Wednesday, June 29, 2011

करोड़ों रूपए के मार्केट कॉम्पलेक्स के अवैध निर्माण को गिराने की मांग

नगरपालिका कहीं न कहीं गैर मंजूरी के निर्माण अवैध मान कर तोड़ती रही है, मगर इस निर्माण को नहीं तोड़ा।

अमित कल्याणा ने जिला कलेक्टर से भेट कर दिया ज्ञापन

बहुजन समाज पार्टी के नगर अध्यक्ष अमित कल्याणा ने जिला कलेक्टर से भेट कर दिया ज्ञापन
जिला कलेक्टर ने जांच कराने का कहा
फरवरी 2011 से हो रहा है निर्माण पालिका प्रशासन अखबारों में छपने के बावजूद चुप रहा
विपक्षी राजनैतिक दल भाजपा के कदावर नेताओं ने भी इस पर आंखें बंद रखी
अधिशाषी अधिकारी फंसेगा या फिर अतिक्रमण रोधक दस्ता इंचार्ज
करणीदानसिंह राजपूत
सूरतगढ़, 29 जून। शहर के बीच में जहां पर नगरीय कानून नियमों के तहत आवासीय क्षेत्र में जहां पर संकड़ी गली है वहां पर किसी भी हालत में व्यावसायिक काम्पलेक्स नहीं बनाया जा सकता, मगर यहां पर वार्ड नं 14 में बनाया जा रहा है। व्यावसायिक कॉम्लेक्स के लिए भू परिवर्तन नगर नियोजक की मंजूरी से ही किया जा सकता है, मगर अखबारों खासकर ब्लास्ट की आवाज में कई बार सचित्र छपने के बावजूद भी नगरपालिका  प्रशासन ने कार्यवाही नहीं की।
    अधिशाषी अधिकारी की ओर से एक नोटिस भेजा गया यह सुनने में आया कि वह नोटिस भी निर्माणकर्ता को दिया जाने के बजाय वहां चिपकाया गया। सवाल यह है कि अगर वहां पर निर्माण करने वाला ही कोई नहीं मिला तो उसके बाद भी निर्माण जारी किसने रखा। इसके समाचार भी सचित्र छपते रहे मगर अधिशाषी अधिकारी किशन लाल सेंगवा ने आगे कोई कदम नहीं उठाया। नगरपालिका का अतिक्रमण रोधी दस्ता जिसका इंचार्ज लाल चंद सांखला को बनाया हुआ है, उसकी तरफ से भी कोई कार्यवाही नही हुई। नगरपालिका से मंजूरी नहीं लेकर किया हुआ हर निर्माण अवैध की श्रेणी में ही आता है तथा उसको बिना कोई सूचना के तोड़े जाने का प्रावधान है। नगरपालिका कहीं न कहीं गैर मंजूरी के निर्माण अवैध मान कर तोड़ती रही है, मगर इस निर्माण को नहीं तोड़ा।
नगरपालिका प्रशासन ने राजनैतिक दबाव से आगे कोई कदम नहीं बढ़ाया या फिर संबंधित निर्माता ने मंजूरी लेली। इसके लिए समाचार पत्रों को कोई भी अधिकृत सूचना जारी नहीं की गई।
    नगरपालिका के अधिशाषी अधिकारी किशनलाल सेंगवा और नागरिक प्रशासन के एडीएम व एसडीएम बार बार छपने के बावजूद इस अवैध निर्माण को देखने तक नहीं गए। इसी शह के कारण यह निर्माण जारी रहा। इस अवैध निर्माण को प्रतिपक्ष के नेताओं के चुप रहने का लाभ मिला। भाजपा के कदावर नेता चुप रहे और चेताए जाने के बावजूद मुंह नहीं खोला। भाजपा के नेता इस निर्माता से डरते हुए दहशत में रहे या उनका भीतर से कोई समझौता हुआ।
    देर से ही सही बहुजन समाज पार्टी ने इसकी शिकायत 29 जून को जिला कलेक्टर से की है। नगर अध्यक्ष अमित कल्याणा ने जिला कलकटर से भेंट करके सारे हालत से अवगत कराते हुए इस अवैध निर्माण को गिराने की मांग की है।
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Saturday, June 25, 2011

