रविवार, 15 जनवरी 2012

चमत्कारी शिव मंदिर सूरतगढ़:आस्था का चमत्कार- करणीदानसिंह राजपूत





सार्वजनिक निर्माण विभाग विश्राम गृह के पीछे पेड़ों से घिरा है यह मंदिर:
श्रद्धालुओं के अलावा हजारों पक्षी तोते कबूतर चिडिय़ां चुगते हैं दाना और अठखेलियां करती विचरण करती है गिलहरियां:
मन की शांति का प्रतीक:

    इस चमत्कारी शिव मंदिर को किन श्रद्धालुओं ने बनवाया और कैसे चमत्कारी शिव मंदिर नाम दिया गया। यह विषय आस्थावान लोंगों कें लिए गौण हो जाता है। श्रद्धा और विश्वास से जब पूजन होता है तो बहुत कुछ मिल जाता है जो किसी को मालूम नहीं पड़ता। यही आस्था और विश्वास लोगों को इस मंदिर में प्रवेश कराता है। मैंने अनेक लोगों को इस मंदिर में शिव लिंग पर जलाभिषेक करते दुग्धाभिषेक करते देखा है। उनको भी देखा है जो बेलपत्र चढ़ाते हैं और चंदन का त्रिपुंड बनाते हैं। पति के जीवन की दीर्घायु की कामना। अपने लिए अच्छे वर की अभिलाषा। हर श्रद्धालु की अपनी अपनी कामना अपनी अपनी मन्नौतियां। मंदिर में ही परिक्रमा में एक खेजड़ी है जिसके तने पर श्रद्धालु मन्नौतियों की रोली बांधते रहते हैं।
    यह मंदिर हरियाले पेड़ों से घिरा हुआ हे जहां शांति जरूर मिलती है। श्रद्धालु चुग्गा चौक पर दाना डालते रहते हैं। हजारों पक्षी तोते कबूतर चिडिय़ां चुगते हैं दाना और अठखेलियां करती विचरण करती है गिलहरियां।
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वैवाहिक-वधु चाहिए:
राजपूत बैंस गोत्रीय मांगलिक, एम.ए.युवक के लिए सुंदर सुशील वधु चाहिए। बीकानेर संभाग की वधु को प्राथमिकत

कद-5 फुट 9 ईंच
जन्म तिथि व जन्म स्थान: 17 नवम्बर 1983 प्रात:3 बजे, सूरतगढ़ राजस्थान
सूरतगढ़ जिला श्रीगंगानगर में अपना मोबाईल शॉप,
सम्पर्क- 94143 81356

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