Sunday, December 2, 2012

विधायक के खासमखास रणवीर सहारण को भी हुआ गलत आवंटन:खबर-करणीदानसिंह राजपूत

विधायक गंगाजल के नजदीकी रणवीर सहारण का आवेदन

रणवीर सहारण का हल्फनामा

बाबूसिंह खीची की शिकायत का महत्वपूर्ण भाग


समाजसेवी बाबूसिंह खीची का आरोप-दस्तावेज झूठे देकर सत्ताधरियों व प्रभावशालियों ने हड़पे भूखंड:
लोगों ने भूखंड लिए और 10 सालों की शर्त के बावजूद बेच दिए-खरीदार संकट में
अधिशाषी अधिकारियों भंवरलाल सोनी और राकेश अरोड़ा-मेंहदीरत्ता पर सरकारी सपत्ति कम मूल्य में लुटाने का आरोप:
आईडीएसएमटी योजना के भूखंड आवंटन का महाघोटाला:
सूरतगढ़,2 दिसम्बर 2012. सूरतगढ़ में आईडीएसएमटी योजना के तहत वर्तमान टैगोर कॉलेज के साथ की कॉलोनी में फर्जी दस्तावेजों पर भू खंउ आवंटित कराने वालों में अनेक लोगों ने अपने भूखंडों को आगे बेच कर लाखों रूपए का मुनाफा कमा लिया लेकिन उन भूखंडों के खरीदारों पर संकट घिर गया है। आवंटी 10 साल तक भूखंड को बेच नहीं सकता था। यह शर्त होते हुए भी उसने तो बेचा मगर खरीदार ने भारी रिस्क जोखिम खतरा लेकर भूखंड को खरीदा क्यों? सूरतगढ़ में अनेक प्रोपर्टी डीलर जो अब खुद को प्रोपर्टी एडवाइजर बताने लगे हैं,उन लोगों का भी खरीदार को अंधेरे में रखते हुए भूखंडों के बिकवाने में हाथ है। ये लोग किसी भी दस्तावेज पर हस्ताक्षर नहीं करते और खरीदार को उलझा देते हैं। निरस्तीकरण की सूची में जो भूखंड आए हैं उनमें से जो बेच दिए गए हैं उनको नियमानुसार सरकार अपने कब्जे में लेगी। खरीदारों की लाखों रूपए की रकम डूब जाएगी। खरीदार धोखाधड़ी का मामला चाहे चलाते रहें।

बाबूसिंह खीची का आरोप है कि अनेक प्रभावशाली लोगों ने जो सत्ताधरियों के नजदीकी थे,ने झूठे हल्फनामें देकर भूखंड हड़प लिए।
आवेदकों ने अपनी आय कम बतलाई और मकान होते हुए भी तथ्य को छुपाया। आवेदकों के दस्तावेजों की सही जांच करने की ड्यूटी अधिशाषी अधिकारियों की थी। उन्होंने जांच नहीं की और सत्ताधरियों व प्रभावशाली अपात्र आवेदकों को भूखंड आवंटित कर दिए।

बाबूसिंह खीची ने आरोप लगाया है कि विधायक के अत्यन्त नजदीकी रणवीर सहारण ने जिन दस्तावेजों के सहारे भूखंड प्राप्त किया वे सभी लोगों को देखने चाहिए ताकि मालूम हो कि आवंटन में कितना फर्जीवाड़ा हुआ है। खीची ने आरोप लगाया है कि सेना परिवारों को इनमें से भूखंड मिलने थे,लेकिन इसका व्यापक प्रचार तक नहीं किया गया। प्रभावशाली लोगों को ही भूखंड आवंटित करने में सब नियम कानून ताक पर रख दिए गए। प्रचार प्रसार नहीं होने के कारण उनके आवेदन नहीं आए। खीची ने कहा है कि इस घोटाले के सभी दोषियों को दंड दिलवाया जाएगा ताकि आगे कोई इस प्रकार की हेराफेरी नहीं कर सके।


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