शब्द चित्र: मैं नौजवान भारत का विक्रमादित्य सिंह कहलाऊं।

मैं नौजवान भारत का, संघर्षों से जूझता, लम्बा कूदता, ऊंचा चढ़ता,    आगे बढ़ता जाऊं, आकाश से बातें करता,विक्रमादित्य सिंह कहलाऊं।
प्रस्तुत कर्ता- करणीदानसिंह राजपूत
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Wednesday, June 15, 2011

अधिशाषी अधिकारी भंवरलाल सोनी पर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो में मामला दर्ज

मदनसिंह बुडानिया और भंवरलाल सोनी

हनुमानगढ़ नगरपालिका में धोखाधड़ी और अपराधिक षडय़ंत्र कर राजकोष को हानि पहुंचाई
करणीदानसिंह राजपूत
सूरतगढ़, 15 जून। सूरतगढ़ और हनुमानगढ़ में रह चुके अधिशाषी अधिकारी भंवरलाल सोनी पर हनुमानगढ़ नगरपालिका में फर्जीवाड़ा करने के आरोप में एक और प्रकरण भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो में दर्ज हुआ है। ब्यूरो की हनुमानगढ़ चौकी में यह प्रकरण 13 जून 2011 को दर्ज हुआ है। भ्रष्टाचार के आरोप में निलंबित चल रहे अधिशाषी अधिकारी मदनसिंह बुडानिया की शिकायत पर यह प्रकरण दर्ज हुआ है। इसमें
    बुडानिया ने शिकायत में आरोप लगाया है कि जिस समय संतोष बंसल नगरपालिका अध्यक्ष पद पर थी तब यह घोटाला हुआ। पालिकाध्यक्ष संतोष बंसल और अधिशाषी अधिकारी भंवरलाल सोनी ने फर्जी कागजात से सन 2004 में तूराब खां पुत्र बशीर निवासी पूरा की ढ़ाणी जिला झुंझनु को अरोड़ वंश धर्मशाला के पास में श्रीगंगानगर मार्ग पर भूखंड संख्या 46 आवंटित कर दिया। तूराब खां को यह भूखंड 1975 में आवंटित होना बताया गया।
    नगरपालिका ने सन 2005 में भूखंड संख्या 46 को खाली मानते हुए खुली बोली में नीलाम कर दिया। इस भूखंड को कृष्णचन्द्र शर्मा पुत्र खरता राम ने खरीदा। इसी बीच तूराब खां नगरपालिका में इस भूखंड को आना बताते हुए दावा किया गया जिसमें कागजात खो जाना बतलाया। नगरपालिका के तत्कालीन अधिकारियों ने जांच की तो तूराब खां का दावा असत्य पाया गया था। तब इसकी शिकायत भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो में की गई थी।
    अधिशाषी अधिकारी मदनसिंह बुडानिया और अधिशाषी अधिकारी भंवरलाल सोनी में ठनी हुई तथा दोनों एक दूजे के भेद खोलते हुए बैरी बने हुए हैं। मदनसिंह बुडानिया सूरतगढ़ नगरपालिका में किए भ्रष्टाचार के प्रकरण में ब्यूरो की श्रीगंगानगर चौकी की ओर से गिरफ्तार किये जा चुके हैं तथा अभी जमानत पर चल रहे हैं। मदनसिंह बुडानिया चुरू में अधिशाषी अधिकारी पद पर थे तब उनको गिरफ्तार किया गया और उनको इसकी भनक तक नहीं चली थी। बहुत ऊंची पहुंच होते हुए भी कुछ दिन जेल व चिकित्सालय में बिताने के बाद में जमानत हो पाई थी। मदनसिंह के प्रकरण में स्वायत शासन निदेशालय ने चालान पेश करने की अनुमति देदी थी। ईओ भंवरलाल सोनी के प्रकरणों में स्वायत शासन निदेशालय ने अभी तक कई मामले दर्ज हो चुकने के बावजूद निलंबित तक नही किया है। मदनसिंह ने अब वही तरीका अपनाया है जो उस पर अपनाया गया था।

