Wednesday, December 9, 2015

सोनिया गांधी नहीं डरती लेकिन स्थानीय कांग्रेसी तो डरपोक हैं:


भाजपा काल में स्थानीय भ्रष्टाचार और स्थानीय भाजपा नेताओं के मुद्दों पर बोलती बंद है:
- करणीदानसिंह राजपूत -
सोनिया गांधी ने कहा -मैं किसी से नहीं डरती,मैं इंदिरा गांधी की बहू हूं। सोनिया गांधी कांग्रेस जिसे इंदिरागांधी ने बनाया या नया नाम दिया,उसके स्थानीय नेता चाहे कितने ही जमीन जायदाद के मालिक हों,वे तो डरपोक हैं। न जाने क्यों उनके दिलों में डर इस कदर भर गया है कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी के बयानों, चेतावनी वाले भाषणों के बावजूद भी वह डर निकल नहीं रहा है।
जब जब कोई मामला पक्के सबूतों के साथ भाजपा के नेताओं का या उनके राज का सामने आता है,तब तब कांग्रेसी नेता कहलाने वाले उसे जनता के बीच में जोरदार हमला करने के बजाय भाग खड़े होते हैं। ये बड़े लोग बड़े व्यापारी किस्म के हैं।
इनको हर कार्य में लाभ हानि की चिंता रहती है कि मामला उठाने पर हानि ना हो जाए। भाजपा का नेता कोई नुकसान न पहुंचा डाले।
इस प्रकार की लाभ हानि की सोच वाले कांग्रेसी नेता जब मुंह से ही कुछ बोलने से डरते हैं तब वे लिखित में शिकायत कर ही नहीं सकते। इस प्रकार की सोच वाले नेता अपने कार्यकर्ताओं को भी हतोत्साहित करते हैं। यह मान लें कि बड़े नेता बुढिया गए मतलब बुड्ढे हो गए हैं तो वे अपने युवा कार्यकर्ताओं में तो उत्साह पैदा कर सकते हैं। युवाओं को मुद्दे उठाने में सहयोग कर सकते हैं।
बुढियाए नेता युवाओं में उत्साह पैदा नहीं करना चाहते,सहयोग नहीं करना चाहते,समर्थन करना नहीं चाहते। क्यों? यह कारण जानपा चाहते हैं?
बुढियाए नेताओं को यह भय सताता है कि उनकी औलादें पिछड़ जाऐंगी ये युवा आगे आ गए तो उनकी सीटों पर कब्जा कर लेंगे।
स्थानीय कांग्रेसी नेताओं को देखभाल लें कि वे भाजपा राज के स्थानीय भ्रष्टाचार पर कितना मुंह खोलते हैं और भाजपा के स्थानीय नेताओं के कारनामों पर कितने मामले दर्ज करवाते हैं और नहीं करवाते तो क्यों नहीं करवाते?
अब नेशनल हेरल्ड अखबार के मामले में सोनिया गांधी ने अपना मुंह खोला है और कहा है कि वह किसी से नहीं डरती,वे इंदिरागांधी की बहु हैं।
इस चेतावनी वाले जोशवाले बयान के बाद कांग्रेस के स्थानीय नेताओं में जोश आएगा या वे इसे कूड़ेदान में डाल देंगे।

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