बुधवार, 3 फ़रवरी 2016

सूरतगढ़ में में दुकान गिरी:खतरनाक अवैध निर्माणों से संकट:






फुटपाथों व बालकॉनियों को कवर करने से भार का खतरा:
ऊंची बिना पलस्तर के दुकानें भी ढाऐगी कहर:
स्पेशल रिपोर्ट- करणीदानसिंह राजपूत


सूरतगढ़ 3 फरवरी 2016.
महाराणा प्रताप चौक पर कोने की दुकान भोर में गिर गई और उसका मलबा प्रताप की प्रतिमा से भी दूर तक पसर गया। रात को इस दुकान में नया निर्माण किया जा रहा था। पुराना निर्माण जो दो मंजिला तक था उसमें खराबा था। वह भोर में गिर पड़ा जिसका पूरा दृश्य चौक पर लगे हुए सी.सी.कैमरे में रिकार्ड हो गया। उस समय सर्दी और भोर में यातायात नहीं था। अगर यह हादसा दिन में घटित होता तो बीस तीस लोग जरूर दुर्घटना में जानलेवा चोटों से प्रभावित हो जाते।
सूरतगढ़ में नगरपालिका अधिकारियों की मिलीभगती से फुटपाथों पर दुकानों का निर्माण करने का अवैध कार्य चल रहा है। इसके अलावा सरकार की तरफ से स्पष्ट कानून है कि बॉलकानी छज्जा खुला रहेगा वह कवर नहीं होगा। लेकिन पालिका की मिलीभगती से मुख्यबाजारों में छज्जों कों कमरों का रूप देकर निर्माण किया जा रहा है जिनके कारण ऊपर भार बढ़ता है तथा उनमें सामान रखे जाने से खतरा बढ़ता है। जो
दुकान गिरी है  उसके पास ही एक दुकान का अवैध निर्माण चल रहा है जिसमें फुटपाथों को भी ऊंचा उठाकर आम जनता के लिए चलने के लिए रोक दिया गया है। इसके अलावा दुकान में छज्जों को खतरनाक ढग़ से बंद कर कमरों के रूप में बनाया गया है जिनमें भी माल भरा जाएगा। यह पूर्ण रूप में गैर कानूनी है तथा इसकी खबरें छपने के बावजूद भी पालिका ने इसे तुड़वाया नहीं और दुकान के मालिक ने खतरनाक निर्माण बंद नहीं किया। इसी प्रकार का एक निर्माण पुराने बस स्टेंड पर अभी चल रहा है जिसमें छजजों को कमरों का रूप दिया गया है।
खतरानक हालत और भी है कि रेलवे रोड जिस पर हादसा  हुआ है वहां पर जितनी भी दुकानें दो तीन मंजिला बनी है वे बिना पलस्तर के खड़ी की हुई हैं। इनका भी खतरा है।
इस प्रकार की हालत हनुमानगढ़ रोड, बीकानेर रोड,छवि सिनेमा रोड,पुरानी धान मंडी,भगतसिंह चौक व भग्गूवाला कुआ चौक आदि पर भी है। इन सभी बाजारों में बिना पलस्तर की दो तीन मंजिला दुकानें बनी हुई हैं।
महाराणा प्रताप चौक से लेकर इंदिरा सर्किल तक के दुकानों के आगे फुटपाथ कब्जे में और सड़क पर स्लॉप बना कर अवैध निर्माण से सड़क आधी रह गई है।
इसके लिए सीएम के सूरतगढ़ आने पर शिकायत की गई थी। नगरपालिका के अधिशाषी अधिकारी ने अतिक्रमण नहीं हटवाए। शिकायतकर्ता को नाम बताने का कह कर फर्ज नहीं निभाया। इस पर 4 दिसम्बर 2015 को उपखंड अधिकारी को शिकायत की गई थी कि अधिषाषी अधिकारी जिसने ना नुकर की है उसके विरूद्ध कार्यवाही की जाए।
अभी 1 फरवरी को अतिरिक्त जिला कलक्टर से भी आग्रह किया गया है कि वे स्वयं बाजार में पहुंच कर बीकानेर रोड के अतिक्रमण देखें जिन्हें पालिका हटवा नहीं रही है। इसी के साथ नव निर्माण में चल रही दुकान में फुटपाथ पर को भी ऊंचा उठा कर अतिक्रमण किए जाने का बताया गया था कि पैदल लोग कहां पर चलें?
इस हादसे के बाद स्थानीय अधिकारियों व नगरपालिका को कोई संस्था नेता जगा पाता है या नहीं?






मुख्यबाजारों में छज्जों कों कमरों का रूप देकर निर्माण किया जा रहा है जो दुकान गिरी है  उसके पास ही एक दुकान का अवैध निर्माण चल रहा है जिसमें फुटपाथों को भी ऊंचा उठाकर  रोक दिया गया है। छज्जों को खतरनाक ढग़ से बंद कर कमरों के रूप में बनाया गया है । यह पूर्ण रूप में गैर कानूनी है तथा इसकी खबरें छपने के बावजूद भी पालिका ने इसे तुड़वाया नहीं 









रेलवे रोड जिस पर हादसा  हुआ है वहां पर जितनी भी दुकानें दो तीन मंजिला बनी है वे बिना पलस्तर के खड़ी की हुई हैं। इनका भी खतरा है।

पुराने बस स्टेंड पर अभी चल रहा है जिसमें छजजों को कमरों का रूप दिया गया है

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