Tuesday, June 14, 2011

सूरतगढ़ में भूमि आवाप्ति का विरोध शुरू : जान दे देंगे- भूमि नहीं देंगे

उपखंड अधिकारी कालू राम को ज्ञापन देते हुए
भाजपा के पूर्व विधायक अशोक नागपाल खातेदारों को संबोधित करते हुए
खातेदार बैठे हुए
सूरतगढ़ में भूमि आवाप्ति का विरोध- चेतावनी वाले गर्मा गर्म भाषण
लिखित में चेतावनी-आमरण अनशन धरना प्रदर्शन - शांति भंग हो सकती है- कोई बड़ी दुर्घटना की आशंका जिसकी जिम्मेवारी सरकार की होगी
किसान और भू मालिकों ने मुख्यमंत्री के नाम  एसडीएम भूमि आवाप्ति अधिकारी को दिया ज्ञापन
आवासन मंडल कॉलोनी के लिए राष्ट्रीय उच्च मार्ग पर होने वाली है आवाप्ति
करणीदानसिंह राजपूत
सूरतगढ़, 14 जून। राष्ट्रीय उच्च मार्ग नं 15 के आसपास की नगरपालिका क्षेत्र व आसपास के क्षेत्र की जमीनें आवाप्ति को लेकर सूरतगढ़ में तूफान खड़ा हो गया है। खातेदार व भू मालिक भूमि आवाप्ति की सूचना जारी होने तथा और भी भूमि आवाप्त की जाने की खबरें मिलने के एकजुट होकर व राजनैतिक पार्टियों व कार्यकर्ताओं को साथ लेकर विरोध शुरू कर दिया है।
    उपखंड कार्यालय के आगे 14 जून को भूमि मालिकों व राजनैतिक कार्यकर्ताओं का जमाव हुआ और सभा में जोरदार शब्दों में सरकार को चेतावनी दी गई कि मर जाऐंगे मगर भूमि को आवाप्त नहीं होने देंगे। गर्मागर्म भाषण अधिकतर राजनैतिक कार्यकर्ताओं ने ही दिए, लेकिन मुख्यमंत्री के नाम उपखंड अधिकारी को जो ज्ञापन सौंपा गया, उसमें किसी बड़ी दुर्घटना तक की आशंका प्रगट करते हुए जिम्मेवारी सरकार की होने का लिखा गया है। ज्ञापन में लिखा गया है कि पीढ़ी दर पीढ़ी जमीनें सहेज कर रखी गई है जिन्हें अधिग्रहण से मुक्त नहीं किया गया तो मानसिंक रूप से उद्वेलित परिवार आमरण अनशन एवं धरना प्रदर्शन करेंगे जिससे कस्बे की शातिं भंग होने व किसी बड़ी दुर्घटना के होने का अंदेशा भी है जिसके लिए पूरी तरह से राज्य सरकार जुम्मेवार होगी।
    ज्ञापन में बिंदुवार लिखा गया है।
1.राज्य सरकार की 14 मार्च 2011 की अधि सूचना में केवल खसरा नं दिए हुए हैं तथा आवाप्त की जाने वाली भूमि के मालिकों को इसकी सूचना नहीं है, जोकि प्राकृतिक न्याय के विरूद्ध है।
2.अधि सूचना में वर्णित भूमि खातेदारी व बारानी है जो राष्ट्रीय उच्च मार्ग नं 15 पर है जो अति महत्व की है तथा पालिका क्षेत्र का विस्तार होने के कारण इसका महत्व और बढ़ गया है।
