शुक्रवार, 18 दिसंबर 2015

हनुमान दीक्षित नोहर निर्भीक विचारों के धनी का स्वर्गवास:



विचार किरण पाक्षिक के संपादक प्रकाशक रूप में धाक थी:
- करणीदानसिंह राजपूत -
सूरतगढ़,18 दिसम्बर 2015.
सूरतगढ़,18 दिसम्बर 2015.
वरिष्ठ रचनाकार निर्भीक विचारों के धनी हनुमान दीक्षित नोहर का कल 17 दिसम्बर की शाम को स्वर्गवास हो गया। उनकी उम्र करीब 74 वर्ष थी। उनके विचार ना काहु से दोस्ती ना काहु से बैर के रूप में बड़े खुले प्रकाशित होते रहे। आजकल खुले दबंग विचार प्रगट करने में सामान्यत: लोग पीछे रहना चाहते हैं लेकिन दीक्षित जी सदा आगे दिखाई दिए। उनकी विचार धारा में राष्ट्रीयता भरी हुई थी।
यह वर्ष जाते जाते राजस्थानी और हिन्दी में लिखने वाले इस सुप्रसिद्ध रचनाकार को भी ले गया। नोहर रचनाकारों का धनी क्षेत्र रहा है।
सादर नमन


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