Sunday, August 20, 2017

सूरतगढ़ में आरएएस कोचिंग:शिक्षा देने वाले खुद प्रशिक्षित नहीं:





आरएएस बनाने की फैक्ट्री कहलाने वाली संस्थाएं  न आश्रम है न गुरूकुल हैं- ऐसे नाम रखने वाली दुकानें है,और इन संस्थाओं का यह सच्च घटनाओं से उजागर होता रहता है।

कोचिंग संस्थाओं के नाम व सोशल मीडिया में वाहवाही से चक्कर न पड़ें:

अपने बच्चों को प्रवेश दिलाने से किसी प्रकार का लिहाज आदर एक तरफ रख कर पहले मालूम करें कि दावे की जाने वाली किस संस्थान में  कितने प्रशिक्षित शिक्षक हैं?

कोचिंग देने वाली कुछ संस्थाओं में प्रशिक्षित लेक्चरार नहीं हैं-

-- करणीदानसिंह राजपूत  --

सूरतगढ़। आरएएस आइएएस बनाने की दावा करने वाली कुछ नामी कोचिंग संस्थानों​ व अन्य के दावे झूठे हैं और बड़े अखबारों के स्थानीय संवाददाताओं की झूठ भरी खबरों पर टिके हैं। कोचिंग संस्थाओं के नाम व सोशल मीडिया में वाहवाही से चक्कर में न पड़ें और सच्च को जानें तो हैरान रह जाऐंगे। 


आरएएस आइएएस की फैक्ट्री कहलाने वाली कोचिंग संस्थानों​ में लेक्चर देने वाले ही अप्रशिक्षित हैं। कोचिंग संस्थानों​ के नाम व सोशल मीडिया में वाहवाही कुछ खास लोग करते हैं या यह समझलें कि उनके माध्यम से झूठा प्रचार करवाया जाता है। हजार बार झूठ बोलेंगे तो उसके चक्कर में लोग फंस ही जाऐंगे।
एक बहुत ही महत्वपूर्ण सवाल है कि कितने सौ छात्र छात्राओं के प्रशिक्षण लेने के बाद कितने आरएएस आइएएस बन पाए? कई सौ प्रशिक्षण लें और दो चार उनमें से निकलें। यह संस्था की शिक्षा मानें या उनका खुद का ज्ञान मानें? असल में तो यह उनका खुद का ज्ञान माना जाना चाहिए। 


संस्थाओं में तो शिक्षा देने वाले ही अनेक प्रशिक्षित ही नहीं है और यह पक्की खबर ही नहीं दावा है। लोग जो अपने बच्चों को सूरतगढ़ में कोचिंग दिलवाने की ईच्छा रखते हैं उनको जानकारी लेनी चाहिए कि शिक्षा देने वाले का नाम क्या है तथा वह लेक्चरार प्रशिक्षित है या नहीं है?

 पैम्फलेटों में कम फीस कोचिंग का प्रचार लोगों को आकर्षित करता है इसलिए यह देखें कि कितने छात्र छात्राएं एक कक्षा में बैठते हैं? तीस चालीस या फिर पचास साठ सत्तर तक।
आरएएस आइएएस बनाने का दावा होने वाले संस्थाओं से यह सवाल कर स्वयं मालूम करें कि जो पांच छह सौ में से चार पांच चुने जाते हैं उनके बाद जो बचते हैं वे कहां जाते हैं? संस्थान अपनी अधिकृत वेबसाइट पर प्रशिक्षण ले चुके लोगों का नाम क्यों नहीं देते?


राजस्थान उच्च न्यायालय राज्य की समस्त कोचिंग संस्थाओं के लिए सरकार से गाइडलाइन तैयार करवाना चाहते हैं। राज्य सरकार से इस बारे में जवाब भी मांग रखा है। जिस दिन यह गाइडलाइन तैयार हो जाएगी तब कोचिंग संस्थाओं को उसके अनुरूप ही कार्य करना होगा तब कोई अप्रशिक्षित शिक्षा नहीं दे पाएगा। कोई सरकारी लेक्चरार भी निजी संस्था में कार्य करेगा तो तत्काल ही पकड़ में आएगा। वैसे सरकारी शिक्षकों पर तो अभी भी निजी संस्थाओं में कार्य करने पर कोचिंग देने पर प्रतिबंध है।
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17-7-2016.
अपडेट 17-7-2017.
अपडेट 20-8-2017.
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