3. इस भूमि पर खातेदार अपने हिस्सों पर काबिज चले आ रहे हैं, तथा अपने अपने मालिकाना अधिकार की भूमि में विकास की अपनी योजनाएं  बना रखी है। इसके लिए भूमि रूपान्तरण शुल्क भी जमा करवा रखा है। वर्तमान में धाराप 90 बी के तहत खातेदारी अधिकार सरकार को समर्पित कर स्थानीय निकाय से पट्टे भी जारी करवा रखे हैं। कई परिवारों ने अपने परिवारों की जरूरतों के मुताबिक व्यावसायिक प्रतिष्ठान शुरू कर रखे हैं। कुछ खातेदारों ने राष्ट्रीय राज मार्ग पर दुकानों के प्लॉट बनाकर विधिपूर्वक बेचान कर रखे हैं जिनकी उप पंजियक कार्यालय में व्यावसायिक दरों  पर पंजियन करवाया हुआ है।
4. खसरा नं 330 में टैगोर मेमोरियल विद्यालय समिति के नाम से भूमि व्यावसायिक दर पर पंजीकृत है तथा शैक्षणिक गतिविधियों व महाविद्यालय प्रयोजनार्थ विकास योजना भी बनी हुई है। इसमें कस्बा सूरतगढ व आसपास के हजारों विद्यार्थियों के भविष्य पर असर पड़ेगा जिसके कारण विद्यार्थियों में भूमि आवाप्ति को लेकर रोष है।
5. और 6 में भी व्यापक तथ्य सहित लिखा गया है।
7.यह लिखा गया है कि जो भूमि आवासन मंडल को 380 बीघा दी गई है, उसके साथ ही राजकीय भूमि भी पड़ी है जिसके लिए आवासन मंडल को अधिक कीमत भी नहीं चुकानी पड़ेगी। जबकि खातेदारी भूमि की कीमत करोड़ों रूपयों में चुकानी पड़ेगी तथा जो लोग भूमि नहीं छोड़ेंगे उनके साथ अदालतों में लड़ाई लडऩी होगी। यी सब आवासन मंडल के लिए असुविधाजनक होगा व जिसमें खर्चा भी लगेगा। सरकारी भूमि पर अतिक्रमण भी हो रहे हैं।
8. इसी बिंदु में चेतावनी दी हुई है जिसका वर्णन शुरू में ही कर दिया गया है।
    उपखंड अधिकारी को यह ज्ञापन सोंपे जाने से पहले एक सभा हुई जिसमें गर्मागर्म भाषणों में सरकार को चेतावनी दी गई और किसान विरोधी बतलाते हुए जम कर कोसा गया। सभा को भाजपा के पूर्व विधायक अशोक नागपाल, राजेन्द्र भादू, पीताम्बर दत्त शर्मा, देहातमंडल के अध्यक्ष नरेन्द्र घिंटाला, जिला मंत्री शरणपालसिंह मान ने, कांग्रेस के प्रभुदान गेधर ने, शिव सेना के जिला अध्यक्ष ओम पुरोहित व माकपा के मदन औझा ने संबोधित किया। इसके बाद राजनैतिक कार्यकर्ता और भूमि मालिक नारे लगाते हुए उपखंड अधिकारी के पास पहुंचे और ज्ञापन दिया। इस कार्यक्रम में भाजपा नगरमंडल के अध्यक्ष गुरदर्शनसिंह सोढ़ी, पूर्व अध्यक्ष विजयकुमार गोयल व सोहनलाल अग्रवाल,माकपा के सचिव लक्ष्मण शर्मा भी मौजूद थे।
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Sunday, June 12, 2011

