Tuesday, March 7, 2017

राम जन्म स्थान की खुदाई के भवन अवशेष:बाबरी मस्जिद बिना खरीदी जमीन पर कैसे बनी?


मुस्लिम धर्म में कहा जाता है कि मस्जिद कब्जे की हुई जमीन पर नहीं बनाई जाती,तब राम जन्म स्थल तोड़ कर क्यों बनाई गई?
राम जन्म स्थल के खुदाई में निकले अवशेष हिन्दु धर्म स्थल जैसे हैं-लेकिन चैनल वाले उन्हें दिखाते क्यों नहीं?


प्रस्तुति- करणीदानसिंह राजपूत

लिखा गया----- 31-3-2015.
up date -----   7 - (3-2017.

***********************************************************

मुस्लिम धर्म में किसी कब्जा कर प्राप्त की जाने वाली जमीन को नापाक माना जाता है और उस स्थान पर कुरान नहीं पढ़े जाने का कहा जाता है। ऐसी जमीन पर मस्जिद का निर्माण नहीं किया जा सकता क्योंकि मस्जिद में पवित्र कुरान का पाठ होता है।
अयोध्या में राम लल्ला के जन्म स्थल को हमला कर तोड़ कर बाबरी मस्जिद कैसे बनाई गई? मुस्लिम शासक ने हमला कर राम लल्ला का जन्म स्थान भवन तोड़ कर वहां पर मस्जिद बना भी दी तो वहां पर पवित्र कुरान का पाठ तो नहीं होना चाहिए। इस बारे में ना तो कोई चैनल रिपोर्ट देता है न कोई बहस करवाता है।
बहस का मुद्दा भी केवल एक ही विषय पर केन्द्रित हो कि कुरान में लिखा है कि मस्जिद निर्माण किस प्रकार के स्थल पर होना चाहिए।

कथित बाबरी मस्जिद पहले राम लल्ला का महल भवन था और उसकी खुदाई में हिन्दु भवन के चित्रकारी वाले खंभे आदि के अवशेष निकले थे। लेकिन ना जाने क्यों कोई भी चैनल उनको दिखलाता क्यों नहीं है? भारतवासी धर्म प्रिय व राजनैतिक लोग भी इसकी मांग नहीं कर रहे?
हालात धर्म के रूप में और इतिहास के रूप में एकदम साफ होना चाहिए।
वैसे एक बात कहना चाहता हूं कि बाबरी मस्जिद पर मुस्लिमों का कब्जा बतलाया जाता है और कहा जाता है कि उस पर हिन्दुओं कोई हक नहीं है।
संपूर्ण भारत पर मुस्लिमों का व अग्रेजों पुर्तगालियों आदि का कब्जा हो गया था तो क्या भारत को आजाद नहीं करवाया जाना चाहिए था? तर्क के हिसाब से तो भारत पर हिन्दुओं का हक ही नहीं है। असल में बाबरी मस्जिद के मामले में अपने आपको धर्म निरपेक्ष कहने वाले राजनैतिक व्यक्ति,पत्रकार लेखक आदि का मानना और कहना है कि बाबरी मस्जिद स्थल पर मुसलमानों का हक है। लेकिन वे मुस्लिम धर्म ग्रंथों व कुरान आदि में लिखे बताए गए निर्देशों की बात नहीं करते और उनका कोई उल्लेख नहीं करते और करना भी नहीं चाहते।
अब बाबरी मस्जिद विवादित ढांचा गिराए जाने का मामला एक बार फिर से गरम है तब तो हालात स्पष्ट होने ही चाहिए।



No comments:

Post a Comment

Search This Blog