शुक्रवार, 1 दिसंबर 2017

प्रधानमंत्री जी,श्रीगंगानगर इलाके की बेटियां मेडिकल शिक्षा पढऩा चाहती हैं












वसुंधरा राजे श्रीगंगानगर में मेडिकल कॉलेज निर्माण नहीं कराना चाहती

विशेष रपट- करणीदानसिंह राजपूत

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी लगातार बेटियां बचाने और बेटियां पढ़ाने का भाषण दे रहे हैं लेकिन लगता है कि प्रधानमंत्री का भाषण राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की समझ में नहीं आ रहा है। राजे यहां पर मेडिकल कॉलेज निर्माण में सहयोग देना तो दूर रहा,लगातार बाधाएं डाल रही हैं।
वसुंधरा राजे जापानी सेठों की जी हजूरी और चापलूसी करने गई लेकिन राजस्थान के करोड़ों के दानदाताओं की बेकद्री करने पर लगी हुई हैं। एक तरफ तो कहा जाता है कि सरकार को खजाना खाली मिला है सरकार के पास में धन नहीं है और दूसरी तरफ करोड़ों रूपए दान में देकर मेडिकल कॉलेज खुलवाने को तत्पर बी.डी.अग्रवाल को परेशान किया जा रहा है। राजस्थान सरकार ने श्रीगंगानगर में राजकीय मेडिकल कॉलेज भवन निर्माण के लिए दानदाता को महीनों तक बैठकों के नाम पर परेशान किया। बी.डी.अग्रवाल की सार्वजनिक घोषणा थी जिसे नहीं माना तो उन्होंने चैक काट दिया। इसके अलावा सरकार ने अलग से बैंक गारंटी मांगी,वह भी दी गई।
वसुंधरा राजे चुनाव से पहले परिवर्तन यात्रा पर आई तब उनके मुंह से श्रीगंगानगर मेडिकल कॉलेज बाबत एक शब्द मुंह से नहीं निकला। उसके बाद चुनाव सभाओं में भी उन्होंने मुंह नहीं खोला। प्रदेश में भाजपा की रिकार्ड तोड़ बहुमत वाली सरकार बनी। सरकार आपके द्वार कार्यक्रम हुआ। आश्चर्य यह रहा कि बेटी बचाओ पढ़ाओ का नारा देने वाली भाजपा सरकार की मुख्यमंत्री ने एक शब्द तक नहीं बोला।
सरकार की इस नीति को भांप कर सेठ बी.डी.अग्रवाल ने राजस्थान उच्च न्यायालय की शरण ली जहां से निर्देश पारित हुए लेकिन उसके बाद भी सार्वजनिक निर्माण विभाग के द्वारा कुछ न कुछ बाधाएं कायम है। बी.डी.अग्रवाल ने प्रथम वर्ष शिक्षा के लिए प्रयोगशालाओं के उपकरण तक मंगवा लिए थे जो लाखों रूपए के हैं। शिक्षा सत्र पिछले वर्ष शुरू हो जाना था मगर वह तो इस वर्ष भी शुरू नहीं हो पाएगा।
वसुंधरा राजे श्रीगंगानगर इलाके की बेटियों से कू्रर व्यवहार करने पर तुली है। इस इलाके का मतलब है कि हनुमानगढ़ जिले के अलावा आसपास का अन्य क्षेत्र।
इस इलाके की बेटियां भी उच्च शिक्षा ग्रहण करना चाहती हैं और चिकित्सक बनना चाहती हैं। उच्च शिक्षा का मतलब केवल कला,वाणिज्य ही क्यों माना जा रहा है? श्रीगंगानगर इलाके की बेटियां मेडिकल में जाना चाहती हैं लेकिन उनके रास्ते में जानबूझ कर बाधाएं डाली जा रही है।
नरेन्द्र मोदी प्रधानमंत्री 19 अप्रेल को सांसदों के बीच में भाषण दे रहे थे। उसमें भी कई बार बेटियों को बचाने और बेटियों को पढ़ाने का आह्वान किया।
मोदी जी से आग्रह है कि वे माननीय मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को सही रास्ता दिखलाएं।
श्रीगंगानगर इलाके की बेटियां मेडिकल शिक्षा ग्रहण करना चाहती हैं उनको पढ़ाने के लिए श्रीगंगानगर में सरकारी मेडिकल कॉलेज का निर्माण करवाया जाए। इसमें बी.डी.अग्रवाल का दान लगाया जाए। अगर आपकी नाक की कोई लड़ाई है और बी.डी.अग्रवाल के धन में घिन आती है तो  तो जापानी सेठ या सेठों का धन लगवालें या फिर सरकारी धन से बनवाएं।
लेकिन सरकार के पास धन नहीं है और जिसके पास में धन नहीं है उसे इस प्रकार का व्यवहार नहीं करना चाहिए।
आज तो बी.डी.अग्रवाल निवेदन कर रहे हैं लेकिन जिस दिन



श्रीगंगागनर इलाके की जनता जाग गई और आंदोलन शुरू कर दिया तब आपकी समझ में आएगा और अपकी सरकार व आपके जन प्रतिनिधि हाथाजोड़ी करेंगे। ध्यान रहे कि वक्त की बात है और वक्त सदा एक जैसा नहीं रहता है।
20-4-2015.
up dated 4-2-2017.
अपडेट 2.12.2017.
( श्रीगंगानगर में एक बार फिर आवाज उठाई जा रही है।)


कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

यह ब्लॉग खोजें