अधिशाषी अधिकारी भंवरलाल सोनी व तत्कालीन अध्यक्ष पर आरोप

 सूरतगढ़ में भूखंड नीलामी में घोटाला
तत्कालीन अधिशाषी अधिकारी भंवरलाल सोनी व तत्कालीन अध्यक्ष पर आरोप
नगरपालिका को 27 लाख रूपए का चूना लगाया
इसी प्रकार के प्रकरण में ईओ मदनसिंह बुडानिया की गिरफ्तारी हुई और कुछ दिन जेल में रहने के बाद जमानत हुई थी व अब निलम्बन पर हैं
भ्रष्टाचार के प्रकरण में निलम्बित ईओ मदनसिंह बुडानिया और अब आरोपों के घेरे में तत्कालीन ईओ भंवरलाल सोनी

करणीदानसिंह राजपूत
सूरतगढ़, 12 जून।  नगरपालिका सूरतगढ़ की ओर से भूखंड आवंटन में हुए घोटालों में तत्कालीन अधिशाषी अधिकारी भंवरलाल सोनी व तत्कालीन अध्यक्ष आरोप के घेरे में हैं। यह प्रकरण ठीक उसी तरह का है जैसा अधिशाषी अधिकारी मदनसिंह बुडानिया का था और उनको गिरफ्तार किया गया व कुछ दिन जेल की हवा खाने के बाद जमानत हुई थी। इस नए प्रकरण में खास यह है कि यह प्रकरण मदनसिंह बुडानिया की ओर से भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो में शिकायत के बाद में जांच शुरू हुई है।
    मदनसिंह बुडानिया आजकल जयपुर में रह रहे हैं। उन्होंने इस प्रकरण में आरोप लगाया है कि ईओ भंवरलाल की कार्यवाही से नगरपालिका को करीब 27 लाख रूपए का चूना लगा है।
वष्र 2007-8 में सूरतगढ़ के निजी बस स्टेंड पर नीलामी में मनोजकुमार पुत्र कन्हैयालाल, कन्हैयालाल पुत्र रामलाल, सतीष कुमार पुत्र रूपचंद,विमलादेवी, मनजीतकौर व बिन्दु के नामों से भूखंड विक्रय हुए। इन खरीदारों को बोली पक्ष में छूटने के बाद में नियमानुसार निर्धारित एक चोथाई रकम जमा करानी थी। यह रकम जमा नहीं कराए जाने पर भूखंड नगरपालिका के अधिकार में चले जाने की श्रेणी में हो गए थे। लेकिन तत्कालीन अधिशाषी अधिकारी भंवरलाल सोनी और अध्यक्ष ने पद का दुरूपयोग करते हुए मिली भगत करते हुए अवधि गुजर जाने के बाद भी रकम जमा करवा कर भूखंड आवंटित कर दिए।
    इस प्रकरण की जांच ब्यूरो की श्रीगंगानगर चौकी के निरीक्षक प्रशांत कौशिक को सौंपी गई है।
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मीडिया प्रशासन पुलिस और पालिका के गैर कानूनी कार्य छापता है मगर भाजपा नेता चुप हैं

