Monday, October 19, 2015

सरकारी व्याख्याता और कोचिंग सेंटर:एक चुनलें:चैलेंज:


छद्म कोचिंग तो छापा भी छद्म:होशियारी काम नहीं आने वाली:
नहीं चलेगा मतलब नहीं ही चलेगा-अब रहेगी नजर और शिकायत भी
- ब्लास्ट की आवाज की तीसरी आँख की चेतावनी -दिनांक 19 अक्टूबर 2013 से.
पहले सरकारी नौकरी की भागम भाग रहती है और जब सरकारी नौकरी लग जाती है तब उसमें मन नहीं लगता। हजारों रूपए मासिक वाली सरकारी नौकरी तो है ही,उसका क्या? मन में उपजने लगते हैं करोड़ों रूपए की कमाई के ख्वाब। हसलपाई लगाने वाले मिल ही जाते हैं और प्रचारतंत्र का जादू सच्चा झूठा। अपने बाप के नाम पर,अपनी लुगाई के नाम पर अपने भाई के नाम पर गुपचुप खोल लिया जाता है कोचिंग सेंटर।
अब सरकारी स्कूल में मन नहीं लगता। दिल और दिमाग बाहर भाग कर कोचिंग सेंटर में जाने को तड़पने लगते हैं।
कौन पूछता है? किसे मालूम पड़ता है? अपने ही नाम से प्रचारतंत्र में अखबारों में विज्ञापन भी देने शुरू हो जाते हैं। अब नाम का भी कोई डर नहीं। कोचिंग में से उत्तीर्ण का परिणाम अच्छा आ गया तो सरकारी नौकरी उसके नियम कानून को धत्ता बताया और साक्षात्कार तक दे देना कि मैं कोचिंग में पांच घंटे नियमित देता हूं। शिकायत हुई और तब पूछा जाएगा कि यह साक्षात्कार में बयान आने दिया? तब क्या होगा? मित्र बेली अखबार वाले एक भी काम नहीं आएंगे।
सरकारी नौकरी पर हो जाएगा खतरा।
कोई एक जगह छपे हुए का खंडन मुंडन कर दोगे लेकिन आपके मुंह से बड़ाई में निकली बात तो दूर तक पहुंची है।
कितना छिपाओगे? कहीं न कहीं तो पकड़ में आ ही जाओगे।
सरकारी व्याख्याता का शान का कर्म और प्राईवेट कोचिंग में छिप कर चोरी का कार्य।
अच्छे गुरू कहलाते हैं तो फिर चोरी क्यों?
केवल पैसे के लिए चोरी? सरकार के साथ धोखा जो संकल्प नौकरी में लिया।
सरकारी नौकरी में अच्छा वेतन,अवकाश और पेंशन की सुविधा आपको अच्छी कयों नहीं लगती?
अच्छे गुरू और उसकी पाठशाला में चोरी का पाठ।
चोर सामान चुराए वह चोर। आप क्या चोर से कम हैं?
आखिर आपको चोर क्यों नहीं कहा जाए?
यह मान कर चलिए कि जो नियम हैं उसके अनुरूप कोई भी शिकायत कर सकता है।
अब होशियार रहिए। सरकारी नौकरी करनी अच्छी है तो कोचिंग का मोह छोड़ दें।
सरकारी नौकरी करते हुए अपने परिजनों या किसी भी अन्य स्थान पर कोचिंग में गए तो नौकरी भी गई।
निशुल्क कोचिंग का बयान कैसे चलेगा? बाप लुगाई भाई फीस वसूल कर रहे हैं न?
राजस्थान के बड़े बड़े अधिकारी तक भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की कार्यवाही के फंदे में हैं और बचने के लिए भाग रहे हैं।
ऐसा न हो कि प्राईवेट कोचिंग करते पकड़े गए तब आप भी भागने लग जाओ।



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