का शत प्रतिशत भौतिक सत्यापन किया जाए। जहां पटाखों की बिक्री हो रही है, नगर पालिका एवं राजस्व विभाग के अधिकारी ड्यूटी लगाकर यह आवश्यक सुनिश्चित कर लेवें कि बिना अनुज्ञा पत्र के बिक्री नही हो एवं सुरक्षित स्थान हो ताकि किसी अनहोनी घटना होने से बचा जा सके। जांच में यह भी सुनिश्चित कर लिया जावें कि कोई भी व्य€ित बिना लाईसेंस के पटाखा विक्रय करते हुए पाया जाए तो उसके विरूद्घ विस्फोटक एक्ट में नियमानुसार कार्यवाही करावे तथा इसकी पालना सुनिश्चित की जावे।
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माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय 
 श्रीगंगानगर, 22 अक्टूबर। माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के अनुसार पटाखों के निर्माण, विक्रय एवं उपयोग के लिए प्रतिषिद्घ आदेश जारी किए गए है। पर्यावरण एवं वन मंत्रालय भारत सरकार द्वारा पटाखों के लिए शौर मानक अभिनिर्धारित किए गए है। आदेशों की पालना के लिए प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए गए है।
    जिला कल€टर एवं जिला मजिस्ट्रेट श्री पी.सी. किशन ने बताया कि किसी भी प्रकार के पटाखों का उपयोग रात्रि 10 बजे से प्रात: 6 बजे तक  नही किया जावेगा। शान्त क्षेत्र यथा अस्पताल, शैक्षणिक संस्थाए, न्यायालय, धार्मिक स्थलों व अन्य क्षेत्र जिन्हें सक्षम अधिकारी द्वारा प्रतिषिद्घ घोषित किया गया है, से 100 मीटर की परिधी में पटाखों पर प्रतिबन्ध रहेगा। पटाखों के लिए शौर मानक के तहत प्रस्फोटन के बिन्दु से 4 मीटर की दूरी पर 125 डी.बी. (ए.आई.) या 145 डी.बी (सी.पी.के.) से अधिक शोर स्तर जनक पटाखों का विनिर्माण या उपयोग प्रतिषिद्घ होगा। लडी (जुडे हुए पटाखें) गठित करने वाले अलग-अलग पटाखों के उपर वर्णित सीमा को 5 लोग 10 एलडीबी तक कम किया जा सकेगा। उन्होने बताया कि समस्त शिक्षण संस्थाओं के प्राचार्य व प्रधानाध्यापक छात्रों को ध्वनि प्रदूषण व वायु प्रदूषण के दुष्प्रभावों के संबंध में जागृत करेंगे व आवश्यक बिन्दुओं के बारे में जानकारी देंगे। यह आदेश 28 अक्टूबर 2016 से एक नवम्बर 2016 तक प्रभावी रहेंगे।
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