भाजपा नेताओं की हालत बयान करता हुआ भाजपा का झंडा
सूरतगढ़ के भाजपा के नेताओं की शक्ति क्षीण हो गई
बड़े नेताओं की देखने बोलने लिखने की ताकत नहीं रही
मीडिया प्रशासन पुलिस और पालिका के गैर कानूनी कार्य छापता है मगर भाजपा नेता चुप हैं
भाजपा नेताओं के घरों पर तो पार्टी का झंडा तक नहीं
लीर लीर पार्टी का झंडा और लीर लीर पार्टी की हालत
करणीदानसिंह राजपूत
सूरतगढ़, 12 जून।  भाजपा के पूर्व प्रदेश महामंत्री रामपाल जाट की पत्रकार वार्ता में पत्रकारों से उनके सहयोग के आग्रह पर भाजपा की बड़ी रोचक और बड़ी दयनीय हालत उजागर हुई। भाजपा की कही और लिखी हर बात मीडिया प्रकाशित करता रहा है। मगर मीडिया सरकारी कार्यालयों में हो रहे भ्रष्टाचार और अनियमितताओं गैर कानूनी कार्यों की खबरें रपटें और फोटो छापता है तब भाजपा नेता कार्यवाही कराना तो दूर रहा उस पर कोई पत्र तक नहीं लिखना चाहते, न देखना चाहते हैं और न सुनना चाहते हैं। चुप रहते हैं और यह खेल जनता देख रही है।
    भाजपा के बड़े नेता पार्टी का टिकट लेकर विधायक बनने के सपने तो ले रहे हैं, मगर पीडि़त जनता के लिए कुछ भी करने को तैयार नहीं हैं। प्रशासन गरीबों के घर अतिक्रमण बताते हुए तोड़ता रहता है और बड़े लोगों के दो करोड़ तक के मार्केट कॉम्पलेक्स बन रहे हैं जो भाजपाप नेताओं के घरों से 2 सौ मीटर तक की दूरी पर ही हैं मगर इनको दिखाई नहीं देता कि उसके लिए प्रशासन को तुड़वाने का लिख कर दिया जाए। भाजपा नेताओं की नजरें कमजोर हो गई है वो देख नहीं पा रहे हैं, उनके हाथ कमजोर हो गए हैं कि उनसे लिखा नहीं जा रहा है, कान कमजोर हो गए हैं जिनसे गरीबों पीडि़तों की पुकार सुनी नहीं जा रही है, मुंह की कमजोरी बढ़ गई है कि बोलने की ताकत नहीं रही है। नगरपालिका में आए दिन लोगों को गरीबों को पीडि़त किया जा रहा है और पुलिस आए दिन किसी न किसी गरीब की सिलट निकालती रहती है मारपीट करती रहती है। ये घटनाएं अखबारों की सुर्खियां बनती है, मगर सत्ता आने और विधायक आदि बनने के सपने लेते रहने में यह घिनौना खेल देख रहे हैं।
    यह बात उठी तब किसी के पास बोलने को कुछ भी नहीं रहा था। ये बातें पिछले कुछ महीनों से जनता के मुंह से यत्र तत्र निरंतर निकल रही है, मगर भाजपा के बड़े नेताओं के रवैये से कई बार तो यह शक तक होने लगता है कि उनकी मिली भगती या चुपी से सहयोग तो नहीं दिया जा रहा है।
इसके अलावा एक प्रश्र और रोचक सामने आ गया कि भाजपा किसानों के लिए जो मांगे आज उठा रही है तथा कांग्रेस की सरकार को कोस रही है, बुरा भला कह रही है, लेकिन भाजपा का राज भी आता रहा है, जिसमें कार्यवाही क्यों नहीं की जाती है। यह बात उठी कि आज किसानों की जो मांगे और पीड़ाएं हैं, वे भाजपा का राज आने पर तो पूरी कर दी जाएगी और परेशानियां दूर करदी जाएंगी। इस पर रामपाल जाट ने हां भरी।
    पत्रकार वार्ता में पूर्व विधायक अशोक नागपाल, बड़े नेता राजेन्द्र भादू, नगर मंडल अध्यक्ष गुरदर्शनसिंह सोढ़ी व देहात मंडल अध्यक्ष नरेन्द्र घिंटाला उपस्थित थे। पूर्व राज्य मंत्री रामप्रताप कासनिया नहीं थे। जहां तक हर तरह से चुपी धारण किए रखने का प्रश्र पत्रकार वार्ता में मौजूद पूर्व विधायक अशोक नागपाल व राजेन्द्र भादू की तरफ इशारा करता हुआ है। राजेन्द्र भादू और रामप्रताप कासनिया के निवास से करीब 2 सौ मीटर के पास में ही अवैध बिना मंजूरी के करोड़ों रूपयों का मार्केट कॉम्लेक्स बन रहा है तथा उसके बारे में निरंतर छप भी रहा है, कि प्रशासन गरीबों के घरों को आए दिन तोड़ देता है, मगर इस कॉम्पलेक्स के निर्माण को ध्वस्त करने के लिए कदम नहीं उठा रहा है। प्रशासन की इस दोगली नीति पर भाजपा के नेता चुपी धारण किए हुए हैं जिसका क्या मतलब निकाला जाना चाहिए? कि भाजपा को दिल्ली का भ्रष्टाचार तो दिखाई पड़ रहा है, मगर यह आसपास का भ्रष्टाचार दिखाई क्यों नहीं दे रहा है?
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Friday, June 10, 2011

श्री बालाजी किशन पितरजी मंदिर में आयोजन

नानी बाई रो मायरो कथा का शुभारंभ
करणीदानसिंह राजपूत
सूरतगढ़, 10 जून।  श्री बाला जी किशन पितरजी मंदिर में 10 जून से नानी बाई रो मायरो कथा का शुभारंभ हुआ। भक्त प्रेमा बाई ने आरती करके कथा दरबार की स्थापना करवाई।
    कथा वाचन पं.भवानी शंकर महाराज सीकरवासी ने नरसी जी के जन्म, नानी बाई की शादी, तथा नरसी जी को मायरे का निमंत्रण देने के वृतांत सुनाए। संगीतमय कथा में भवानीशंकर महाराज ने पीतरजी की फौज करेगी मौज, सूरतगढ़ में अगर तेरा दरबार ना होता और तू जाने तेरा काम जाने भजन भी सुनाए जिन पर श्रद्धालु झूमने लगे थे। श्रद्धालुओं के लिए लंगर लगाया गया था। शनिवार को गणेश विवाह का वृतांत सुनाया जाएगा। यह कथा तीन दिवसीय है जिसका पहला दिन था।
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